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धर्मेश मानते हैं हर इंसान में कोई न कोई हुनर होता है

धर्मेश स्टार प्लस के नए डांस रियालिटी शो ‘डांस प्लस’ में जज के रोल में नजर आ रहे हैं

धर्मेश मानते हैं हर इंसान में कोई न कोई हुनर होता है
मुंबई. धर्मेश येलेनडे को पहली बार अपना डांस परफॉर्म करने का मौका सन 2008 में सोनी के रियालिटी डांस शो ‘बूगी वूगी’ में एक कंटेस्टेंट के रूप में मिला, बाद में वह इस शो के विजेता भी बने। इसके बाद धर्मेश ने ‘डांस इंडिया डांस’ सीजन 2 में भाग लिया और सेकेंड नंबर पर रहे।
सन 2010 में उन्होंने जीटीवी के शो ‘डांस इंडिया डांस लिटिल मास्टर्स’ में कोच और कोरियोग्राफर की भूमिका निभाई। इस शो में उनके स्टूडेंट जीतू मोनी ने ‘लिटिल मास्टर्स डांस का बाप’ का खिताब जीता। इस शो के बाद धर्मेश की पहचान एक अच्छे कोरियोग्राफर के रूप में होने लगी। फिर तो धर्मेश कई रियालिटी डांस शो में गेस्ट के तौर पर नजर आए। इन दिनों धर्मेश स्टार प्लस के नए डांस रियालिटी शो ‘डांस प्लस’ में जज के रोल में नजर आ रहे हैं। डांस और करियर से जुड़ी बातें धर्मेश से।
पहली बार आपको दर्शक जज के रोल में देख रहे हैं, कैसा लग रहा है?
हिंदी टेलिविजन में मैं पहली बार जज की कुर्सी पर बैठा हूं। इससे पहले सन 2013 में ईटीवी मराठी के डांस शो में जज बना था। इस शो को बहुत पसंद किया गया था। उम्मीद है ‘डांस प्लस’ को भी लोग बहुत ज्यादा पसंद करेंगे। शो को बहुत ही नए तरीके से डिजाइन किया गया है।
मैं भी अपने रोल को लेकर थोड़ा-सा अलर्टहूं, क्योंकि मैं जो बोलूंगा, वह सब सुनेंगे, सब देखेंगे। मेरा फैसला ऐसा होना चाहिए कि सबको लगे कि हां, धर्मेश ने सही डिसीजन लिया। अगर कोई बच्चा आगे नहीं बढ़ पा रहा है, तो भी उसे इस तरह न कहना है कि वह स्टेज से रोकर नहीं बल्कि मोटिवेट होकर जाए। क्योंकि एक समय मैं भी कंटेस्टेंट था, मेरे मन में भी कई तरह के डर थे।
नीचे की स्लाइड्स में पढिए, पूरा इंटरव्यू -
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