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Rashmi Somvanshi Interview : जानिए कैसे फिल्ममेकर से एक्ट्रेस बनी रश्मि सोमवंशी

रश्मि सोमवंशी वेब सीरीज के लिए कंटेंट डेवलप करती हैं, राइटिंग करती हैं। प्रोडक्शन वर्क भी हैंडल करती हैं। लेकिन उनको एक्टिंग से सबसे ज्यादा लगाव है। इन दिनों रश्मि एक हरियाणवी फिल्म ‘छोरियां छोरों से कम नहीं’ को लेकर चर्चा में हैं। फिल्ममेकिंग से जुड़े दूसरे फील्ड में काम करते हुए उनका अचानक एक्टिंग की तरफ कैसे आना हुआ? बता रही हैं रश्मि सोमवंशी।

Rashmi Somvanshi Interview : जानिए कैसे फिल्ममेकर से एक्ट्रेस बनी रश्मि सोमवंशी

उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ में जन्मी रश्मि सोमवंशी ने मुंबई पहुंचकर लंबे स्ट्रगल के बाद अपनी अलग पहचान बनाई। दो दिन पहले ही उनकी एक हरियाणवी फिल्म 'छोरियां छोरों से कम नहीं' रिलीज हुई है। इससे पहले वह 'बिन कुछ कहे' सीरियल के अलावा 'जी कुत्ता से', 'देवी' और 'ए बिलियन स्टोरी' जैसी फिल्मों में एक्टिंग कर चुकी हैं। वह कुछ शो भी प्रोड्यूस कर चुकी हैं। राइटिंग में एक्टिव रही हैं। अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत के बारे में रश्मि सोमवंशी कहती हैं, 'आज जिस मुकाम पर हूं, वहां तक पहुंचने के लिए लंबा संघर्ष किया है। मैं कॉलेज टाइम में थिएटर में एक्टिव थी। मैंने बैचलर इन जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन किया।

कॉलेज में टॉप थ्री और गोल्ड मेडलिस्ट थी। वहीं से मुझे बालाजी टेलीफिल्म्स में नौकरी मिल गई। कुछ समय बाद मैंने फिल्म प्रोडक्शन कंपनी परमहंस क्रिएशन को ज्वाइन किया। आज भी मैं एक शो प्रोड्यूस कर रही हूं। जहां तक एक्टिंग करियर के शुरू होने की बात है तो यह एक फ्रेंड की वजह से मुमकिन हुआ। एक दिन मेरे एक फ्रेंड ने बताया कि फिल्म 'जी कुत्ता से' के लिए ऑडिशन हो रहे हैं। मैं ऑडिशन देने गई, लेकिन मुझे शर्म आ गई और मैं वापस आ गई। वहां पर वे सभी लोग थे, जिनका कभी मैं ऑडिशन ले चुकी थी।

लेकिन शाम को फिल्म के डायरेक्टर राहुल दहिया का फोन आया तो मैंने उन्हें बता दिया कि किस वजह से मैं ऑडिशन दिए बगैर वापस लौट आई। उन्होंने फिर आने के लिए कहा। मैंने शाम को ऑडिशन दिया और मुझे इस फिल्म में प्रीति का किरदार निभाने का मौका मिल गया। यह क्रिटिकली एक्लेम्ड फिल्म रही। यह हरियाणा और हिंदी दोनों भाषाओं में बनी थी। इसकी स्क्रिप्ट बहुत स्ट्रॉन्ग थी। इस फिल्म की शूटिंग पूरी होने के बाद मैं कैमरे के पीछे काम करने लगी।

लेकिन यह सच है कि 'जी कुत्ता से' करते हुए मुझे अहसास हुआ कि एक्टिंग ही मेरा फ्यूचर है। इसके बाद मुझे प्रोड्यूसर ओम यादव और डायरेक्टर सुनील यादव की फिल्म 'देवी' मिली, लेकिन यह फिल्म अब तक रिलीज नहीं हुई है। जबकि राजस्थान फिल्म समारोह में मुझे बेस्ट एक्ट्रेस का अवार्ड भी मिला था। फिर मैंने सतीश कौशिक की इंग्लिश फिल्म 'ए बिलियन कलर स्टोरी' की।

पूरी फिल्म में मेरे पांच-छह सीन थे। लेकिन स्क्रिप्ट और किरदार अच्छा था तो मैंने कर लिया। मैंने एक सीरियल 'बिन कुछ कहे' भी किया। इन दिनों रश्मि फिल्म 'छोरियां छोरों से कम नहीं' को लेकर चर्चा में हैं। इस फिल्म के बारे में वह बताती हैं, 'हमारी फिल्म में उन समस्याओं की बात की गई है, जोकि गांव में रहने वाली लड़कियों को झेलनी पड़ती हैं। यह फिल्म विनीता चौधरी उर्फ विन्नू नाम की लड़की की जर्नी है, जिसे उसका पिता स्वीकार नहीं करता है।

उसका पिता कहता है कि बेटा जो काम कर सकता है, वह काम बेटी नहीं कर सकती। इसके बावजूद यह लड़की अपने पिता से बहुत प्यार करती है। उसके मन में अपने पिता के लिए गुस्सा नहीं है। लेकिन वह सोचती है कि मुझे बहुत कुछ करके दिखाना है। वह अपने पिता के साथ जो भी ज्यादतियां हुई हैं, अन्याय हुआ है, उससे उन्हें निजात भी दिलाना चाहती है। एक दिन विनीता चौधरी उर्फ विन्नू आईपीएस ऑफिसर बन जाती है। इस तरह यह फिल्म वूमेन एंपॉवरमेंट की बात करती है।'

आगे भी कई प्रोजेक्ट्स में रश्मि बिजी हैं। वह बताती हैं, 'कैमरे के पीछे मैं कंटेंट डेवलप करने के साथ ही शो प्रोड्यूस कर रही हूं। एक शो अल्ट बालाजी के लिए डेवलप किया है। इसके साथ एक हिंदी फिल्म कर रही हूं, जो अक्टूबर या नवंबर में शुरू होगी। एक फीचर फिल्म की कहानी लिख रही हूं। एक शॉर्ट फिल्म लिखी है, जिसका डायरेक्शन खुद करने वाली हूं। लिखना मेरा शौक है, मैं कविताएं और गाने भी लिखती हूं। फ्यूचर में फिल्म भी डायरेक्ट करना चाहती हूं।


प्रस्तुति: शिवाली त्रिपाठी

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