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प्यार पाने के लिए बहुत मेहनत करनी पड़ती है: दृष्टि धामी

दृष्टि धामी ने छोटे पर्दे पर अपनी एक अलग पहचान बना ली है।

प्यार पाने के लिए बहुत मेहनत करनी पड़ती है: दृष्टि धामी
मुंबई. अपना एक्टिंग करियर दृष्टि धामी ने सीरियल ‘दिल मिल गए’ से शुरू किया था। सीरियल ‘मधुबाला’ से उन्हें घर-घर पहचान मिली। कुछ समय पहले दृष्टि ‘एक था राजा, एक थी रानी’ में भी नजर आई थीं। वह टैलेंट और ब्यूटी का परफेक्ट कॉम्बिनेशन हैं। उनके अब तक के सभी सीरियल और रोल काफी पसंद किए गए हैं। इस बीच दृष्टि ने अपनी एक्टिंग की रेंज भी बढ़ाई है। इन दिनों वह स्टार प्लस के नए सीरियल ‘परदेस में है मेरा दिल’ में नजर आ रही हैं। हाल में दृष्टि धामी से सीरियल से जुड़ी लंबी बातचीत टेलीफोन पर हुई, पेश हैं चुनिंदा अंश-
सीरियल ‘परदेस में है मेरा दिल’ में क्या है आपका किरदार?
सीरियल में मैं नैना नाम की लड़की का रोल निभा रही हूं, वह बहुत सिंपल है। एक नॉर्मल मिडिल क्लास फैमिली से बिलॉन्ग करती है। नैना अपनी मां के इलाज के लिए एक-एक पैसा जोड़ रही है। वह अपनी फैमिली के लिए कुछ भी कर सकती है। नैना बहुत स्ट्रॉन्ग, मैच्योर गर्ल है। मुझे इस किरदार को निभाने में बहुत मजा आ रहा है।
इस सीरियल को एक्सेप्ट करने की सबसे खास वजह क्या रही?
पहली बात तो स्टार प्लस और बालाजी का कॉम्बिनेशन है। इसे कोई एक्टर मना कर ही नहीं सकता है। दूसरा इसकी स्टोरी लाइन भी काफी यूनीक है।
कहा जा रहा है कि आपका सीरियल फिल्म ‘परदेस’ से इंस्पायर्ड है?
ऐसा नहीं है। मैंने अब तक जितनी शूटिंग की है, उससे तो मुझे नहीं लगा कि यह फिल्म ‘परदेस’ से इंस्पायर है। यह बिलकुल अलग और नई कहानी है।

नैना के कैरेक्टर को आप अपने अब तक निभाए किरदारों से कितना अलग मानती हैं?
मेरे अधिकतर किरदार स्ट्रॉन्ग गर्ल के रहे हैं। जो काफी अलग होते हुए भी कहीं न कहीं एक-दूसरे से रिलेट करते हैं। इस सीरियल में भी मेरा नैना का रोल काफी स्ट्रॉन्ग गर्ल का है। लेकिन इस सीरियल में नैना को अपने प्यार को पाने के लिए बहुत मेहनत करनी पड़ रही है।
नैना अपनी फैमिली और वर्क के बीच अच्छा बैलेंस बनाना जानती है, क्या रियल लाइफ में इस तरह का बैलेंस बनाया जा सकता है?
मेरा मानना है कि आजकल हर लड़की चाहे वह एक्टर हो, जर्नलिस्ट हो, डॉक्टर हो, इंजीनियर हो या फिर किसी और फील्ड में हो, उसे बैलेंस बनाना आता है। तभी तो आज महिलाएं घर और बाहर की जिम्मेदारियां बखूबी निभा रही हैं। मैं अपनी बात करूं, तो पैकअप के बाद सीधे घर जाती हूं, अपनी फैमिली के साथ पूरा वक्त बिताती हूं। मैं ज्यादा सोशल नहीं हूं। ज्यादा बाहर घूमने नहीं जा पाती हूं, लेकिन जब भी जाती हूं, हसबैंड, फैमिली के साथ जाती हूं। हम क्वालिटी टाइम एंज्वॉय करते हैं। इस तरह घर-परिवार और काम सब कुछ साथ-साथ चलता रहता है।
नैना एक जिम्मेदार बेटी है। आप नैना से कितना रिलेट करती हैं?
मैं रियल लाइफ में नैना की तरह जिम्मेदार हूं। मेरे लिए भी मेरी फैमिली बहुत इंपॉर्टेंट है। मैं अपनी हर जिम्मेदारी को अच्छे से निभाती हूं। मुझे लगता है कि मैं एक रिस्पॉन्सिबल डॉटर हूं।
यादगार रही आॅस्ट्रिया में शूटिंग
सीरियल ‘परदेस में है मेरा दिल’ की कुछ शूटिंग ऑस्ट्रिया में हुई है। दृष्टि के लिए शूटिंग का एक्सपीरियंस काफी यादगार रहा। वह बताती हैं, ‘शूटिंग के दौरान बहुत मजा आया। हम लोग पूरी तरह से खुद को वॉर्म क्लॉथ से कवर करके रहते थे। हालांकि शूटिंग करते हुए ठंड लगती थी, तापमान 1 या 2 डिग्री रहता था, लेकिन हम इसकी परवाह नहीं करते थे। मेरे लिए ठंड में शूटिंग करने का यह पहला एक्सपीरियंस था। इस दौरान मैंने खूब एंज्वॉय किया। इस शूटिंग एक्सपीरियंस को कभी भुला नहीं पाऊंगी।’
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