Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

दिव्या भारती की मौत की रात क्या हुआ था, क्या नशे में चूर होकर बालकनी से गिरी थी एक्ट्रेस?

खिड़की पर खड़ी दिव्या भारती (DIvya Bharti) मुड़कर सही से खड़े होने की कोशिश कर रही थीं कि तभी उनका पैर फिसल गया। नीचे गिरते ही दिव्या खून से सन गईं।

दिव्या भारती की मौत की रात क्या हुआ था, क्या नशे में चूर होकर बालकनी से गिरी थी एक्ट्रेस?
X

'दीवाना', 'बलवान', 'दिल आशना है', 'दिल ही तो है' और 'रंग' जैसी फिल्में कर के अचानक से बॉलीवुड की टॉप एक्ट्रेस में शुमार होने वाली दिव्या भारती की पांच अप्रैल 1993 को एक दुर्घटना में मौत हो गई थी। महज 19 साल की उम्र में करीब 12 फिल्में करने के बाद अपने ही घर से गिरकर उनकी मौत हो गई। आज तक यह गुत्‍थी नहीं सुलझ पाई कि दिव्या की मौत हत्या थी या फिर आत्महत्या।

कहा जाता है कि दिव्या भारती जब 'शोला और शबनम' की शूटिंग कर रही थीं तब गोविंदा ने उन्हें निर्देशक-निर्माता साजिद नाडियाडवाला से मिलवाया। दोनों को एक-दूसरे से प्यार हुआ और बेहद जल्द दोनों ने शादी का फैसला कर लिया। इतना ही नहीं साजिद से शादी के लिए दिव्या ने इस्लाम धर्म कबूला। दोनों ने 10 मई 1992 को शादी और पांच अप्रैल 1993 यानी कुछ ही महीनों बाद जब इस तरह से दिव्या दुनिया छोड़कर गईं तो कई ऐसे आरोप लगे कि दिव्या की आकस्मिक मौत के पीछे उनके पति साजिद का हाथ था! कई सालों तक तहकीकात करने के बावजूद पुलिस नतीजे पर नहीं पहुंच पाई और 1998 में केस बंद कर दिया गया।

खबरों की मानें तो मौत वाले दिन ही दिव्या भारती ने मुंबई में अपने लिए नया चार बीएचके का घर खरीदा था और डील फाइनल की थी। कहते हैं कि वो इसके लिए बेहद खुश थीं। उनके भाई कुणाल आज तक यही कहते हैं कि उनकी बहन किसी भी हाल में आत्महत्या नहीं कर सकती, क्योंकि उसी दिन उनकी बात हुई थी। रात के करीब 10 बजे होंगे जब मुंबई के पश्चिम अंधेरी, वरसोवा में स्थित तुलसी अपार्टमेंट के पांचवें माले पर उनके घर में उनकी दोस्त और डिजाइनर नीता लुल्ला अपने पति के साथ उनसे मिलने पहुंची। तीनों लिविंग रूम में बैठे बातों में मस्त थे और ड्रिंग्स चल रही थी।

बताते हैं तीनों की बातचीत में दिव्या की नौकरानी अमृता भी हिस्सा ले रही थी। रात करीब 11 बजे होंगे अमृता किचन में कुछ करने गईं, नीता अपने पति के साथ टीवी देखने में व्यस्त थीं। तभी दिव्या कमरे की खिड़की की तरफ गईं और वहीं से तेज आवाज में अपनी नौकरानी से बातें कर रही थीं। कहते हैं दिव्या के लिविंग रूम में कोई बालकनी नहीं थी लेकिन इकलौती ऐसी खिड़की थी जिसमें ग्रिल नहीं थी। उसी खिड़की के नीचे पार्किंग की जगह थी जहां अक्सर कई गाड़ियां खड़ी रहती थीं। लेक‌िन यह संयोग था कि उसी दिन वहां कोई गाड़ी नहीं खड़ी थी।

खिड़की पर खड़ी दिव्या मुड़कर सही से खड़े होने की कोशिश कर रही थीं कि तभी उनका पैर फिसल गया। नीचे गिरते ही दिव्या खून से सन गईं। उन्हें तुरंत ही कूपर अस्पताल ले जाया गया लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। अस्पताल के एमर्जेंसी वार्ड में दिव्या ने दम तोड़ दिया।

पांच साल तक इंवेस्टीगेशन करने के बावजूद पुलिस को कोई ठोस वजह नहीं पता चली। आखिर में पुलिस ने रिपोर्ट में नशे में बालकनी से गिरने को ही कारण बताया। यह गुत्थी आभीतक सुलझ नहीं पाई है कि दिव्या की मौत हत्या थी या आत्महत्या। अगर वे दुखी थीं तो अपने लिए घर क्यों खरीदा? उनके पर‌िवार का हमेशा यही आरोप रहा।


Next Story