logo
Breaking

तेरे बिन: प्यार की अनोखी दास्तां

तेरे बिन में गौरव खन्ना लीड रोल निभा रहे हैं।

तेरे बिन: प्यार की अनोखी दास्तां
एंड टीवी पर हाल ही में एक डिफरेंट लव स्टोरी बेस्ड सीरियल ‘तेरे बिन’ की शुरुआत हुई है। इसकी कहानी का ताना बाना डॉ. अक्षय, उसकी पत्नी विजया और डॉ. नंदिनी के इर्द-गिर्द बुना गया है। इन किरदारों में गौरव खन्ना, शेफाली शर्मा और खुशबू तावड़े नजर आ रहे हैं। इन एक्टर्स ने इस सीरियल और अपने रोल से जुड़ी कई बातें हरिभूमि (रंगारंग) से शेयर कीं..
सच्चा प्यार सेल्फिश नहीं होता है
गौरव खन्ना
कई टीवी सीरियल्स में काम कर अपनी एक अलग पहचान बना चुके गौरव खन्ना इस सीरियल में लीड रोल निभा रहे हैं। सीरियल में अपने किरदार के बारे में पूछे जाने पर वह कहते हैं, ‘मैं इस सीरियल में डॉक्टर अक्षय का रोल निभा रहा हूं, जो प्यार तो खुशबू से करता है। लेकिन किसी कारणवश शादी विजया से कर लेता है। शादी के बावजूद भी उसके ख्यालों में हमेशा खुशबू ही रहती है। वह विजया को धोखा नहीं दे रहा है। उसकी बहुत रेस्पेक्ट करता है। उसके एक बेटी भी है, जिसे वह बहुत प्यार करता है।’
इस कैरेक्टर की खासियत के बारे में भी गौरव बताते हैं, ‘इस कैरेक्टर में मुझे एक साथ दो अलग-अलग रूपों में नजर आने का मौका मिल रहा है। एक तरफ तो मैं डॉक्टर अक्षय होता हूं, वहीं दूसरी तरफ फ्लैशबैक में 10 साल पहले के मेडिकल स्टूडेंट के रूप में दिखता हूं। हालांकि मेरे लिए यह काफी टफ है, क्योंकि दोनों की बॉडी लैंग्वेज, हंसने-बोलने का ढंग एकदम अलग है। मेरे इस कैरेक्टर में कई शेड्स हैं।’
गौरव प्यार के बारे में क्या सोचते हैं? इस पर उनका जवाब होता है, ‘सच्चा प्यार सेल्फिश नहीं होता है। प्यार में अपने से पहले सामने वाले की खुशी के बारे में सोचा जाता है।’
यह पूछे जाने पर कि क्या यह सीरियल आॅडियंस को कोई मैसेज भी दे रहा है? गौरव तुरंत कहते हैं, ‘जी नहीं, कोई मैसेज नहीं दिया जा रहा है और न ही कुछ सिखाने की कोशिश की जा रही है। सीरियल में तीनों कैरेक्टर अपनी जिंदगी में आने वाली सिचुएशंस को कैसे हैंडल करते हैं, यही दिलचस्प तरीके से दिखाया जा रहा है। हर सिचुएशन को देखने का सबका तरीका अलग हो सकता है। ऐसे में कई बार आॅडियंस को लगेगा कि हम सही हैं और कई बार गलत। शो का मेन मकसद आॅडियंस को एंटरटेन करना होता है, इसलिए मेरा मानना है कि अगर कुछ गलत लगे, तो फॉलो नहीं करना चाहिए, वहीं अगर कुछ अच्छा सीखने को मिले तो उसे तुरंत अपनी लाइफ में अप्लाई करना चाहिए।’
प्यार में धोखा मिले तो खुद
को हर्ट नहीं करना चाहिए
खुशबू तावड़े
कई टीवी सीरियल और मराठी फिल्मों में काम कर चुकीं खुशबू तावड़े सीरियल में अपने कैरेक्टर नंदिनी के बारे में बताती हैं, ‘नंदिनी एक डॉक्टर है। बचपन में ही उसके पैरेंट्स एक्सपायर हो गए थे। रिलेटिव्स ने ही उसे पाल-पोसकर बड़ा किया है। जब वह मेडिकल कॉलेज में पढ़ने जाती है तो उसकी मुलाकात अक्षय से होती है। वह अक्षय से प्यार करने लगती है और उसे ही अपना सबकुछ समझने लगती है। लेकिन एक दिन अचानक अक्षय बिना कुछ कहे गायब हो जाता है। इस बात को आठ साल बीत गए हैं। नंदिनी एकदम पत्थर दिल हो चुकी है। लेकिन अचानक अक्षय एक बार फिर से उसके सामने आ जाता है।’
यह पूछे जाने पर कि कहीं प्यार पाने की कोशिश में नंदिनी का कैरेक्टर आगे चलकर ग्रे तो नहीं हो जाएगा? वह साफ कहती हैं, ‘इस सीरियल में ग्रे शेड तो हर किसी के कैरेक्टर में है। सिचुएशन ऐसी बन जाती है कि जो नॉर्मल शेड है, वह भी अगले ही पल ग्रे लगने लगता है।’
रियल लाइफ में जिसे आप प्यार करें, उसी से धोखा मिले तो क्या करना चाहिए? इस सवाल के जवाब में खुशबू कहती हैं, ‘मेरी नजर में अगर प्यार में धोखा मिल जाए तो खुद को हमेशा हर्ट करते रहना कोई सॉल्यूशन नहीं है। इससे पूरी फैमिली प्रभावित होती है। पैरेंट्स की खुशी बच्चों की खुशी में ही होती है, इसलिए आगे बढ़कर एक नई शुरुआत करनी चाहिए।’
प्यार में सिर्फ खुशी
मायने रखनी चाहिए
शेफाली शर्मा
सीरियल ‘बानी-इश्क दा कलमा’ से छोटे पर्दे पर मशहूर हुर्इं शेफाली शर्मा इस सीरियल में विजया का कैरेक्टर प्ले कर रही हैं। इस सीरियल में शेफाली को क्या खासियत नजर आई? पूछे जाने पर वह कहती हैं, ‘मैं अब कुछ डिफरेंट करना चाहती थी। मैंने अभी तक बहुत पॉजिटिव रोल कर लिए हैं। मैंने यह कैरेक्टर इसलिए एक्सेप्ट किया, क्योंकि मेरे लिए यह कैरेक्टर काफी चैलेंजिंग है। इसमें एक तो मैं पहली बार एक आठ साल की बच्ची की मां का किरदार निभा रही हूं। दूसरा यह कैरेक्टर न पॉजिटिव है और न ही नेगेटिव। जिस तरह हम रियल लाइफ में सिचुएशन के अकॉर्डिंग बिहेव करते हैं, ठीक उसी तरह मैं सीरियल में बिहेव करती नजर आऊंगी। विजया की शादी अक्षय से हुई तो है, लेकिन वे दोनों एक साथ होते हुए भी एक साथ नहीं है। उनकी एक बेटी है, जिससे वह बहुत जुड़ी हुई है।’
रियल लाइफ में आज भी कई महिलाएं विजया की सिचुएशन में हैं। वे इस सिचुएशन को कैसे हैंडल कर सकती हैं? पूछने पर शेफाली तुरंत कहती हैं, ‘यह सीरियल उन महिलाओं को जरूर देखना चाहिए, जो आज मेरी सिचुएशन में हैं। सीरियल देखने से उन्हें ऐसे कई तरीके मिलेंगे, जिससे वे ऐसी कंडीशन को आसानी से हैंडल कर पाएंगी।’
क्या शेफाली विजया के कैरेक्टर से खुद को रिलेट करती हैं? इस पर वह जवाब देती हैं, ‘मैं विजया से खुद को काफी रिलेट करती हूूं। जैसे मैं रियल लाइफ में सिचुएशन के अकॉर्डिंग कभी अच्छे तो कभी बुरे तरीके से रिएक्ट करती हूं, ठीक वैसे ही विजया करती है। मेरा कैरेक्टर काफी रियल है, इसलिए मैं खूब एंज्वॉय कर रही हूं।’
सच्चे प्यार के बारे में शेफाली अपनी राय बहुत साफ शब्दों में रखती हैं, ‘मेरी नजर में सच्चा प्यार वही है, जिसमें एक-दूसरे को बदलने की चाहत न हो, बल्कि रेस्पेक्ट हो। दुनिया की परवाह किए बगैर, प्यार में सिर्फ खुशी मायने रखनी चाहिए। ’
खबरों की अपडेट पाने के लिए लाइक करें हमारे इस फेसबुक पेज को फेसबुक हरिभूमि, हमें फॉलोकरें ट्विटर और पिंटरेस्‍ट पर-
Share it
Top