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''भाबीजी घर पर हैं'' से मुझे दूसरी लाइफ मिली है: आसिफ शेख

आसिफ शेख ने कहा कि यह मेरा कमबैक शो है।

कॉमेडी की दुनिया में आसिफ शेख एक बहुत ही जाना-पहचाना चेहरा हैं। इन दिनों वह एंड टीवी पर प्रसारित हो रहे सीरियल ‘भाबी जी घर पर हैं’ में विभूति नारायण के कैरेक्टर में दर्शकों को खूब हंसा रहे हैं। आसिफ की नजर में कॉमेडी क्या है? एडल्ट कॉमेडी पर उनका क्या कहना है? बातचीत कॉमेडी के दिग्गज आसिफ शेख से।
आसिफ शेख देश के पहले नेशनल सोप ओपेरा ‘हम लोग’ से टीवी की दुनिया में हैं। वह कई फिल्मों में भी आ चुके हैं, लेकिन वह छोटे पर्दे पर कॉमेडी सीरियल्स में दमदार भूमिकाओं से ज्यादा कामयाब रहे। उन्होंने कॉमेडी की दुनिया में अपनी एक अलग जगह बनाई। आसिफ इन दिनों एंड टीवी पर प्रसारित हो रहे सीरियल ‘भाबी जी घर पर हैं’ में विभूति नारायण के रोल में दर्शकों का खूब मनोरंजन कर रहे हैं। बातचीत आसिफ शेख से।
इस सीरियल में ऑडियंस आपके कैरेक्टर विभूति नारायण को काफी एंज्वॉय करती है, कैसा फील करते हैं?
वास्तव में जब एक आर्टिस्ट सीरियल की शुरुआत करता है तो उसके पास सिर्फ एक कैरेक्टर ही होता है, लेकिन उस कैरेक्टर में जान डालना उसके ऊपर निर्भर करता है। मुझे भी जब विभूति नारायण के कैरेक्टर के लिए अप्रोच किया गया तो मैंने इसमें जान डालने के लिए अपनी तरफ से कई एफर्ट डाले और आज जब आॅडियंस मेरे कैरेक्टर को एंज्वॉय कर रही है तो मुझे काफी खुशी मिल रही है।
क्या सोचा था कि यह शो इस तरह हिट होगा और आपके किरदार को इतनी तारीफ मिलेगी?
यह तो सोचा था कि आॅडियंस इस शो को पसंद करेगी। लेकिन यह शो इस कद्र सुपर हिट होगा इसकी उम्मीद नहीं थी। इस सीरियल से मुझे दूसरी लाइफ मिली है। यह भी कह सकते हैं कि यह मेरा कमबैक शो है। कॉमेडी सीरियल ‘यस बॉस’ के बाद मैंने चार-पांच शोज किए लेकिन कोई खास नहीं चला। मैं आॅडियंस का शुक्रगुजार हूं कि उन्होंने मुझे इतना प्यार दिया।
क्या आपको लगता है कि इस शो ने कॉमेडी को एक नई परिभाषा दी है?
जी बिल्कुल। ऑडियंस भी इस बात को फील करती होगी। इस शो में काफी कंवेंशनल कॉमेडी है। शो में सब नॉर्मल कैरेक्टर हैं। इस शो के जरिए कॉमेडी की एक नई लैंग्वेज क्रिएट की गई है, जिसे ऑडियंस खूब एंज्वॉय भी कर रही है।
आप कॉमेडी के अलावा किसी और जॉनर में क्यों नहीं दिखाई देते?
कॉमेडी के अलावा मैंने काफी सीरियस थिएटर किया है। लेकिन अगर टीवी की बात की जाए तो मैं कॉमेडी के अलावा दूसरे शोज करने के लिए इसलिए तैयार नहीं होता कि उसमें मेल आॅरिएंटेड रोल बहुत कम होते हैं। जबकि मुझे कॉमेडी सीरियल में बतौर एक्टर काफी कुछ करने का मौका मिलता है, जिसे मैं खूब एंज्वॉय करता हूं।
कॉमेडी आपकी नजर में क्या है?
मेरे लिए कॉमेडी लाइफ लाइन है। मुझे कॉमेडी करते हुए काफी लंबा अरसा हो गया है। मैं कॉमेडी को खूब एंज्वॉय करता हूं और यही वजह है कि आॅडियंस भी मेरी कॉमेडी को पसंद करती है।
एडल्ट कॉमेडी पर आपका क्या कहना है?
मेरा मानना है कि एडल्ट कॉमेडी चीप नहीं होनी चाहिए। हमने अपने शो में कॉमेडी का एक बैरियर जरूर तोड़ा है लेकिन कुछ भी चीप प्रजेंट नहीं कर रहे हैं। यही वजह है कि आॅडियंस इस शो को पसंद कर रही है। असल में कॉमेडी की बाउंड्री क्रॉस नहीं होनी चाहिए। कॉमेडी ऐसी होनी चाहिए, जिसे फै मिली के साथ बैठकर एंज्वॉय किया जा सके।
एक्टिंग की शुरुआत आपने थिएटर से की थी और आज भी आप थिएटर में एक्टिव हैं, थिएटर आपके लिए क्या मायने रखता है?
थिएटर मेरा पैशन और पहला प्यार है, क्योंकि थिएटर ने मुझे एक कॉन्फिडेंस दिया है। थिएटर से एक्टिंग की बारीकियां सीखने को मिलती हैं। बतौर एक्टर मुझे थिएटर से ग्रोथ करने का मौका मिलता है।
देश के पहले नेशनल सोप ओपेरा ‘हम लोग’ से आप टीवी पर एक्टिव हैं। इस दौरान आपने टीवी की दुनिया में क्या नए बदलाव महसूस किए हैं?
टीवी कमर्शियली काफी ग्रो हुआ है। लेकिन मुझे लगता है कि पहले शोज में जो आत्मा होती थी, वह कहीं न कहींं अब मिसिंग है। डेली सोप की वजह से क्वालिटी में फर्क पड़ता है, क्योंकि रोज किसी भी हालत में शूट करना ही होता है। टीवी ने जिस तरह ग्रो किया है, ऐसे में क्वालिटी पर असर नहीं होना चाहिए लेकिन ऐसा हो नहीं पा रहा है।
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