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एक-दूसरे की मदद से हम क्राइम कम कर सकते हैं: दिव्या दत्ता

दिव्या दत्ता कहती हैं कि मुझे एंकरिंग करना बहुत अच्छा लगता है।

एक-दूसरे की मदद से हम क्राइम कम कर सकते हैं: दिव्या दत्ता
मुंबई. बड़े पर्दे पर अपनी पहचान बना चुकीं दिव्या दत्ता, अब छोटे पर्दे पर भी जाना-पहचाना चेहरा बन चुकी हैं। वह काफी समय से लाइफ ओके के शो ‘सावधान इंडिया’ में सुशांत सिंह राजपूत के साथ एंकरिंग करती नजर आ रही हैं। शो के स्वरूप से जुड़े कई अहम सवालों पर दिव्या दत्ता से बेबाक बातचीत।
दिव्या दत्ता ने कई बड़े डायरेक्टर्स की बड़ी फिल्मों में अहम किरदार निभाए हैं। भले वह लीड रोल में नजर न आएं लेकिन जो भी रोल करती हैं, अपनी एक अलग छाप छोड़ती हैं। पिछले एक साल से वह ‘सावधान इंडिया’ शो में नजर आ रही हैं। शो से जुड़ी बातें दिव्या दत्ता से।
शो ‘सावधान इंडिया’ से आपको जुड़े एक साल होने जा रहा है, कैसा रहा इसका एक्सपीरियंस?
सच कहूं तो मुझे वक्त का मालूम ही नहीं पड़ा कि एक साल कैसे गुजर गया। मैं जब इस शो से जुड़ी भी नहीं थी तब भी इसे देखा करती थी। ‘सावधान इंडिया’ आॅडियंस के बीच बहुत पॉपुलर शो है। हाल ही में मैं दूर-दराज के एक गांव में नवाजुद्दीन सिद्दीकी के साथ एक फिल्म की शूटिंग कर रही थी। तभी वहां स्थानीय लोग आए और कहने लगे, उन्हें ‘सावधान इंडिया’ की मैडम से मिलना है। मुझे उनसे मिलकर बहुत खुशी हुई। साथ ही अहसास हुआ कि लोग किस कदर इस शो के जरिए मुझ से जुड़े हैं।
क्राइम पर बेस्ड इस शो से बतौर एंकर जुड़ने की क्या वजह रही?
मुझे एंकरिंग करना अच्छा लगता है। और फिर मुझे लगा कि यह शो मेरे लिए ही बना है। इससे जुड़कर मुझे वाकई बहुत खुशी हो रही है। कुल मिलाकर इस शो से जुड़ने का मेरा फैसला सही ही रहा।
‘सावधान इंडिया’ करते हुए अपनी पर्सनल लाइफ में आप कितनी सावधान हुई हैं?
इस शो के दौरान हम कई बार लोगों को जागरूक और सावधान करने के लिए कुछ लाइनें बोलते हैं, जो हमारे जेहन में भी अपना असर छोड़ती हैं। मैं इसे अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में लागू करती हूं। जैसे सोते समय घर के दरवाजों को सही तरीके से बंद करना, अजनबियों से मिलते समय अलर्ट रहना। अगर हम छोटे-छोटे लेवल पर भी सावधान रहें तो बड़े क्राइम होने से रोक सकते हैं।
इस शो के इतने लंबे समय तक चलने का क्या राज है? आपने कभी एनालाइज किया है?
‘सावधान इंडिया’ की पूरी टीम बड़ी एक्टिव है। शो को खास बनाने के लिए कुछ न कुछ नए एक्सपेरिमेंट होते रहते हैं। फॉर एग्जांपल, पूरे देश से चुनकर रियल हीरो को अवार्ड दिए गए। अब हम नया फॉर्मेट लेकर आ रहे हैं। ऐसे बदलाव और सेलेक्टेड कहानियां इसे पॉपुलर करने में बड़ी भूमिका निभा रही हैं। ऐसा नहीं है कि यह सुपरहिट शो है तो इसे ऐसे ही चलने दिया जाए। इसमें हमेशा कुछ नया करने की कोशिश जारी रहती है। इसी वजह से यह शो दर्शकों को पसंद आ रहा है।
आपने क्राइम बेस्ड इस शो के कई एपिसोड एंकर किए हैं। सोसाइटी में बढ़ते क्राइम के बारे में आप क्या सोचती हैं? इन्हें कैसे कम किया जा सकता है?
क्राइम तो पहले भी होता था और अब भी हो रहे हैं। मेरा तो मानना है कि अब लोगों में पहले से ज्यादा अलर्टनेस बढ़ गई है। अब सोशल मीडिया भी इसमें अहम भूमिका निभा रहा है। इसका फायदा हम और उठा सकें तो बहुत अच्छा रहेगा। मुझे लगता है कि हम समाजसेवी भले ही न बनें, लेकिन एक दूसरे की मदद ही करें तो क्राइम का लेवल बहुत कम हो सकता है।

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