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Tandav Controversy: SC ने गिरफ्तारी पर रोक लगाने से किया इनकार, कोंकणा सेन ने जज को लेकर बोलीं ये बात

Tandav Controversy: सैफ अली खान की वेब सीरीज 'तांडव' हिंदुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप लगा है। सीरीज में भगवान शिव का विवादित तरीके से दिखाने का आरोप है। फिलहाल ये मामला अब सुप्रीम कोर्ट में है।

Tandav Controversy: SC ने गिरफ्तारी पर रोक लगाने से किया इनकार, कोंकणा सेन ने जज को लेकर बोलीं ये बात
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सैफ अली खान की वेब सीरीज 'तांडव' को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। वेब सीरीज पर हिंदुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप लगा है। सीरीज में भगवान शिव का विवादित तरीके से दिखाने का आरोप है। फिलहाल ये मामला अब सुप्रीम कोर्ट में है। सुप्रीम कोर्ट ने गिरफ्तारी पर रोक लगाने से मना कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान एक्टर जीशान अय्यूब के वकील ने दलील दी कि वो सिर्फ एक एक्टर है। उन्होंने वही किरदार निभाया है, जो उनके कॉन्ट्रैक्ट में था।

वकील के इस दलील पर बेंच के सदस्य जस्टिस एम आर शाह ने कहा- 'आप एक्टर है, इसका मतलब ये नहीं कि आप दूसरों की धार्मिक भावना को चोट पहुंचाने वाले किरदार निभा सकते है।' सुप्रीम कोर्ट के जज के इस बयान को लेकर एक्ट्रेस कोंकणा सेन शर्मा ने अपनी तल्ख टिप्पणी की है। कोंकणा सेन ने ट्विटर पर लिखा- 'जितने लोग फिल्म का हिस्सा रहते है वो सब स्क्रिप्ट पढ़ते है और फिर कॉन्ट्रैक्ट साइन करते है... तो क्या सारे कास्ट और क्रू को अरेस्ट करें ?

सुनवाई में मेकर्स के वकील फली नरीमन ने दलीलें दी कि सीरीज के निर्माताओं ने आपत्तिजनक सामग्री के लिए माफी मांग ली है और उन्हें शो से हटा दिया गया है। लेकिन इसके बावजूद उनके खिलाफ लगातार मुकदमे दर्ज हो रहे है। ऐस में कोर्ट को नोटिस जारी कर सभी एफआईआर को रद्द कर देना चाहिए और सुनवाई तक सभी लोगों की गिरफ्तारी पर रोक लगा देना चाहिए। इस पर जस्टिस अशोक भूषण, आर सुभाष रेड्डी और एम आर शाह की बेंच ने कहा- 'एफआईआर रद्द करवाने के लिए आप हाई कोर्ट में क्यों नहीं गए?'

इस पर नरीमन ने जवाब देते हुए कहा- 'क्योंकि एफआईआर 6 राज्यों में है.... हम अलग-अलग हाई कोर्ट में नहीं जा सकते।' यही नहीं, फल नरीमन ने ये भी कहा कि कोर्ट को ये तय करना होगा कि देश में अनुच्छेद 19(1)(A) के तहत अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का मौलिक अधिकार है या नहीं? इस पर जजों ने जवाब दिया कि 'देश में अनुच्छेद 21 के तहत सम्मान के साथ जीवन जीने का अधिकार भी लोगों को मिला है.. आप किसी को अपमानित नहीं कर सकते।' आपको बता दें कि 'तांडव' के एक्टर मोहम्मद जीशान अय्यूब, निर्देशक अली अब्बास जफर, लेखक गौरव सोलंकी, निर्माता हिमांशु मेहरा और अमेजन प्राइम ओरिजिनल्स की प्रमुख अपर्णा पुरोहित ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। उनकी तरफ से फली नरीमन, मुकुल रोहतगी और सिद्धार्थ लूथरा जैसे दिग्गज वकील केस को लड़ रहे है।

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