Top
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh
Breaking

Exclusive Interview: डायना पेंटी ने जॉन अब्राहम से अपने रिलेशन पर दिया ये जवाब

फिल्म ‘हैप्पी भाग जाएगी’ में दर्शकों को डायना पेंटी का कॉमिक अंदाज खूब भाया था। इस फिल्म को बॉक्स ऑफिस पर अच्छी सफलता मिली। दो साल बाद अब इस फिल्म का सीक्वल ‘हैप्पी फिर भाग जाएगी’ रिलीज होने वाला है।

Exclusive Interview: डायना पेंटी ने जॉन अब्राहम से अपने रिलेशन पर दिया ये जवाब

फिल्म ‘हैप्पी भाग जाएगी’ में दर्शकों को डायना पेंटी का कॉमिक अंदाज खूब भाया था। इस फिल्म को बॉक्स ऑफिस पर अच्छी सफलता मिली। दो साल बाद अब इस फिल्म का सीक्वल ‘हैप्पी फिर भाग जाएगी’ रिलीज होने वाला है। इस फिल्म में भी डायना हैं। आनंद एल. राय फिल्म के प्रोड्यूसर और मुदस्सर अजीज डायरेक्टर हैं। इस सीक्वल में डायना के अलावा सोनाक्षी सिन्हा भी हैं। फिल्म के प्रोमोज देखकर लग रहा है कि कहानी की हाईलाइट सोनाक्षी हैं। लेकिन डायना का मानना है कि इस बार भी उनका रोल फिल्म में अहम है...

आपने फिल्म ‘कॉकटेल’ से अपना करियर शुरू किया था। इसके बाद चुनिंदा फिल्में ही की, इसकी क्या वजह है?

मैं सिर्फ अच्छा काम करना चाहती हूं। फिल्म ‘कॉकटेल’ मेरे करियर की डेब्यू फिल्म थी, इसमें मेरा किरदार बहुत ही अच्छा था। इसके चार साल बाद मैंने ‘हैप्पी भाग जाएगी’ की। देखिए, जब कोई एक्टर बॉलीवुड में नया होता है तो फिल्म और कहानी के सेलेक्शन को लेकर अलर्ट रहता है, क्योंकि एक गलत सेलेक्शन करियर पर असर डाल सकता है। ‘हैप्पी भाग जाएगी’ जब ऑफर हुई तो सही फिल्म लगी, इसके बाद मैं अपनी पसंदीदा फिल्में चुन रही हूं। जैसे ‘लखनऊ सेंट्रल’ और ‘परमाणु-द स्टोरी ऑफ पोखरण’ की। अब ‘हैप्पी फिर भाग जाएगी’ की है, इस फिल्म को भी खूब एंज्वॉय किया।

फिल्म ‘हैप्पी फिर भाग जाएगी’ में क्या नया देखने को मिलेगा?

इस बार फिल्म में एक नहीं बल्कि दो हैप्पी हैं। इस वजह से लोगों को हंसने का डबल डोज मिलने वाला है। पिछली बार हैप्पी भागकर पाकिस्तान के लाहौर शहर पहुंच गई थी। इस बार वह चीन गई है। जिन दर्शकों को पहली फिल्म पसंद आई थी, उन्हें दूसरी फिल्म उससे ज्यादा पसंद आने वाली है, क्योंकि यह भी फनी, क्रेजी किस्म की फिल्म है।

क्या सीक्वल करते वक्त आप पर किसी तरह का दबाव था?

नहीं, कोई दबाव नहीं था। पहली फिल्म में इतनी कैपेबिलिटी थी कि प्रोड्यूसर ने उसका सीक्वल बनाने का डिसीजन लिया। यह यूनीक कहानी है। मुदस्सर अजीज ने बड़ी खूबसूरती से इसे लिखा और डायरेक्ट किया है। फिल्म के डायलॉग भी कमाल के हैं।

‘हैप्पी भाग जाएगी’ में आप सोलो एक्ट्रेस थीं, जबकि सीक्वल फिल्म में सोनाक्षी सिन्हा भी हैं, ऐसे में आपके रोल के लिए कितना स्कोप है?

मैंने पहले ही कहा कि इसी के चलते इस बार कॉमेडी का डबल डोज मिलेगा। इस बार फिल्म में मिसटेकेन आइंडेटिटी का मसला है। देखिए, मुझे इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि फिल्म में एक एक्ट्रेस है या दो। मेरे लिए मेरा किरदार और फिल्म की कहानी स्ट्रॉन्ग होनी चाहिए, जो इस फिल्म में है।

आपकी फिल्म की हीरोइन का नाम हैप्पी है, जो हर सिचुएशन में खुश रहती है। आपको किस काम को करके खुशी मिलती है?

उम्र के साथ हमारी प्रॉयोरिटी बदलती रहती है। अब मुझे काम करने से खुशी मिलती है। यही वजह है कि मैं ज्यादा से ज्यादा काम करना चाहती हूं। मुझे लगता है कि अब ज्यादा से ज्यादा फिल्मों में एक्टिंग करने से ही मुझे ज्यादा खुशी मिलेगी।

बॉलीवुड सिनेमा में आ रहे बदलाव को आप किस तरह से देख रही हैं?

बॉलीवुड सिनेमा में आ रहे बदलाव की वजह से एक्ट्रेसेस के लिए अब अच्छे किरदार लिखे जा रहे हैं। अब एक्ट्रेसेस सिनेमा में महज शो पीस नहीं रहीं। लगभग हर दूसरी फिल्म में एक्ट्रेसेस सेंट्रल कैरेक्टर में होती हैं। दर्शक भी ऐसी फिल्मों को बॉक्स ऑफिस पर सफल बना रहे हैं। सच कहूं तो अब वूमेन ओरिएंटेड फिल्मों का सुनहरा दौर चल रहा है।

आगे किस तरह की फिल्में करना चाहती हैं?

मुझे हर वह फिल्म करनी है, जिसे करने से मेरी एक्टिंग इंप्रूव हो सके। मुझे बायोपिक फिल्म भी करनी है। मैं कोई स्पोर्ट्स फिल्म या किसी म्यूजिशियन की जिंदगी पर बायोपिक फिल्म करना चाहती हूं।

डायना, जॉन अब्राहम की बड़ी तारीफ करती रहती हैं, इसकी क्या वजह है? पूछने पर वह कहती हैं, ‘मैंने जॉन अब्राहम के साथ पिछली फिल्म ‘परमाणु-द स्टोरी ऑफ पोखरण’ में एक्टिंग की थी। वह फिल्म के प्रोड्यूसर भी थे। उनके साथ काम करके मैंने बहुत कुछ सीखा और उनके लिए मेरे मन में बहुत रेस्पेक्ट है। उनके साथ काम करते हुए मैं खुद को सेफ फील करती हूं। फिल्म ‘परमाणु-द स्टोरी ऑफ पोखरण’ ने बॉक्स ऑफिस पर सफलता के रिकॉर्ड बनाए हैं। मेरी राय में फिल्म का बॉक्स ऑफिस पर सफल होना जरूरी है, लेकिन महज बॉक्स ऑफिस की चिंता करते हुए फिल्म की कहानी के साथ समझौता करना गलत होता है। जॉन अब्राहम ने फिल्म की कहानी से कोई समझौता नहीं किया है।’

घूमने-फिरने का शौक

ट्रैवलिंग के दौरान मुझे वाइल्ड फोटोग्राफी करने का शौक है। सात साल पहले मैं बांधवगढ़ सफारी पर गई थी, लेकिन उस वक्त मेरे पास कैमरा नहीं था। उसके बाद मैने एसएलआर कैमरा खरीदा। मैं नेचर लवर हूं, इसलिए पहाड़ों पर बहुत जाती हूं। यूरोप भी मुझे बहुत पसंद है। मेरी तमन्ना इंडिया में सिक्किम और लद्दाख के अलावा विदेश में नॉर्वे और मांगोलिया घूमने जाने की है।

Next Story
Top