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चंद्र-नंदिनी: एक अनोखी प्रेम गाथा

स्टार प्लस पर सोमवार से एक नया सीरियल ‘चंद्र-नंदिनी’ शुरू हो गया है।

चंद्र-नंदिनी: एक अनोखी प्रेम गाथा
मुंबई. स्टार प्लस पर सोमवार से एक नया सीरियल ‘चंद्र-नंदिनी’ शुरू हो गया है। इस सीरियल में चंद्रगुप्त मौर्य की ऐतिहासिक कहानी को आधार बनाकर एक प्रेम गाथा को दिखाया जाएगा। सीरियल में चंद्रगुप्त मौर्य की भूमिका में रजत टोकस और नंदिनी की भूमिका में श्वेता बासु प्रसाद हैं। दोनों ही अपनी भूमिकाओं को लेकर काफी खुश हैं। सीरियल ‘चंद्र-नंदिनी’ से जुड़ी बातें साझा कर रहे हैं, दोनों कलाकार।
रिश्ते में प्यार की गुंजाइश हमेशा बरकरार रहती है: रजत टोकस
रजत टोकस अब तक कई हिस्टोरिकल सीरियल का हिस्सा बन चुके हैं। साथ ही वह ग्रे शेड कैरेक्टर को भी बखूबी निभा लेते हैं। अब अपकमिंग सीरियल ‘चंद्र-नंदिनी’ में वह चंद्रगुप्त की भूमिका में नजर आएंगे। चंद्रगुप्त की भूमिका को निभाने को लेकर रजत बताते हैं, ‘चंद्रगुप्त को हम एक आज्ञाकारी शिष्य, एक महान शासक के रूप में देखते हैं। लेकिन एक व्यक्ति चाहे वह शासक ही क्यों न हो, उसके जीवन के कई पहलू होते हैं। चंद्रगुप्त के जीवन में प्रेम का क्या स्थान था, उसके बारे में सीरियल में दिखाया जाएगा। हम अपने सीरियल के जरिए चंद्रगुप्त की प्रेम कहानी को सामने लाएंगे।’
आमतौर पर ऐतिहासिक किरदारों को निभाना मुश्किल माना जाता है, क्योंकि उसमें तथ्यों से जुड़ी कई बातों का ध्यान रखना पड़ता है। क्या रजत को भी प्रेमी के रूप में चंद्रगुप्त की भूमिका को निभाना मुश्किल लग रहा है? इस पर वह तुरंत कहते हैं, ‘मुश्किल क्यों होगा, एक एक्टर का काम होता है, अपनी भूमिका को अच्छे से निभाना। फिर हमारी रिसर्च टीम ने इस सब्जेक्ट पर काफी काम किया है। इसके अलावा मैं भी अपने लेवल पर हर भूमिका को अच्छे से निभाने की पूरी कोशिश करता हूं।’
सीरियल के प्रोमोज में टैगलाइन है, नफरत से लिखी गई मोहब्बत की दास्तान। प्यार और नफरत दो अलग भावनाएं हैं, ऐसे में क्या नफरत के रहते प्यार मुमकिन है? इस पर रजत का जवाब होता है, ‘हमें कुछ रिश्ते निभाने होते हैं, क्योंकि वे हमारी जिम्मेदारी होते हैं, फिर चाहे उनकी नींव नफरत पर ही क्यों न हो। लेकिन रिश्ते में प्यार की गुंजाइश हमेशा बरकरार रहती है। ‘चंद्र-नंदिनी’ में कहानी नफरत से जरूर शुरू होगी, लेकिन धीरे-धीरे यह कई पड़ावों से गुजरेगी। चंद्र को नंदिनी से प्रेम कैसे होगा, यह देखने के लिए तो दर्शकों को सीरियल देखना होगा।’
अकसर रजत टोकस के साथ कोई विवाद जुड़ जाता है। इसकी वजह पूछे जाने पर रजत गंभीर होते हुए जवाब देते हैं, ‘मैं एक रिजर्व किस्म का इंसान हूं। अपने काम को अच्छे से करने में यकीन रखता हूं। समय पर शूटिंग में आता हूं, शूट करता हूं और समय पर घर लौट जाता हूं, क्योंकि मुझे अपने परिवार के साथ भी पूरा समय बिताना होता है। सेट पर भी में सिर्फ अपनी स्क्रिप्ट पर फोकस रहता हूं और उसे बार-बार पढ़ता हूं, ऐसे में अगर मेरे को-स्टार को लगता है कि मैं घमंडी हूं, तो इसमें मैं क्या कर सकता हूं। मैं एक्टर होने के नाते अपनी जिम्मेदारी निभाता हूं और प्रोड्यूसर के पैसे को वेस्ट नहीं होने देना चाहता हूं, क्योंकि एक सीरियल शूट से सौ-डेढ़ सौ लोगों का घर चलता है, इसलिए समय पर काम का पूरा होना जरूरी है और मैं यही करता हूं।’
प्यार के आगे कठोर हृदय वालों को भी झुकना पड़ता है: श्वेता बासु प्रसाद
चाइल्ड आर्टिस्ट के तौर पर श्वेता बासु प्रसाद ने अपना करियर शुरू किया था। फिल्म ‘मकड़ी’ के लिए उन्हें बेस्ट चाइल्ड आर्टिस्ट का नेशनल अवार्ड भी मिला था। साउथ की फिल्मों में भी श्वेता ने लीड रोल किए हैं। लंबे समय बाद वह टीवी वर्ल्ड में वापसी कर रही हैं। वह सीरियल ‘चंद्र-नंदिनी’ में राजकुमारी नंदिनी के रोल में नजर आएंगी। इस भूमिका को लेकर श्वेता काफी खुश हैं। बालाजी टेलीफिल्म्स के साथ वह पहले भी सीरियल ‘कहानी घर घर की’ में काम कर चुकी हैं। अब ‘चंद्र-नंदिनी’ में फिर उनके साथ जुड़ी हैं। इस बारे में वह बताती हैं, ‘मैं जब छोटी थी, तब ‘कहानी घर घर की’ में श्रुति का रोल निभाया था। अब एक बार फिर एकता मैम के साथ काम करने का मौका मिला है। ‘चंद्र-नंदिनी’ भी बालाजी टेलीफिल्म्स और एकता मैम का ड्रीम प्रोजेक्ट है। ऐसे में इस सीरियल में काम करना मेरे लिए घर लौटने जैसा है।’
नंदिनी के अपने किरदार के बारे में श्वेता का मानना है कि टीवी पर कमबैक के लिए यह किरदार बिलकुल सही है। श्वेता बताती हैं, ‘नंदिनी साधारण लड़की नहीं है, वह एक वॉरियर प्रिंसेस है, एक ऐसी राजकुमारी जिसमें रूप-सौंदर्य के साथ-साथ योद्धा के गुण भी हैं। चंद्रगुप्त से वह विवाह करती है, लेकिन प्रतिशोध के लिए। इस तरह देखा जाए, तो यह बहुत मजबूत भूमिका है, जिसे निभाना अपने आपमें एक चैलेंज है। इस कैरेक्टर के जरिए मुझे टीवी पर अपना एक्टिंग स्किल्स दिखाने का मौका मिलेगा।’
सीरियल में चंद्र और नंदिनी की कहानी नफरत से शुरू हो रही है। क्या असल जिंदगी में भी नफरत से गुजरकर दो इंसानों को प्यार हो सकता है? इस पर श्वेता हंसकर जवाब देती हैं, ‘अब तक मैंने किस्से-कहानियों और हिंदी फिल्म्स-टीवी सीरियल्स में देखा है कि नफरत के बाद प्यार हो जाता है। जहां तक असल जिंदगी की बात है, तो मुझे ऐसा कोई एक्सपीरियंस नहीं हुआ है, इसलिए बता पाना मुश्किल है। हां, प्यार का अहसास क्या होता है, यह मुझे पता है, क्योंकि मेरी जिंदगी में भी कोई खास इंसान है।’
आगे सीरियल में प्रेम की राह पर चलकर चंद्र और नंदिनी के जीवन में बदलाव आएगा। श्वेता मानती हैं कि प्यार में किसी को भी बदलने की ताकत होती है। वह कहती हैं, ‘प्यार के आगे कठोर हृदय वालों को भी झुकना पड़ता है, यही ‘चंद्र-नंदिनी’ में दिखाया जाएगा। प्यार के अहसास से ही जिंदगी खुशनुमा हो जाती है, आप सिर्फ अपने ही बारे में नहीं सोचते हैं, खुद से जुड़े हर शख्स के बारे में सोचने लगते हैं, क्योंकि प्यार आपको संवेदनशील बना देता है।’
श्वेता ने लंबे समय बाद टीवी पर वापसी की है। वह अपने गैप की वजह बताती हैं, ‘पिछले दो साल में मैंने काफी क्रिएटिव वर्क किया है। इंडियन क्लासिकल म्यूजिक पर एक डॉक्यूमेंट्री बनाई, जिसमें फेमस क्लासिकल सिंगर्स के इंटरव्यू लिए, इसे बनाने में मुझे काफी वक्त लगा। इसके अलावा मैंने एक शॉर्ट फिल्म प्रोड्यूस भी की थी और इसमें एक्ट भी किया था। यही वजह रही है कि मैं एक्टिंग से दूर रही, लेकिन अब वापस आ गई हूं। एक हिंदी फिल्म ‘बद्रीनाथ की दुल्हनिया’ भी कर रही हूं।’
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