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Bhumi pendekar interview: मुझे एक लाइफ पार्टनर चाहिए : भूमि पेडणेकर

भूमि पेडणेकर उन एक्ट्रेसेस में से हैं, जो अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत से ही कुछ अलग करती आई हैं। भूमि अब दो महिला शूटर्स पर बनी बायोपिक फिल्म ‘सांड की आंख’ में 87 वर्षीय शूटर चंद्रो तोमर के किरदार में नजर आएंगी। अपनी से दोगुनी उम्र के किरदर को निभाना उनके लिए कितना चैलेंजिंग रहा? इस फिल्म के अलावा वह कौन सी फिल्में कर रही हैं? वह अपने अब तक के करियर ग्रोथ से कितनी संतुष्ट हैं? अपकमिंग फिल्मों और करियर से जुड़े अहम सवालों पर भूमि पेडणेकर से बातचीत।

Bhumi pendekar interview: मुझे एक लाइफ पार्टनर चाहिए : भूमि पेडणेकर

निकिता त्रिपाठी: भूमि पेडणेकर ने 'दम लगा के हाईशा' से लेकर 'सोन चिड़िया' तक हर फिल्म में एकदम अलग किरदार निभाए हैं। इन किरदारों में उन्होंने दर्शकों को प्रभावित भी किया है। अपनी अपकिंग फिल्म सांड की आंख' में उन्होंने काफी अलग हटकर किरदार निभाया है। इस फिल्म में उन्होंने 87 वर्षीय शूटर चंद्रो तोमर का किरदार निभाया है। फिल्म में दूसरी 82 वर्षीय शूटर का किरदार तापसी पन्नू ने निभाया है।

यह फिल्म दीवाली के समय 25 अक्टूबर 2019 को प्रदर्शित होगी। इस फिल्म के अलावा इन दिनों भूमि 'डॉली किट्टी और वो चमकते सितारे', 'पति पत्नी और वो', एक अनाम हॉरर फिल्म और करण जौहर की फिल्म 'तख्त' में भी बिजी हैं। इसके अलावा उनके पास कई फिल्में हैं। हाल में भूमि पेडणेकर से लंबी बातचीत हुई। पेश है उनसे हुई इस बातचीत के प्रमुख अंश-

आप फिल्म-दर-फिल्म अलग तरह के किरदार कैसे चुन लेती हैं?

आपको लगता है कि मेरे लिए ऐसा करना आसान है? नहीं, मेरे करियर की पहली फिल्म 'दम लगा के हाईशा' के प्रदर्शन के बाद मेरे पास लगभग दो दर्जन पटकथाएं आईं, जिन्हें मुझे मना करना पड़ा। लेकिन इसके बाद फिल्मों की स्क्रिप्ट और इनके किरदारों ने मुझे चुना। वैसे मैं करण जौहर या इम्तियाज अली की फिल्मों का भी हिस्सा बनना चाहती हूं। मुझे सशक्त कथानक वाली फिल्में जल्दी पसंद आती हैं। मैं यह नहीं कहती कि हर फिल्म की कहानी केवल मेरे इर्द-गिर्द घूमे लेकिन मैं चाहती हूं कि फिल्म का कथानक ऐसा हो, जिसमें मेरा किरदार अहम हो।

आपकी पिछली फिल्म 'सोनचिरैया' को बॉक्स ऑफिस पर सफलता नहीं मिली?

आप कह तो सच ही रही हैं, जबकि फिल्म की कहानी अच्छी थी। फिल्म देखकर लोगों ने मेरे काम की भी तारीफ की। लेकिन हर फिल्म की अपनी तकदीर होती है। अब दीवाली के अवसर पर हमारी फिल्म 'सांड की आंख' देखकर लोग हैरान रह जाएंगे।

फिल्म 'सांड की आंख' के बारे में कुछ बताएं?

यह दो महिला शूटरों की बायोपिक फिल्म है। उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के जौहरी गांव की निवासी 87 वर्ष की चंद्रो तोमर और उनकी देवरानी 82 वर्ष की प्रकाशी दोनों दुनिया की सबसे उम्रदराज शूटर हैं। इन दोनों ने महिला शार्प शूटर की हैसियत से काफी शोहरत बटोरी। इस गांव में सभी उन्हें 'शूटर दादी' के नाम से बुलाते हैं। मैंने इसमें चंद्रो तोमर का और तापसी पन्नू ने प्रकाशी तोमर का किरदार निभाया है।

आपने 'सांड की आंख' में इतनी उम्रदराज महिला का किरदार करने के लिए कैसे हामी भरी?

सच तो यह है कि मैं पहले यह फिल्म करने को तैयार नहीं थी। मुझे नहीं लग रहा था कि मैं 87 वर्ष की महिला का किरदार निभा सकूंगी लेकिन फिल्म के डायरेक्टर को यकीन था। फिर यह तय हुआ कि पहले लुक टेस्ट करके देखते हैं, फिर आगे का फैसला करेंगे। मैं हमेशा चाहती हूं कि मैं जिस किरदार को निभाऊं, उसके साथ न्याय कर सकूं। इसलिए मैंने फिल्म के निर्देशक तुषार हीरानंदानी के संग काफी समय बिताकर किरदार को समझा, फिर कई लुक टेस्ट दिए। उसके बाद मुझे लगा कि मैं इस किरदार को निभा सकती हूं।

तब मैंने इस फिल्म को करने के लिए हामी भरी। शूटर चंद्रो तोमर पितृसत्तात्मक मानसिकता को तोड़ते हुए आगे बढ़ने के लिए हौसला-आफजाई करती हैं, जिसके चलते परिवार की आर्थिक स्थिति में भी सुधार आता है। चंद्रा तोमर को अपनी जिम्मेदारी का भी अहसास हुआ था। मैं भी अपनी हर फिल्म के माध्यम से पितृसत्तात्मक मानसिकता को बदलने में लगी हुई हूं। इसलिए भी इस किरदार को निभाना मेरे लिए बहुत बड़ी जिम्मेदारी और चुनौती थी।

क्या चंद्रो तोमर के किरदार को निभाना आसान रहा?

मेरे लिए अपनी उम्र से दोगुनी उम्र के किरदार को निभाना आसान नहीं था। ऐसा किरदार, जिसने आपसे दोगुनी जिंदगी बहुत अलग तरीके से जिया और अनुभव किया है, उसे पर्दे पर साकार करना बहुत बड़ी चुनौती रही।

आपने अब तक अपनी हर फिल्म में छोटे शहरों की लड़कियों या डिग्लैमरस किरदार निभाए हैं, क्या आप भी उन्हीं की तरह नारीवादी हैं?

मैं नारी हूं, लेकिन मैं नारीवाद की मुहिम नहीं चलाती। मुझे पुरुषों से प्यार है। स्कूल के दिनों में मेरे सारे मित्र लड़के रहे हैं। मैं समानता में यकीन करती हूं। मेरी राय में पुरुष-नारी का एक-दूसरे के बिना अस्तित्व ही नहीं है, लेकिन मैं हमेशा चाहती हूं कि हर पुरुष, हर स्त्री की बिना शर्त इज्जत करे, जिस तरह वह हमसे पाते हैं, जो पुरुष अभी भी पुरानी सोच में जकड़े हुए हैं, उन्हें हमारी फिल्में जगाने का काम कर रही हैं। मेरा मानना है कि शहर में लड़कियों का संघर्ष कम है, पर गांव या छोटे कस्बों की लड़कियों का संघर्ष ज्यादा है।

आप अपने चार वर्ष के करियर को किस तरह से देखती हैं?

बॉलीवुड में गैरफिल्मी परिवार से आकर सफलता पाना आसान नहीं है। महज चार वर्ष के अंदर मैंने 'दम लगा के हाईशा', 'ट्वॉयलेट एक प्रेम कथा, 'शुभ मंगल सावधान' और 'सोन चिरैया' इन चार फिल्मों के अलावा दो वेब सीरीज में अभिनय किया है। इन दिनों आधा दर्जन फिल्में कर रही हूं। अब तक मैंने जितने भी किरदार निभाए हैं या निभा रही हूं, ये सभी एक-दूसरे से बहुत अलग हैं। मैं पुरुष और महिला दोनों को प्रभावित करने वाली वे फिल्में करती हूं, जो समाज पर कमेंट करती हैं। इस तरह मुझे लगता है कि मेरा करियर अच्छी गति से आगे बढ़ रहा है।

एक कलाकार के तौर पर आप खुद में कितना ग्रोथ पाती हैं?

मुझे लगता है इन चार वर्षों में फिल्में करते हुए मेरा कॉन्फिडेंस काफी बढ़ा है। हम काम करते-करते अपने अनुभवों से लगातार सीखते हैं। मैं अपने आपको खुशनसीब मानती हूं कि मैंने उस समय अपने आपको फिल्मों से जोड़ा, जब फिल्मों का सुनहरा दौर चल रहा है। एक नहीं, कई बेहतरीन फिल्में बन रही हैं। मुझे लगता है कि मैं बॉलीवुड में लंबी पारी खेल पाऊंगी।

क्या ग्लैमरस किरदारों से आपने दूरी बना रखी है?

पर्सनल लाइफ में मैं मुंबई की इतनी ग्लैमरस लड़की हूं कि सेल्यूलाइड के पर्दे पर उसकी कमी नहीं खलती। पर्सनल लाइफ में मुझे हर सुख-सुविधा चाहिए लेकिन कैमरे के सामने मैं सिर्फ उस फिल्म के उस किरदार को जीती हूं, जो मेरे जैसे नहीं है। यही तो मेरे लिए सबसे बड़ा चैलेंज होता है लेकिन मेरी आगामी फिल्म 'पति पत्नी और वो' की रीमेक फिल्म ग्लैमरस और फन से भरपूर होगी।

यह पूरी तरह से कमर्शियल फिल्म है लेकिन इसकी कहानी अच्छी है, इसलिए कर रही हूं। 1978 में प्रदर्शित फिल्मकार बी. आर. चोपड़ा की फिल्म 'पति पत्नी और वो' की इसी नाम से बन रही रीमेक है, इसके निर्देशक मुदस्सर अजीज हैं। विवाहेत्तर संबंधों को रेखांकित करने वाली इस फिल्म में मेरे साथ कार्तिक आर्यन और अनन्या पांडे भी हैं। इसमें मेरे किरदार का नाम मंजरी है।

क्या आपने 1978 की फिल्म 'पति पत्नी और वो' देखी है?

जी हां! यह एक खूबसूरत फिल्म है लेकिन मेरी रीमेक फिल्म मॉडर्न जमाने की बात करती है। मूल फिल्म से एकदम अलग फिल्म होगी।

पहले 'पति पत्नी और वो' में तापसी पन्नू थीं, अब उनकी जगह आप आ गई हैं?

यह सच है लेकिन जब मुझे इस फिल्म का ऑफर मिला, तो मुझे यह बात नहीं पता थी। जब मुझे पता चला तो मैंने तापसी को फोन करके सच बताया। मैंने 'पति पत्नी और वो' से तापसी को नहीं हटवाया। तापसी और मैं बहुत अच्छे दोस्त हैं।

आपकी आने वाली दूसरी फिल्में कौन-सी हैं?

लगभग आधा दर्जन से अधिक फिल्में कर रही हूं, जिनमें से एक करण जौहर की 'तख्त' है। इसमें काम करने का अवसर पाकर मेरा सपना पूरा हो रहा है। मैं इस फिल्म को लेकर काफी उत्साहित हूं। इसमें रणवीर सिंह, करीना कपूर, विक्की कौशल, जान्हवी कपूर और अनिल कपूर भी हैं। मैं बचपन से ही करण जौहर की फैन रही हूं। इस फिल्म में मेरा किरदार एक अमीर मुगल का है।

दूसरी फिल्म एकता कपूर निर्मित और अलंकृता श्रीवास्तव निर्देशित हास्य व्यंग्य प्रधान फिल्म 'डॉली किट्टी और वो चमकते सितारे' में मैं किट्टी का और कोंकणा सेन शर्मा, डॉली का किरदार निभा रही हैं। इस महिला प्रधान फिल्म में हम दोनों काफी विद्रोही किस्म की बोल्ड लड़कियों के किरदार में हैं। इसके अलावा आयुष्मान खुराना के साथ 'बाला', 'ओमनिया' और एक अनाम हॉरर फिल्म भी कर रही हूं।

आगे किस निर्देशक के साथ काम करना चाहेंगी?

विशाल भारद्वाज, इम्तियाज अली, राजकुमार हिरानी, राकेश ओमप्रकाश मेहरा, आदित्य चोपड़ा बहुत लंबी सूची है।

मैं पूरी तरह से करियर को इंपॉर्टेंस देने वाली लड़की हूं। सत्रह साल की उम्र से काम कर रही हूं। मुझे अभी अपना बेस्ट देना है। हमें एक लाइफ पार्टनर भी चाहिए, इस बात से मैं इंकार नहीं कर रही हूं लेकिन मुझे इस वक्त शादी नहीं करनी है। अभी मेरी उम्र महज 29 साल है। मुझे कुछ अच्छा और क्रिएटिव काम करना है।

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