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''फ्रॉड सैयां'' में अरशद ले रहे 13 शादियों का सुख, राजनीति पर फिल्में बनने पर ये बोले प्रकाश झा

प्रकाश झा बॉलीवुड के जाने-माने डायरेक्टर हैं, अब तक कई सामाजिक और राजनैतिक विषयों पर हिट फिल्में बना चुके हैं। प्रकाश झा की अब फिल्म फॉड सैयां सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है।

प्रकाश झा बॉलीवुड के जाने-माने डायरेक्टर हैं, अब तक कई सामाजिक और राजनैतिक विषयों पर हिट फिल्में बना चुके हैं। प्रकाश झा डायरेक्टेड फिल्मों में ‘मृत्युदंड’, ‘दिल क्या करे’, ‘गंगाजल’, ‘अपहरण’, ‘राजनीति’, ‘आरक्षण’, ‘सत्याग्रह’ और ‘जय गंगाजल’ शामिल हैं।

डायरेक्टर होने के साथ-साथ प्रकाश झा ने कई फिल्मों को प्रोड्यूस भी किया है, जिसमें ‘लिपस्टिक अंडर माय बुरका’, ‘क्रेजी कुक्कड़ फैमिली’, ‘ये साली जिंदगी’ शामिल हैं। कल ही प्रकाश झा के प्रोडक्शन हाउस तले बनी फिल्म ‘फ्रॉड सैयां’ भी रिलीज हुई है।

सौरभ श्रीवास्तव डायरेक्टेड इस फिल्म में अरशद वारसी लीड रोल में हैं। इस फिल्म के बारे में प्रकाश झा बताते हैं, ‘यह एक कॉमेडी फिल्म है लेकिन बाकी कॉमेडी फिल्म से काफी अलग है। जब मैं इस फिल्म की स्क्रिप्ट पढ़ रहा था तब भी कई मौकों पर मुझे खूब हंसी आ रही थी।

यह फिल्म मल्टीपल मैरिज रिलेशन पर बेस्ड है। फिल्म में अरशद लीड रोल में हैं, जो 13 शादियां करता है। कानपुर से लेकर बनारस तक की इसमें बोली और भाषाएं हैं, जो सुनने में काफी मजेदार लगती हैं इसलिए मैंने इस फिल्म को प्रोड्यूस करने का मन बनाया।’

प्रकाश झा कई फिल्मों के डायरेक्टर और प्रोड्यूसर दोनों रहे हैं। वह चाहते तो ‘फ्रॉड सैयां’ को डायरेक्ट भी कर सकते थे। लेकिन इस फिल्म के डायरेक्टर सौरभ श्रीवास्तव हैं। इस बारे में प्रकाश झा बताते हैं, ‘मेरे पास यह फिल्म पूरे पैकेज के साथ आई।

फिल्म की कहानी, स्क्रिप्ट, डायरेक्टर से लेकर कलाकार, सबकुछ तय था। ऐसे में मैंने डायरेक्शन के बारे में सोचा तक नहीं। वैसे एक सच यह भी है कि मैं इस फिल्म को डायरेक्ट नहीं कर पाता, क्योंकि हर फिल्म को डायरेक्ट करने की एक सिंसिबिलिटी होती है, इस फिल्म की मेकिंग के लिए जिस सिंसिबिलिटी की जरूरत थी, वो मेरे पास नहीं थी।’

अकसर प्रकाश झा की फिल्मों में बड़े एक्टर होते हैं, ऐसे में फिल्म ‘फ्रॉड सैयां’ के लिए अरशद का सेलेक्शन कैसे किया। पूछने पर प्रकाश झा बताते हैं, ‘मैं कलाकारों के साथ काम करता हूं। जिस फिल्म का जैसा बैकड्रॉप होता है, वैसे कलाकार का सेलेक्शन किया जाता है।

फिल्म ‘फ्रॉड सैयां’ के किरदार में अरशद बिल्कुल फिट थे। जैसा कि मैंने पहले ही बताया कि यह फिल्म मुझे पूरे पैकेज के साथ मिली और मेरे हिसाब से भी अरशद ही बेस्ट थे। वह कमाल के एक्टर हैं, फिल्म में सौरभ शुक्ला और उनकी ट्यूनिंग कमाल की लग रही है।

दोनों ही मेरे पसंदीदा कलाकारों में से हैं, जिनके साथ मैं खुद काम करना चाहता हूं। इस फिल्म में चाइना गेट फिल्म के गाने ‘छम्मा-छम्मा…’ को भी रिक्रिएट किया गया है।’

‘छम्मा-छम्मा…’ सॉन्ग को रिक्रिएट करके फिल्म ‘फ्रॉड सैयां’ में इस्तेमाल किया गया है। आजकल पुराने गानों को इस तरह फिल्मों में रिक्रिएट किया जा रहा है। क्या ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि पहले के गाने ज्यादा अच्छे थे।

इस बात पर अपनी राय देते हुए प्रकाश झा कहते हैं, ‘ऐसा नहीं है, गाने तब भी अच्छे थे अब भी अच्छे हैं। गाने हमेशा समय और दर्शकों की बदलती पसंद को ध्यान में रखकर बनाए जाते हैं। अगर रिमेक सॉन्ग की फैन फॉलोइंग बहुत लंबी है तो क्लासिकल गानों के दीवाने भी आज कई लोग हैं।’

सोशल, पॉलिटिकल इश्यू पर फिल्में बनाने के लिए प्रकाश झा जाने जाते हैं। लेकिन उनकी फिल्मों के बीच लंबा गैप होता है। इस गैप की वजह प्रकाश झा बताते हैं। वह कहते हैं, ‘सोशल, पॉलिटिकल इश्यूज पर फिल्में लिखने में समय लगता है।

आइडिया या कहानी तो आसानी से मिल जाती है लेकिन रिसर्च करने में समय लगता है। जब फिल्म की कहानी से जुड़ी बारीक से बारीक बात पर काम किया जाता है तभी दर्शक उससे कनेक्ट कर पाते हैं।

फिल्म ‘राजनीति’ की कहानी लिखने में मुझे सात साल और फिल्म ‘गंगाजल’ लिखने में आठ साल लग गए थे। कई सालों से मैं फिल्म ‘राजनीति-2’ और फिल्म ‘सत्संग’ की भी कहानी लिख रहा हूं।’

राजनीति में मेरी गहरी दिलचस्पी रही है, इसमें हर कोई खुद को सुरक्षित रखना चाहता है, ऐसा सदियों से हो रहा है, इसलिए हमारे बनाने के लिए कई कहानियां मौजूद हैं।’

साल 2018 में तीनों खान की फिल्में फ्लॉप रहीं। इसकी वजह प्रकाश झा क्या पाते हैं? पूछने पर वह कहते हैं, ‘आज की आडियंस ट्रेलर देखकर फिल्म देखने का मन बनाती है। जहां तक बात ‘रेस-3’ और ‘ठग्स ऑफ हिंदोस्तान’ की है तो दोनों के ही ट्रेलर में वो बात नहीं थी।

हां, ‘जीरो’ का ट्रेलर अच्छा रहा लेकिन फिल्म में इमोशनल रिलेशनशिप की कमी और बेसिक सेटिंग्स यानी कौन-सा किरदार कहां से बिलॉन्ग करता है की कमी थी, जो कि मेरी नजर में फिल्म की जान होती है, इस वजह से यह फिल्म नहीं चल पाई।’

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