Hari bhoomi hindi news chhattisgarh
Breaking

यामी गौतम से इंटरव्यू में पूछा, क्या गंजे आदमी से करोगी प्यार, मिला ऐसा जवाब

नॉन फिल्मी बैकग्राउंड से आईं यामी गौतम ने अपने लिए बॉलीवुड में ठोस जगह बना ली है। वह लगातार अच्छी फिल्में कर रही हैं। इन दिनों फिल्म ‘बाला’ को लेकर चर्चा में हैं, इसमंक उनकी जोड़ी आयुष्मान खुराना के साथ है। इस फिल्म का हिस्सा वह किस वजह से बनीं? दस साल के अपने एक्टिंग करियर से वह कितनी सैटिस्फाइड हैं? खुली-खुली बातें यामी गौतम से।

Yami Gautam Interview: यामी गौतम से इंटरव्यू में पूछा क्या गंजे आदमी से करोगी प्यार, मिला ऐसा जवाबYami Gautam Interview / यामी गौतम इंटरव्यू

यामी गौतम हिमाचल प्रदेश के एक छोटे से शहर बिलासपुर से बिलॉन्ग करती हैं। मॉडलिंग, टीवी सीरियल्स करने के बाद वह एक्टिंग वर्ल्ड में आईं। उन्होंने साउथ की फिल्में कीं, एड फिल्म्स भी काफी करती रहीं, एक बड़े ब्रांड की फेयरनेस क्रीम की एड ने उन्हें काफी पॉपुलर बनाया। बॉलीवुड में 'विकी डोनर' से यामी ने शानदार एंट्री मारी, इसमें वह आयुष्मान खुराना के अपोजिट थीं। एक बार फिर आयुष्मान के साथ ही फिल्म 'बाला' में नजर नजर आ रही हैं। इस फिल्म को लेकर वह एक्साइटेड हैं। फिल्म 'बाला' और एक्टिंग करियर से जुड़ी बातचीत यामी गौतम से...

फिल्म 'उरी-द सर्जिकल स्ट्राइक' में आपने एक सीरियस, स्ट्रॉन्ग कैरेक्टर प्ले किया था। इस फिल्म को बड़ी सफलता भी मिली, क्या आपको इस सफलता का कोई फायदा हुआ?

फिल्म 'उरी-द सर्जिकल स्ट्राइक' विक्की कौशल की फिल्म थी, लेकिन मेरे रोल को भी खूब सराहा गया। मुझे इसका फायदा यही हुआ कि आयुष्मान खुराना के साथ फिल्म 'बाला' मिली। मैंने उनके साथ फिल्म 'विकी डोनर' की थी, अब उनके साथ में दूसरी फिल्म की है, एक तरह से 'बाला' हमारी री-यूनियन फिल्म है।

फिल्म 'बाला' की कहानी मेल कैरेक्टर के इर्द-गिर्द घूमती है। क्या सोचकर आपने यह फिल्म एक्सेप्ट की? इसमें आपका रोल क्या है?

इस कहानी का हीरो बाला (आयुष्मान) है। उसके बाल झड़ने लगे हैं। गंजेपन की तरफ बढ़ चुका बाला किसी हीनभावना का शिकार नहीं है, उसकी लाइफ में सेल्फ लव कितना मायने रखता है, यही फिल्म की कहानी है। मैंने फिल्म में परी का रोल किया है। बाला की लाइफ में परी और परी की लाइफ में बाला की क्या इंपॉर्टेंस है? यह देखना फिल्म में इंट्रेस्टिंग होगा। फिल्म में भूमि पेडणेकर एडवोकेट के रोल में हैं। फिल्म में कॉमेडी के साथ रियालिटी को दिखाया गया है। मुझे इस फिल्म की स्टोरी, कैरेक्टर अच्छे लगे तो एक्सेप्ट करना ही सही समझा। यह फिल्म मैसेज देती है, खुद को प्यार करो, दूसरों के नजरिए से खुद को मत देखो।

फिल्म में बाला की लवस्टोरी भी दिखाई गई है। आपको अगर किसी गंजे इंसान से प्यार हो जाए तो...?

अभी तक तो किसी ऐसे इंसान से प्यार नहीं हुआ, जिसके बाल नहीं हैं या कम हैं। ऐसे में इस बारे में आगे क्या कहना या सोचना।

क्या आपको भी कभी बाल झड़ने की प्रॉब्लम हुई?

मैं कभी मुंबई रहती हूं तो कभी शूटिंग या काम के लिए विदेश जाती हूं। ऐसे में पानी, खाना, क्लाइमेट बदलता है, जिससे सबसे पहले बालों पर असर होता है, बाल झड़ते हैं। मैं जब इंडस्ट्री में नई-नई आई थी, एक सीनियर एक्ट्रेस ने मुझे एडवाइस दी थी कि एक्टिंग करते समय हर बार नया लुक जरूरी है और उतनी बार बालों की ओरिजिनल स्टाइलिंग को मोल्ड करना पड़ता है। प्लास्टिक के रोलर्स से बाल बहुत झड़ते हैं, वूडेन रोलर्स यूज करना। तब से मैं वूडेन रोलर्स ही यूज करती हूं। बहुत ज्यादा जरूरी हो तो ही स्टाइलिंग प्रोडक्ट्स यूज करती हूं वरना हर्बल ऑयल्स लगाती हूं। शूटिंग न होने पर बालों को नेचुरल ही रखती हूं।

आप तो एक फेयरनेस क्रीम को एंडोर्स करती हैं। इस एड को करने की वजह से आपको ट्रोल भी किया गया। आपको नहीं लगता है कि इस तरह की फेयरनेस क्रीम सांवले रंग के लोगों में हीनभावना पैदा करती हैं?

अब आपने देखा होगा कि इसका फॉर्मेट बदल गया है। इसकी कॉपी भी बदल गई है। मैंने इस ब्रांड के साथ मीटिंग कर ली, इसमें महिलाओं के रंग-रूप को लेकर कोई टिप्पणी नहीं है। इस फेयरनेस क्रीम का ऑफर मुझे तब मिला था, जब मैंने फिल्मों में कदम भी नहीं रखा था। फेयरनेस क्रीम को एंडोर्स करने के बाद ही मेरी बॉलीवुड में एंट्री हुई और मेरी डेब्यू फिल्म 'विकी डोनर' आई, जो सफल रही। आज से 15-20 साल पहले ऐश्वर्या राय बच्चन और कई एक्ट्रेसेस ने भी इसे एंडोर्स किया है। दरअसल, कड़ी धूप से चेहरे का असल स्किन कलर बदल जाता है, जो क्रीम लगाने से ठीक होता है। लेकिन मैं खुद भी इस बात पर विश्वास करती हूं कि आपका हार्ड वर्क, टैलेंट ही आपको मनचाहा मुकाम दिलाता है, फेयरनेस क्रीम नहीं।

ऐसा माना जाता है कि बॉलीवुड में डस्की एक्ट्रेसेस को ज्यादा स्ट्रगल करना पड़ता है, आपका क्या सोचना है?

ऐसा मेरी नॉलेज में तो नहीं है। प्रियंका चोपड़ा, दीपिका पादुकोण, बिपाशा बसु, नंदिता दास और राधिका आप्टे जैसी कई एक्ट्रेसेस की डस्की स्किन है लेकिन सभी पॉपुलर हैं।

आपको बॉलीवुड में दस साल हो चुके हैं, क्या अब स्ट्रगल खत्म हो चुका है?

नहीं, मेरा स्ट्रगल खत्म नहीं हुआ और न कभी होगा। मुझे लगता है कि नामी स्टार्स का स्ट्रगल भी खत्म नहीं होता। एक एक्टर को पहले कोई हिट फिल्म देनी पड़ती है, फिल्म के हिट होने पर अगली हिट का वेट करना पड़ता है। साथ ही बेहतर रोल्स, अच्छे डायरेक्टर्स के साथ काम करने के लिए भी कोशिश करनी होती है। इस काम में फिल्मी बैकग्राउंड भी काम नहीं आता है। कनेक्शंस शुरुआती दौर में काम आते हैं, अगले पड़ाव पर नहीं। मैं नॉन फिल्मी बैकग्राउंड से हूं, बिना किसी गॉडफादर के फिल्म-दर-फिल्म आगे बढ़ी हूं। मैं अपने करियर से सैटिस्फाइड हूं। मैंने अपनी वैल्यूज के साथ कोई समझौता नहीं किया है, इनको साथ लेकर ही काम किया है।

Next Story
Share it
Top