logo
Breaking

Interview / ''रिश्तों के चक्रव्यह'' से निकलकर ''मनमोहिनी'' के जाल में फंसे अंकित सिवाच

अंकित सिवाच अब जल्द ही सिरियल मनमोहिनी में नजर आएंगे। इस सो में वह दो कैरेक्टर प्ले करते नजर आएंगे। पहला राणा सा और दूसरा राम का। बातचीत अंकित सिवाच से।

Interview /

अंकित सिवाच मेरठ, उत्तर प्रदेश से बिलॉन्ग करते हैं। बचपन से ही वह एक्टिंग, डांसिंग का शौक रखते थे। लेकिन अंकित ने पढ़ाई पर भी फोकस किया, साइकोलॉजी में ग्रेजुएशन किया, बाद में एमबीए किया, इसके साथ ही थिएटर, मॉडलिंग भी करते रहे।

आखिर में उन्होंने एक्टिंग को ही करियर के तौर पर चुना और मुंबई चले आए। अंकित ने करीबन सौ ऑडिशन दिए और असफल रहे। इस दौरान तनुजा चंद्रा के साथ बतौर असिस्टेंट एक शॉर्ट फिल्म ‘सिल्वर’ की।

इसके बाद वह सीरियल ‘रिश्तों का चक्रव्यूह’ में पहली बार टीवी पर नजर आए। इस सीरियल में उनका किरदार काफी पसंद किया गया। अब वह जीटीवी के नए सीरियल ‘मनमोहिनी’ में नजर आ रहे हैं। बातचीत अंकित सिवाच से।

सीरियल ‘मनमोहिनी’ के बारे में कुछ बताइए, इसकी कहानी क्या है?

हमारे सीरियल की कहानी राजस्थान के बैकड्रॉप पर है। इसमें एक मनमोहिनी नाम की डायन है, वो एक अतृप्त आत्मा है, जो अपने प्रेमी राणा सा से मिलने के लिए पांच सौ सालों से भटक रही है।

आज के समय में उसके प्रेमी का पुनर्जन्म राम नाम के सामान्य आदमी के रूप में हुआ है, जिसकी सिया नाम की पत्नी भी है। राम और सिया एक-दूसरे को बहुत प्यार करते हैं।लेकिन मोहिनी इनकी जिंदगी में आकर उथल-पुथल मचा देती है।

वह राम को पाना चाहती है, जो पहले जन्म में उसका प्रेमी था। इस तरह हमारे सीरियल की कहानी निस्वार्थ लड़की सिया और एक जिद्दी रूह मनमोहिनी के बीच अपने प्यार को हासिल करने की है। सीरियल में कई बार ऐसा होगा कि दर्शक कभी सिया तो कभी मनमोहिनी के साथ खड़े नजर आएंगे।

इसमें आपका किरदार क्या है?

मैंने सीरियल ‘मनमोहिनी’ में दो किरदार किए हैं, पांच सौ साल पहले राजा राणा सा का रोल और आज के समय में राम का किरदार। दोनों किरदारों की बॉडी लैंग्वेज पर मुझे वर्क करना पड़ा। राजा के किरदार को निभाने के लिए रॉयल अंदाज पर फोकस किया। वहीं राम के किरदार के लिए आज के समय को ध्यान में रखा।

आपने तो साइकोलॉजी में ग्रेजुएशन किया है। डायन, भूत-प्रेत जैसी बातों में आप भरोसा नहीं करते होंगे?

साइकोलॉजी के हिसाब से यह सारी बातें नेगेटिव सोच का नतीजा होती हैं, हमारे दिमाग की उपज होती हैं। ऐसे में लोगों को पॉजिटिव रहने की सलाह दी जाती है। इन सब बातों के बावजूद मैं असल जिंदगी में सुपरनेचुरल पावर पर विश्वास करता हूं।

क्या आपके साथ कभी कोई सुपरनेचुरल किस्म की घटना हुई?

मुझे इस तरह का कोई अनुभव नहीं हुआ है। लेकिन कुछ दोस्तों से मैंने ऐसी घटनाओं के बारे में जरूर सुना है। मैं मेरठ का रहने वाला हूं। यह छोटा शहर है, इस तरह की बातें वहां खूब सुनने को मिलती हैं।

मेरा मानना है जैसे भगवान यानी सकारात्मक शक्ति होती है, उसी तरह राक्षस, चुड़ैल, भूत-प्रेत जैसी नकारात्मक शक्तियां भी होती हैं। इनका वर्णन रामायण, महाभारत तक में हुआ है।

रेहाना पंडित और गरिमा सिंह राठौर सीरियल ‘मनमोहिनी’ में आपकी को-एक्टर्स हैं। दोनों के साथ वर्किंग एक्सपीरियंस कैसे रहे?

बहुत ही अच्छे रहे। दोनों ही अपने काम को लेकर पूरी तरह डेडिकेटेड हैं। इन दोनों की मेहनत देखकर मेरे अंदर भी और अच्छा काम करने का जोश आ जाता है। रेहाना, गरिमा दोनों ही बहुत फ्रेंडली हैं।

आपको आज भी पहले सीरियल में निभाए गए अधिराज के किरदार से पहचाना जाता है। इस वजह से आपकी फीमेल फैन फालोइंग भी बढ़ी थी, क्या ‘मनमोहिनी’ से नई इमेज बन पाएगी?

अधिराज एक सीबीआई ऑफिसर था, दबंग था, इस किरदार को दर्शकों ने, फीमेल फैंस ने खूब पसंद किया। यह किरदार मेरे साथ एक्टिंग करियर के आखिर तक रहेगा। मैं नहीं चाहता हूं कि फैंस अधिराज के किरदार को भूलें। अधिराज की वजह से तो बतौर एक्टर मुझे पहचान मिली।

आपने डायरेक्टर तनुजा चंद्रा के साथ शॉर्ट फिल्म ‘सिल्वर’ की थी, क्या आगे भी डायरेक्शन करने का इरादा रखते हैं?

अभी मेरा पूरा ध्यान टीवी सीरियल्स पर, एक्टिंग पर है। पहले मैं एक अच्छा एक्टर बन जाऊं, उसके बाद निर्देशन में भी जरूर कोशिश करूंगा।

अगर कभी फिल्मों में मौका मिला तो किस जॉनर में काम करना चाहेंगे?

मुझे एक्शन हीरो बहुत इंस्पायर करते हैं। जैसे अक्षय कुमार, अजय देवगन और जॉन अब्राहम। अगर मुझे मौका मिला तो मैं भी एक्शन फिल्मों में जरूर काम करना चाहूंगा।

आपकी तरह छोटे शहर से कई न्यू कमर हीरो बनने का सपना लेकर मुंबई आते हैं, उन्हें क्या सलाह देना चाहेंगे?

अगर सपने देखे हैं तो उन्हें जरूर पूरा करें। बस इतना ध्यान रखें कि कभी निराश ना हों। एक दिन मेहनत रंग जरूर लाएगी।

Share it
Top