Hari bhoomi hindi news chhattisgarh
Breaking

Ravi Kishan Birthday : किस्मत में राज योग लिखा कर आने वाले भोजपुरी सुपरस्टार रवि किशन की कहानी

बॉलीवुड और भोजपुरी में काम करने के साथ रवि किशन ने दक्षिण की तरफ कदम बढ़ाए। कई फिल्मों में प्रभावी ऐक्टिंग की। देश के हर हिस्सों में काम करते हुए रवि किशन को राजनीति का चस्का लगा। और 2014 में चुनावी समर में कांग्रेस के निशान पर जौनपुर लोकसभा सीट से चुनावी रण में उतरे पर मोदी लहर में बह गए, अपनी जमानत भी नहीं बचा पाए।

Ravi Kishan Birthday : किस्मत में राज योग लिखा कर आने वाले भोजपुरी सुपरस्टार रवि किशन की कहानीRavi Kishan Birthday Bhojpuri superstar Ravi Kishan story

Ravi Kishan Birthday :- कुछ लोग होते हैं जिन्हें असानी से मंजिल नहीं मिलती। इसके लिए वह लगातार अपने लक्ष्य और रास्ते बदलते रहते हैं। कुछ ऐसा ही मामला रवि किशन (Ravi Kishan) के साथ भी है। आज रवि किशन का जन्मदिन है। मुंबई में 17 जुलाई 1969 को दूध कारोबारी के घर जन्मे और उत्तर प्रदेश के जौनपुर (Jaunpur) जिले में पले बढ़े रवि किशन ने जीवन में वो सारे संघर्ष किए जिसे करने के सफलता मिलना तय होती है। एक वक्त था जब वह फिल्मों में काम के लिए दर दर भटक रहे थे।

कोई भी फिल्म मिलती उसके लिए वह तैयार हो जाते। आखिर में यही हुआ 90 के दशक में उन्हें बी-ग्रेड हिन्दी फिल्म पीताम्बर मिली। काम किया पर नाम न हुआ। करते गए। छोटी छोटी फिल्मे जैसे उधार की जिंदगी और आग का तूफान की। इन फिल्मों में मिले काम ने उन्हें बॉलीवुड डायरेक्टरों की नजर आने का मौका दिया। इसी का नतीजा रहा कि 1996 में उन्हें नितिन मनमोहन की फिल्म आर्मी में काम करने का मौका मिला।


शाहरुख खान और श्रीदेवी के जैसे बड़े स्टारों के साथ काम करने के बाद रवि किशन की फैन फॉलोइंग और बढ़ गई। पर इसके बाद भी संघर्ष ने उनका पीछा नहीं छोड़ा। बॉलीवुड में काम न मिलता देख रवि किशन ने भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री का रुख किया। भोजपुरी सिनेमा उन दिनों अच्छे कलाकारों के अकाल का सामना कर रहा था। भोजीवुड को आगे ले जाने का जिम्मा जैसे अकेले मनोज तिवारी ने उठा रखा था।

रवि किशन ने इंट्री मारी और 'सइयां हमार' फिल्म में लीड रोल के जरिए पर्दे पर नजर आए। भोजपुरी दर्शकों ने सिर आंखों पर बिठा लिया। एक के बाद एक फिल्में बनाई और आगे बढ़ते गए। पंडित जी बताई न बियाह कब होई ने करोड़ो का कारोबार किया। कब होई गवना हमार फिल्म ने तो पूरे देश में गदर मचा दिया। इस फिल्म को सर्वश्रेष्ठ श्रेत्रीय राष्ट्रीय पुरस्कार मिला। यहीं से वह भोजपुरी इंडस्ट्री के सुपरस्टार बन गए।


रवि किशन का भोजपुरी सिनेमा और बॉलीवुड के बीच का संतुलन जबरदस्त था। रवि किशन की किस्मत में तब एक मोड़ आया जब उन्हें 2003 में तेरे नाम फिल्म मिली। इस फिल्म में वह सलमान के अपोजिट भूमिका चावला के मंगेतर के रुप में आए। जबरदस्त रोल निभाया। लोगों के दिलो में छा गए। इस शानदार अभिनय के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ सह-अभिनेता का राष्ट्रीय पुरस्कार मिला।

बॉलीवुड और भोजपुरी में काम करने के साथ रवि किशन ने दक्षिण की तरफ कदम बढ़ाए। कई फिल्मों में प्रभावी ऐक्टिंग की। देश के हर हिस्सों में काम करते हुए रवि किशन को राजनीति का चस्का लगा। और 2014 में चुनावी समर में कांग्रेस के निशान पर जौनपुर लोकसभा सीट से चुनावी रण में उतरे पर मोदी लहर में बह गए, अपनी जमानत भी नहीं बचा पाए।


देश में बह रही राजनीतिक हवा को समझा और कांग्रेस के कमजोर हो चुके जहाज से उतरकर भाजपा के खेमें में आए और सीएम योगी के घर गोरखपुर की लोकसभा सीट से चुनाव में उतरे। दोबारा चली मोदी लहर की वजह से इसबार जनता ने उन्हें पार्लियामेंट में पहुंचा दिया। यहां भी उन्होंने अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभाई। भोजपुरी भाषा को संवैधानिक दर्जा दिलाने की बात संसद में रखा और इस भाषा को आठवीं अनुसूची में शामिल करने हेतु बिल भी पेश किया।

Share it
Top