Hari bhoomi hindi news chhattisgarh
Breaking

Taapsee Pannu Interview : आप अपने नौ-दस साल के करियर का टर्निंग प्वाइंट किसे मानती हैं?

तापसी पन्नू ने बॉलीवुड में अपनी बहुत अच्छी जगह बना ली है। अब वह ऐसी फिल्में करना चाहती हैं, जो कुछ हटकर सब्जेक्ट्स वाली हों, जिनमें उनके रोल चैलेंजिंग हों। इन दिनों तापसी अपकमिंग तमिल फिल्म 'गेम ओवर' को लेकर चर्चा में हैं, जो हिंदी में भी डब होगी। फिल्म में क्या है उनका किरदार? इसके अलावा वह और कौन-सी फिल्में कर रही हैं? बता रही हैं तापसी पन्नू।

Taapsee Pannu Interview : आप अपने नौ-दस साल के करियर का टर्निंग प्वाइंट किसे मानती हैं?

तापसी पन्नू 'पिंक', 'नाम शबाना', 'मुल्क' और 'बदला' जैसी फिल्मों में अपने अभिनय का लोहा मनवा चुकी हैं। इस साल उनकी फिल्में 'तड़का', 'मिशन मंगल', 'सांड़ की आंख' और एक तमिल फिल्म 'गेम ओवर' रिलीज होगी। तापसी का कहना है, यह साल उनके करियर के लिए बेस्ट होगा। हाल ही में तापसी से अपकमिंग तमिल फिल्म 'गेम ओवर' को लेकर बातचीत हुई। इस मौके पर उन्होंने करियर को लेकर भी कई बातें साझा कीं। पेश है तापसी पन्नू से हुई बातचीत के चुनिंदा अंश-

आप अपने नौ-दस साल के करियर का टर्निंग प्वाइंट किसे मानती हैं?

मेरे करियर का सबसे बड़ा और पहला टर्निंग प्वाइंट तो साउथ में पहली फिल्म के तौर पर वहां के स्टार धनुष के साथ तमिल भाषा की बड़े बजट की फिल्म 'आदुकलम' का मिलना था। अगर यह फिल्म न मिलती तो मैं एक्टिंग को करियर न बनाती। उससे पहले एक्ट्रेस बनने की मेरी कोई ख्वाहिश नहीं थी। फिर मेरे करियर में दूसरा टर्निंग प्वाइंट तब आया, जब मुझे पहली हिंदी फिल्म 'चश्मेबद्दूर' मिली। उस वक्त मैं बहुत खुश हुई थी कि मुझे बिना किसी प्लानिंग और तैयारी के हिंदी फिल्मों में मौका मिल गया। उसके बाद टर्निंग प्वाइंट रही फिल्म 'पिंक।' वैसे मैं इस बात को लेकर कंफ्यूज हूं कि 'बेबी' और 'पिंक' में से किसे मैं लैंडमार्क मानूं। फिल्म 'बेबी' में मेरे दस मिनट के करदार को भी लोगों ने काफी सराहा था, जिसके चलते मुझे 'नाम शबाना' मिली थी। लेकिन फिल्म 'पिंक' के आते ही लोगों को अचानक लगा कि तापसी तो बेहतरीन एक्टिंग कर सकती हैं। तो यही टर्निंग प्वाइंट रहे। मुझे लगता है कि 2019 मेरे करियर का बेस्ट ईयर साबित होगा क्योंकि इस साल तमिल फिल्म 'गेम ओवर' के अलावा कई बेहतरीन फिल्में रिलीज हो रही हैं।

आपने दक्षिण भारत में तमाम फिल्में की हैं। क्या साउथ में आपको 'पिंक' या 'मुल्क' जैसी फिल्मों के किरदार मिल रहे थे?

नहीं मिल रहे थे और मिलना मुमकिन भी नहीं था। ऐसा नहीं है कि वहां अलग तरह की फिल्में नहीं बनती हैं, लेकिन वह मुझे नहीं मिल रही थीं। दरअसल, लैंग्वेज की प्रॉब्लम थी। तेलुगू या तमिल मेरी लैंग्वेज नहीं है। मैं उत्तर भारतीय पंजाबी हूं। साउथ के फिल्माकारों के दिमाग में यह बात रहती है, इसलिए वे मुझे चैलेंजिंग रोल नहीं देते थे, उन्हें लगता था कि पता नहीं मैं इन्हें कर पाऊंगी या नहीं। इसके बावजूद भी मुझे साउथ की फिल्म इंडस्ट्री से कोई शिकायत नहीं है।

अब आप तमिल फिल्म 'गेम ओवर' को लेकर चर्चा में हैं, इसके बारे में बताएं?

तमिल फिल्म 'कंचना-2' करने के तीन साल बाद इस फिल्म से मैंने तमिल फिल्म इंडस्ट्री में वापसी की है। तमिल फिल्मों के फेमस डायरेक्टर अश्विनी कृष्णन ने मुझे 'गेम ओवर' के लिए सही समझा। 'गेम ओवर' सुपर नेचुरल फिल्म है, जिसे हिंदी में डब करके रिलीज किया जा रहा है, हिंदी की डबिंग मैंने खुद की है। इसकी कहानी में कई लेयर हैं। मैंने इससे पहले 2015 में सुपर नेचुरल तमिल फिल्म 'कंचना 2' की थी। लेकिन इस बार मामला ज्यादा गहरा और संजीदा रहा।

फिल्म के किरदार को लेकर क्या कहेंगी?

इसमें मेरा किरदार नेक्टोफोबिक यानी कि अंधेरे से डरने वाली और हमेशा चिंता करने वाली लड़की का है। जो एक हादसे के बाद व्हील चेयर पर बैठी रहती है। इस वजह से वह एक समय के बाद इंट्रोवर्ट हो जाती है। फिर कुछ ऐसा होता है कि उसकी जिंदगी बदल जाती है, इसके बाद फिल्म की कहानी बहुत रोमांचक हो जाती है। फिल्म में व्हील चेयर पर बैठे होने के बाद भी मैं एक्शन करते नजर आने वाली हूं।

आपको नहीं लगता कि दर्शक आपको संजीदा किरदारों में ज्यादा पसंद कर रहे हैं?

मुझे यह बात पसंद आई कि लोग मुझे सीरियसली ले रहे हैं। मैं फिल्मों में टाइमपास के लिए नहीं आई हूं। मैं फिल्मों में कुछ ढंग का काम करने आई हूं। अगर मैं कॉमेडी करूंगी तो वह भी ढंग की करूंगी, जो देखने लायक हो। मैं दोहराव तो पसंद नहीं करती। मैं खुद को कभी दोहराऊंगी नहीं।

तो अब आप किस तरह की फिल्में करना चाहती हैं?

मैं चैलेंजिंग किरदार निभाना चाहती हूं। मैं कुछ हटकर सब्जेक्ट्स वाली फिल्में करना चाहती हूं। लेकिन इसके यह मायने नहीं हैं कि मैं ऐसी फिल्म करना चाहती हूं, जो बॉक्स ऑफिस पर कमाई न कर सके। अगर फिल्में कमाएंगी नहीं तो दूसरी फिल्मों का निर्माण कैसे होगा। मैं उन संजीदा फिल्मों का हिस्सा बनना चाहती हूं, जिनको लोग पसंद करें और उन्हें बॉक्स ऑफिस पर सफलता भी मिले।

इन दिनों बायोपिक फिल्मों का दौर चल रहा है, क्या आप आप बायोपिक करना चाहेंगी?

जरूर करना चाहूंगी। मुझे तो बायोपिक फिल्में देखना भी पसंद है। असल कहानियों से बढ़कर कोई कहानी हो ही नहीं सकती। मुझे खेलों में काफी इंट्रेस्ट है तो चाहूंगी कि कोई खेलों पर बायोपिक फिल्म करने को मिले।

आगे कौन सी फिल्में आने वाली हैं?

'गेम ओवर' के अलावा एक फिल्म 'तड़का' की है, जो 2011 की सफल मलयालम फिल्म 'साल्ट एन पीपर' का हिंदी रीमेक है। इस रोमांटिक कॉमेडी फिल्म का डायरेक्शन प्रकाश राज ने किया है। इसमें मेरे साथ नाना पाटेकर, अली फजल, श्रिया सरन और लिलेट दुबे हैं। फिल्म 'सांड़ की आंख' में मैंने 82 वर्षीय प्रकाशी तोमर का किरदार निभाया है। जगन शक्ति डायरेक्टेड फिल्म 'मंगल मिशन' में अक्षय कुमार, विद्या बालन जैसे कलाकार हैं, इस फिल्म का हिस्सा बनकर काफी खुश हूं।

Next Story
Share it
Top