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बेटियों को आगे बढ़ने से मत रोकिए : गौतमी कपूर

तेरे शहर में स्नेहा माथुर के किरदार में नजर आ रही हैं गौतमी कपूर

बेटियों को आगे बढ़ने से मत रोकिए : गौतमी कपूर
टीवी आर्टिस्ट
दिल्ली. गौतमी कपूर इन दिनों स्टार प्लस पर आ रहे शो ‘तेरे शहर में’ में स्नेहा माथुर के किरदार में नजर आ रही हैं। इसमें वह ऐसी मां के किरदार में हैं, जो अपनी बेटियों को हालात से लड़ने के लिए एनकरेज करती है। सिंगल मदर पैरेंट के लिए अपने बच्चों को संभालना कितना टफ होता है? ऐसी मांओं को किस तरह आगे बढ़ना चाहिए, बता रही हैं गौतमी कपूर।
करीब एक साल के बाद टीवी पर गौतमी कपूर ने कमबैक किया है। ‘खेलती है जिंदगी आंख मिचौली’ में श्रुति के किरदार में उन्हें काफी पसंद किया गया था। आजकल वह स्टार प्लस पर टेलिकास्ट हो रहे सीरियल ‘तेरे शहर में’ में स्नेहा माथुर के रोल में नजर आ रही हैं। इस शो से जुडेÞ सवालों को लेकर रविवार भारती की उनसे टेलीफोन पर बात हुई। पेश है प्रमुख अंश।
पिछले साल से आप टीवी पर नजर नहीं आर्इं, कहां बिजी रहीं?
एक्चुअली इस दौरान मैं अच्छे रोल का वेट कर रही थी। लगातार स्क्रिप्ट पढ़ रही थी, जब परफेक्ट रोल मिला तो वापस आ गई।
‘खेलती है जिंदगी आंख मिचौली’ में श्रुति और ‘तेरे शहर में’ स्नेहा माथुर सिंगल पैरेंट मदर हैं। एक बार फिर इस तरह के रोल को आपने क्यों एक्सेप्ट किया?
श्रुति और स्नेहा के रोल में काफी डिफरेंस है। श्रुति सिंगल पैरेंट तो थी लेकिन वह वर्किंग वूमेन भी थी, नॉर्मल फैमिली से बिलॉन्ग करती थी। जबकि स्नेहा शुरू से सिंगल मदर नहीं है, वह वर्किंग भी नहीं है। वह एक बिजनेस टाइकून की पत्नी है। इस तरह दोनों रोल्स में काफी डिफरेंस है।
नीचे की स्लाइड्स में पढ़िए, एक वर्किंग मदर के लिए घर-बाहर को संभालना कितना टफ होता है? -
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