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Interview: बगदाद की रानी यास्मिन ने को-एक्टर सिद्दार्थ के व्यवहार पर कही ये बात

अवनीत कौर सबसे पहले जीटीवी के डांस रियालिटी शो ‘डांस इंडिया डांस-लिटिल मास्टर्स’ में नजर आईं और टॉप थ्री में रहीं। इसके बाद वह ‘डांस के सुपरस्टार्स’ का हिस्सा बनीं।

Interview: बगदाद की रानी यास्मिन ने को-एक्टर सिद्दार्थ के व्यवहार पर कही ये बात
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अवनीत कौर सबसे पहले जीटीवी के डांस रियालिटी शो ‘डांस इंडिया डांस-लिटिल मास्टर्स’ में नजर आईं और टॉप थ्री में रहीं। इसके बाद वह ‘डांस के सुपरस्टार्स’ का हिस्सा बनीं। डांस शोज के बाद अवनीत कई एड फिल्मों में भी नजर आईं। इसके बाद अवनीत ने टीवी सीरियल्स की ओर रुख किया।

अवनीत ने ‘मेरी मां’, ‘सावित्री’, ‘एक मुट्ठी आसमान’, ‘हमारी सिस्टर दीदी’ और ‘चंद्र नंदिनी’ जैसे सीरियल्स किए।इन दिनों वह सब टीवी के सीरियल ‘अलादीन : नाम तो सुना होगा’ में नजर आ रही हैं।

सीरियल ‘अलादीन: नाम तो सुना होगा’ में आप राजकुमारी के रोल में हैं। इस किरदार की खास बात क्या लगती है?

यास्मिन बगदाद की राजकुमारी है। वह बगदाद की सुल्तान बनना चाहती है। वह अपने राज्य की और वहां के लोगों की रक्षा करना चाहती है। यास्मिन अपनी जनता का हाल जानने के लिए कई बार भेष बदलकर उनके बीच जाती है और उनकी समस्याओं को जानने की कोशिश करती है।

यास्मिन को पता है कि उसे क्या चाहिए। मैं बहुत खुश हूं कि मुझे ऐसी मजबूत लड़की का किरदार निभाने का मौका मिल रहा है। यास्मिन मुझे बहुत इंस्पायर करती है।

आपने कहा कि यास्मिन आपको इंस्पायर करती है। कितनी समानता है आपमें और यास्मिन में?

मैं भी बहुत स्ट्रॉन्ग हूं। लेकिन मैं यास्मिन की तरह नहीं हूं। वह एकदम प्रोफेशनल है, एटीट्यूड के साथ रहती है। लेकिन मैं जब भी किसी से मिलती हूं तो बहुत ही कैजुअल तरीके से बात करती हूं। मेरे अंदर एटीट्यूड बिल्कुल नहीं है।

यास्मिन के किरदार के लिए आपने क्या तैयारियां कीं?

मैंने इस किरदार के लिए तलवारबाजी और घुड़सवारी सीखी। सबसे पहले मेरे पास इस किरदार की स्क्रिप्ट आई थी। तभी मुझे यह सीरियल अच्छा लगा और मैंने पापा से कहा कि इसके लिए हामी भर दीजिए। फिर लुक टेस्ट के लिए मुझे जितनी भी लाइंस दी गई थीं, उससे मुझे सारी स्टोरी समझ में आ गई थी, इसलिए किरदार को समझना आसान हो गया।

सीरियल में जादू भी होता है। आप मैजिक की दुनिया, फैंटेसी की दुनिया से खुद को कितना रिलेट कर पाती हैं?

मुझे लगता है कि फैंटेसी हम सबकी लाइफ में होती है। हर इंसान सपने देखता है और चाहता है कि उसके सपने असल जिंदगी में कभी न कभी सच हो जाएं। जब दर्शक सीरियल में जादुई दुनिया देखते हैं तो उन्हें अच्छा महसूस होता है। हमारे सीरियल की पूरी टीम ने जादुई दुनिया को क्रिएट करने में बहुत मेहनत की है।

यास्मिन को अलादीन में सबसे ज्यादा क्या पसंद है?

उसे अलादीन की शरारतें अच्छी लगती हैं। वह हर बात में यास्मिन को इरिटेट करता रहता है, स्टूपिड मूव्स करता रहता है। इससे यास्मिन को बहुत गुस्सा आता है और फिर यही गुस्सा प्यार में बदल जाता है।

आप पहले डांसर थीं, डांसिंग से एक्टिंग में आने का ख्याल कब और कैसे आया?

दरअसल, हर डांसर के अंदर एक एक्टर भी कहीं न कहीं छुपा होता है। मैंने तीन साल कथक सीखा है। कथक में सबसे अहम होते हैं, भाव, हाथों की मुद्राएं और बॉडी लैंग्वेज।

एक कथक डांसर होने के दौरान ही मुझे ऐसा बहुत कुछ सीखने को मिल गया था, जो एक्टिंग के लिए जरूरी होता है। इस तरह मेरे लिए एक्टिंग करना आसान हो गया। फिर मुझे डांस शोज के दौरान ही सीरियल में भी काम मिलने लगा तो मैं करती चली गई।

को-एक्टर सिद्धार्थ के साथ आपकी बॉन्डिंग कैसी है?

मैं और सिद्धार्थ बेस्ट फ्रेंड्स हैं। हम लोग एक साल पहले सीरियल ‘चंद्र नंदिनी’ के सेट पर मिले थे, तभी से हम दोनों एक-दूसरे को बहुत अच्छे से समझते हैं, हमारे बीच बेस्ट फ्रेंड वाली बॉन्डिंग हो गई है।

बहुत जल्दी और कम समय में आपको इतनी कामयाबी मिली है। इसका क्रेडिट किसे देंगी?

मेरे मम्मी-पापा की वजह से ही मैं आज यहां हूं, इतना सब काम कर भी चुकी हूं। वे मेरा सबसे बड़ा और मजबूत सपोर्ट सिस्टम हैं।

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