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Tabu Interview : अजय देवगन में क्या बदलाव महसूस किया..? , पढ़ें जानदार सवालों के मजेदार जवाब...

तब्बू ने अपने करियर की दूसरी पारी की शुरुआत शानदार तरीके से की है। वह सीरियस के साथ ही कॉमिक और रोमांटिक टाइप के रोल भी कर रही हैं। हाल में रिलीज हुई अजय देवगन स्टारर फिल्म ‘दे दे प्यार दे’ में भी उन्होंने कॉमेडी के रंग जमाए हैं। इस फिल्म और अपनी एक्टिंग जर्नी से जुड़ी खुली-खुली बातें तब्बू से।

Tabu Interview : अजय देवगन में क्या बदलाव महसूस किया..? , पढ़ें जानदार सवालों के मजेदार जवाब...

लगभग पचीस साल हो गए हैं एक्ट्रेस तब्बू के एक्टिंग करियर को। वह बॉलीवुड में एक संजीदा एक्ट्रेस के तौर पर ज्यादा जानी जाती रही हैं। लेकिन अब वह कॉमिक किरदारों में भी नजर आने लगी हैं। इन दिनों वह फिल्म 'दे दे प्यार दे' को लेकर चर्चा में हैं। इस फिल्म में वह अजय देवगन के अपोजिट नजर आ रही हैं। फिल्म के प्रमोशन दौरान तब्बू से करियर को लेकर बातचीत हुई थी। पेश है बातचीत के प्रमुख अंश।

फिल्म 'दे दे प्यार दे' को लेकर आपको किस तरह के रिव्यू मिल रहे हैं?

फिल्म में रकुल प्रीत सिंह और अजय देवगन का रोमांस है। मेरा ट्रैक अलग है। इसमें मैंने अजय देवगन के कैरेक्टर की एक्स वाइफ का रोल किया है। यह फिल्म एक रोमांटिक कॉमेडी है, जो दर्शकों को फुल एंटरटेनमेंट देती है। मुझे इस फिल्म के लिए अच्छे रिव्यू मिल रहे हैं। फिल्म को अकिव अली ने खूबसूरती से डायरेक्ट किया है।

अजय देवगन के साथ आपने अपने करियर में कई फिल्में कीं, उनमें इतने सालों में क्या बदलाव महसूस करती हैं?

अजय के साथ मैंने 1994 में 'विजयपथ' फिल्म की थी। फिल्म के सारे गाने हिट थे। इसी फिल्म में एक गाना 'रुक रुक…' था, जिसको लोगों ने बहुत पसंद किया और मुझे रुक-रुक गर्ल कहने लगे। फिर हमने 'गोलमाल अगेन' और 'दृश्यम' जैसी फिल्में कीं। एक एक्टर के तौर पर अजय ने बहुत ग्रोथ की है। इंटेंस रोल करने में अजय को महारत हासिल है, एक्शन, कॉमेडी में भी वह कम नहीं हैं। इंसान के तौर पर उनकी जितनी तारीफ की जाए, उतनी कम है। वह मेरे लिए एक सच्चे दोस्त हैं।

आपके करियर को बॉलीवुड में 25 साल पूरे हो गए हैं, लेकिन आपकी फिल्मों की लिस्ट सौ का नंबर भी पार नहीं कर पाई?

मैंने पिछले पांच साल में लगभग सात फिल्में की हैं। अब मत कहना कि मैं कम फिल्में करती हूं। मेरा फिल्म सेलेक्ट करने का अपना क्राइटेरिया है। मेरा मानना है कि जब तक स्ट्रॉन्ग रोल न मिले, मैं फिल्म साइन नहीं करूंगी। मैं सिर्फ फिल्मों की गिनती बढ़ाने में यकीन नहीं करती हूं, क्वालिटी पर ज्यादा फोकस करती हूं।

यह दौर पुरानी फिल्मों के रीमेक का है, आप अपनी कौन-सी फिल्मों का रीमेक चाहती हैं?

गुलजार साहब की फिल्म 'हु-तू-तू', 'माचिस', विशाल भारद्वाज की 'हैदर', महेश मांजरेकर की फिल्म 'अस्तित्व', सूरज बड़जात्या की 'हम साथ साथ हैं', मणिरत्नम की 'विरासत', इन सभी फिल्मों का रीमेक देखना चाहती हूं। इन सभी डायरेक्टर्स की फिल्में दोबारा पर्दे पर आएंगी तो अच्छा लगेगा।

आप शुरू से ही सीरियस एक्ट्रेस रही हैं, क्या किसी डायरेक्टर के साथ किसी बात को लेकर मनमुटाव हुआ?

ऐसा कभी नहीं हुआ। मुझे किसी भी डायरेक्टर के साथ काम करने में कोई दिक्कत नहीं हुई। हर डायरेक्टर के साथ वर्किंग रिलेशन अच्छे रहे। गुलजार साहब, विशाल भारद्वाज, मणिरत्नम के साथ तो दोबारा काम करने की ख्वाहिश है।

मैं सोशल नहीं हूं

बॉलीवुड में तब्बू के कई फ्रेंड्स हैं, लेकिन वह कम ही फिल्मी पार्टी, गेट-टूगेटर में दिखती हैं, आखिर वह सोशल क्यों नहीं हैं? पूछने पर वह बताती हैं, 'हां, मैं सोशल नहीं हूं। गेट-टूगेदर, पार्टीज में कम ही पहुंचती हूं, जबकि मेरे घर में ऐसा माहौल नहीं है। खासकर अम्मी बहुत सोशल हैं, सभी के साथ घुल-मिलकर रहना उन्हें अच्छा लगता है। वह गणपति, दिवाली, क्रिसमस सभी त्योहारों में भाग लेती हैं। लेकिन मेरे अंदर मां का यह गुण नहीं है। मुझे घर में शांति से रहना पसंद है।'

लेखिका - पूजा सामंत

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