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शाहरुख और आमिर को कोरियोग्राफर करना चाहता हूं: रेमो डिसूसा

मेरे लिए डांस प्लस सिर्फ शो नहीं एक फैमिली है रेमो डिसूजा

शाहरुख और आमिर को कोरियोग्राफर करना चाहता हूं: रेमो डिसूसा
मुंबई. कोरियोग्राफर रेमो डिसूजा जल्द ही स्टार प्लस के डांसिंग रियालिटी शो ‘डांस प्लस’ के सीजन 2 एक बार फिर जज करते नजर आएंगे। इसके पहले सीजन के भी रेमो जज थे। इस बार ‘डांस प्लस’ में क्या खास देखने को मिलेगा? इंडियन डांस को हर डांस का बेस मानने वाले रेमो इंडियन डांस फॉर्म को प्रमोट करने के लिए क्या करना चाहेंगे? शो और डांस से जुड़ी बातें रेमो डिसूजा से।
बजीराव मस्तानी के लिए मिला नेशनल अवार्ड
रेमो डिसूजा बेहतरीन डांसर-कोरियोग्राफर होने के साथ एक अच्छे एक्टर और फिल्म डायरेक्टर भी हैं। फिल्म ‘एबीसीडी’पार्ट वन, टू बनाकर उन्होंने डांस बेस्ड फिल्मों के लिए बॉलीवुड में नई राह बनाई है। कुछ समय पहले रेमो को फिल्म ‘बाजीराव मस्तानी’ के सॉन्ग ‘दीवानी मस्तानी’की कोरियोग्राफी के लिए नेशनल अवार्ड भी मिला है। ‘डांस प्लस’की जबरदस्त कामयाबी के बाद इस शो का सीजन-2 भी 2 जुलाई से शुरू हो रहा है। इस शो को रेमो जज करते नजर आएंगे। बातचीत रेमो डिसूजा से।

इस बार ‘डांस प्लस’में पिछली बार से क्या अलग देखने को मिलेगा?
मैं डांस प्लस को लेकर काफी एक्साइटेड हूं। पहले सीजन में बेहतरीन डांसिंग टैलेंट देखने को मिला था। इस बार भी दर्शकों को बहुत ही डिफरेंट डांसिंग स्टाइल देखने को मिलेंगे। कुछ ऐसे डांसर्स भी शोज पर आए हैं, जो बिलकुल नई डांस स्टाइल लेकर आए हैं, जिसके बारे में मुझे भी नहीं पता था। इस बार धर्मेश, शक्ति के साथ पुनीत भी बतौर मेंटर अपने डिफरेंट आइडियाज के साथ दर्शकों के सामने आएंगे। मेरे लिए डांस प्लस सिर्फ शो नहीं है, एक फैमिली है।
आजकल ज्यादातर डांस शोज में वेस्टर्न डांस का ही बोलबाला है?
इंडियन डांस स्टाइल करने वाले डांसर रियालिटी शोज में लंबे समय तक नहीं टिक नहीं पाते हैं? आपका क्या कहना है? हमारे शो में इंडियन डांस परफॉर्म करने वाले डांसर टॉप फाइव तक गए हैं। लेकिन इसके बाद वोटिंग से ही फैसला होता है, जो हमारे हाथ में नहीं होता है। मैं मानता हूं कि इंडियन डांस हर डांस का बेस है। इंडियन डांसर में बहुत टैलेंट है। लेकिन हिप-हॉप इसलिए ज्यादा रियालिटी शोज में नजर आता है, क्योंकि जब बच्चे यू-ट्यूब पर हिप-हॉप टाइप करते हैं, तो लाखों वीडियोज आते हैं, इन्हें देखकर यंगस्टर्स खुद को ट्रेंड करते हैं। लेकिन इंडियन डांस फॉर्म को इंटरनेट पर सर्च करेंगे, तो आपको बहुत कम ऑप्शन मिलेंगे। आज की जनरेशन टेक्नोफ्रेडली है, ऐसे में हमें उन्हें इस प्लेटफॉर्म के जरिए इंडियन डांस स्टाइल से रूबरू कराना चाहिए। इस बार ‘डांस प्लस’ में एक लड़का आया है, वह नेपाल से है, उसने यू-ट्यूब से कथक सीखा है, उसे देखकर मुझे बहुत खुशी हुई।

‘डांस प्लस’ में हिस्सा लेने वाले डांसर को आप कोई सजेशन देना चाहेंगे?
अभी ऐसा करना बहुत जल्दी होगा। पहले डांसर को परफॉर्म करने का, खुद का एक्सप्लोर करने का मौका मिलने दीजिए। हां, मैं बस यही कहना चाहूंगा कि हमेशा दिल से परफॉर्म करो।
कोई डांस बेस्ड फिल्म बना रहे हैं?
डांसर शक्ति मोहन और सलमान यूसुफ खान को लेकर एक डांस मूवी प्रोड्यूस कर रहा हूं। दोनों बहुत अच्छे डांसर हैं। यह फिल्म बॉलरूम डांसिंग पर बेस्ड है।
जब खुद को प्रूव करने के लिए किया डांस
अपने डांसिंग, कोरियोग्राफी करियर में डांस से जुड़ा कोई ऐसा लम्हा है , जो आज भी रेमो के दिल में बसा हुआ है? पूछने पर वह बताते हैं, ‘बात उस समय की है, जब मैं स्ट्रगल कर रहा था। फिल्म ‘रंगीला’ के लिए बैकग्राउंड डांसर की जरूरत थी। वहां 200 लोग आए थे, सिर्फ पचास लोगों का सेलेक्शन होना था। उन्होंने मेरा डांस नहीं देखा और मेरे लुक की वजह से मुझे रिजेक्ट कर दिया। लेकिन मैं निराश नहीं हुआ, मैं सेलेक्टर के पास गया, मैंने कहा- आप मेरा डांस देखे बगैर मुझे रिजेक्ट मत कीजिए, एक बार आप डांस देख लीजिए, अगर न पसंद आए, तो मना कर दीजिएगा। इसके बाद मुझे डांस परफॉर्म करने का मौका मिला और मैं सेलेक्ट हो गया। डांस का वह लम्हा मेरे लिए सबसे खास है, क्योंकि मुझे खुद को प्रूव करने के लिए डांस करना था।’
रेपिड सिक्स
फेवरेट डांस शो : डांस प्लस
आपके लिए डांस-सांस लेना जितना जरूरी, वैसा ही मेरे लिए डांस है
मेरा सपना : अपना डांस स्कूल खोलना
डांसिंग इंस्प्रेशन : माइकल जैक्सन
फेवरेट डांस फॉर्म : हर डांस स्टाइल पसंद है
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डांस में जादू है
डांस से ही जुड़ा ऐसा लम्हा, जो किसी खास डांसर या स्टूडेंट से जुड़ा हो, जिसे रेमो कभी नहीं भूल पाते हैं? वह थोड़ा इमोशनल होकर कहते हैं, ‘जब मैं स्ट्रगल कर रहा था, तो अर्निंग के लिए डांस सिखाया करता था। उस वक्त एक स्पेशल चाइल्ड को लेकर उसके पैरेंट्स मेरे पास आए, उस बच्चे का अपने हाथों पर कंट्रोल नहीं था। उसके पैरेंट्स ने मुझे बच्चे को डांस सिखाने को कहा। मैंने जैसे-जैसे उसे डांस में ट्रेंड करना शुरू किया, उस बच्चे में चेंज आने लगा। वह काफी हद तक ठीक हो गया। इसके बाद मुझे यकीन हो गया कि डांस में जादू है, यह नामुमकिन को भी मुमकिन बना सकता है।
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