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‘यारो का टशन’ में दिखेंगे कॉमेडी के नए रंग - धीरज कुमार

धीरज कुमार पिछले तीस साल से छोटे पर्दे पर बतौर एक्टर-प्रोड्यूसर सक्रिय हैं

‘यारो का टशन’ में दिखेंगे कॉमेडी के नए रंग - धीरज कुमार
मुंबई. जाने-माने एक्टर-प्रोड्यूसर धीरज कुमार जल्द ही सब टीवी पर कॉमेडी सीरियल ‘यारो का टशन’ लेकर आ रहे हैं। पौराणिक और सोशल इश्यूज पर सीरियल बनाने वाले धीरज का कॉमेडी की ओर कैसे रुझान हो गया? ‘यारो का टशन’ में वह क्या खास दिखाएंगे? बदलते टीवी परिदृश्य पर उनका क्या कहना है? धीरज कुमार से बातचीत।
धीरज कुमार पिछले तीस साल से छोटे पर्दे पर बतौर एक्टर-प्रोड्यूसर सक्रिय रहे हैं। इस दौरान उन्होंने एक से बढ़कर एक धार्मिक-पौराणिक और सोशल इश्यूज पर सीरियलों का निर्माण किया है। बतौर प्रोड्यूसर वो जल्द ही लेकर आ रहे है एक कॉमेडी सीरियल- ‘यारो का टशन’। ‘सोनी-सब’ के इस सीरियल में ‘यारो’ नाम के एक रोबो के दिलचस्प कारनामे देखने को मिलेंगे। सीरियल में अनिरुद्ध दवे और राकेश बेदी जैसे जाने-माने कलाकार हैं। सीरियल, कैरेक्टर और करियर से जुड़ी बातचीत धीरज कुमार से।
आप माइथो और सोशल सब्जेक्ट वाले सीरियलों के लिए जाने जाते हैं। लेकिन, इस बार आपने कॉमेडी के जॉनर में दिलचस्पी ली है, कोई खास वजह?
वक्त के साथ चलना ही बुद्धिमानी कहलाती है। निश्चित रूप से कॉमेडी सीरियलों का एक बड़ा दर्शक वर्ग है। इस जॉनर का अपना एक महत्व है। हम कॉमेडी की फील्ड में पहली बार हाथ डाल रहे हैं, ऐसा कतई नहीं है। इससे पहले हम ‘नादानियां’ और ‘सफर फिल्मी कॉमेडी का’ जैसे सीरियल बना चुके हैं। ‘भोला भगत’ नाम की दो घंटे की एक टेलीफिल्म भी बनाई थी, जिसकी कॉमेडी लोग आज भी याद करते हैं। ‘यारो का टशन’ का सब्जेक्ट बहुत दिलचस्प है। इसमें कॉमेडी के नए रंग देखने को मिलेंगे। इसका डायरेक्शन हिमेन चौहान ने किया है।
‘यारो का टशन’ में कॉमेडी का आधार क्या है?
एक रोबो जब आदमी की तरह व्यवहार करेगा, तो कई दिलचस्प घटनाएं जरूर घटेंगी। असल में यारो का निर्माण मिस्टर अग्रवाल ने किया है, जो एक साइंटिस्ट हैं। उनकी कोई संतान नहीं है। वे और उनकी पत्नी इस रोबो को ही अपना बेटा मानते हैं। इस रोबो को हमने बाइस साल का दिखाया है। इस उम्र में सभी का कोई न कोई दोस्त जरूर होता है, तो यारो के भी कई दोस्त हैं। ये दोस्त उसके साथ खूब मस्ती करते हैं और वह भी इनसे घुल-मिल गया है।
सीरियल के एक्टरों के बारे में बताइए कि इनका चुनाव कैसे किया?
यारो की मुख्य भूमिका अनिरुद्ध दवे ने निभाई है। वे सुपरिचित एक्टर हैं। बीसियों धारावाहिकों में उन्होंने काम किया है। पिता की भूमिका में राकेश बेदी हैं और मां का किरदार सौंपा है मालिनी कपूर को। ये दोनों ही कलाकार एक अरसे से अभिनय की दुनिया में सक्रिय हैं। अन्य भूमिकाओं में माहिरा शर्मा, शिवम शर्मा, धीरज गुंबेर, उमेश बाजपेयी, अपूर्व और जयश्री सोनी हैं। सैकड़ों कलाकारों में इनका चयन किया गया है। स्क्रिप्ट के आधार पर ही हर कलाकार को चुना गया है। हम कलाकारों की खोज के लिए दिल्ली, लखनऊ और चंडीगढ़ भी गए। सेलेक्शन के लिए हर कलाकार के लुक सहित कई टेस्ट हुए हैं।
इस सीरियल की जैसी स्टोरी लाइन है, उसके हिसाब से इसमें स्पेशल इफेक्ट्स और ग्राफिक्स का भी इस्तेमाल होगा?
हां, इसमें हमें स्पेशल इफेक्ट्स और ग्राफिक की मदद लेनी ही पड़ेगी। दरअसल, इसमें हमने जिंदगी की छोटी-छोटी मजेदार घटनाओं को जगह दी है। यह फिल्मी रोबो नहीं है। इसमें रजनीकांत कहीं नजर नहीं आएंगे। यारो को हमने कोई सुपर पॉवर नहीं दी है। वह आम इंसान की तरह छोटे-मोटे काम कर सकता है। हां, कहानी को रोचक बनाने के लिए सम-सामयिक घटनाएं भी पिरोई जाएंगी।
आप तीस साल से भी ज्यादा समय से छोटे पर्दे पर सक्रिय हैं। आपको टीवी इंडस्ट्री में क्या बदलाव नजर आते हैं?
तीस साल में हमारी टीवी इंडस्ट्री काफी हद तक बदल चुकी है। आज मशीन की तरह काम करना पड़ता है, लेकिन तब सुकून से काम होता था। तब आज की तरह कई साल चलने वाले सीरियल नहीं बनते थे। हर सीरियल की टीआरपी बहुत ज्यादा होती थी। तब कंटेंट पर ज्यादा जोर होता था, अब तकनीक को अधिक महत्व मिलता है। निश्चित रूप से हम टेक्निकली बहुत मजबूत हुए हैं, लेकिन कॉम्पिटीशन बहुत ज्यादा है। हम सभी बिजनेस वर्ल्ड में हैं। बिजनेस के लिए कुछ भी किया जा सकता है। मशीन बनने के बाद भी हमें बेस्ट रिजल्ट देना है।
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