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बोलीं आलिया- हीरोइन की वजह से हिट हुई फिल्म तो हीरो से ज्याद लें फीस

आलिया ने फीस डिस्क्रीमनेशन को लेकर खुल कर बात कही।

बोलीं आलिया- हीरोइन की वजह से हिट हुई फिल्म तो हीरो से ज्याद लें फीस
मुंबई. बॉलीवुड में होने वाले भेदभाव से सभी वाकिफ है। फिल्मों में काम चाहे हीरो-हीरोइन बराबर का करें लेकिन पैसे हीरो को
ही ज्यादा मिलते हैं। इस मामले में आज तक कोई हीरोइन आवाज भी नहीं उठा पाई है लेकिन बेवकूफ समझी जाने वाली बेहद खूबसूरत एक्ट्रेस आलिया भट्ट वे इस मामले में अपनी सोच साफ बता दी है।
उड़ता पंजाब जैसी फिल्म के लिए बेस्ट एक्ट्रेस का अवॉर्ड पा चुकी आलिया भट्ट को सोशल मीडिया पर पोपट समझा जाता है। लेकिन बॉलीवुड इंडस्ट्री में एक्टर और एक्ट्रेस की फीस डिस्क्रीमनेशन को लेकर उन्होंने जो बात कही है वह काबिले-तारिफ है।
आमतौर पर एक्टर या एक्ट्रेस मेहनताने को लेकर होने वाले भेदभाव के सवाल का जवाब देने से कतराते हैं लेकिन आलिया ने इस मुद्दे पर अपनी बात बहुत सलीके से और सटीक तरीके से रखी है। आलिया से जब हमने यह जानने की कोशिश की, कि क्या उन्हें भी ऐसा लगता है कि बॉलीवुड में अब भी फीमेल ओरियेंटेड फिल्में बनने के बावजूद फीस को लेकर अभिनेता और अभिनेत्री में भेदभाव किया जाता है
आलिया ने इस सवाल के जवाब में कहा कि उन्हें तो लगता है कि अब वक्त ऐसा आ चुका है कि किसी भी एक्टर या एक्ट्रेस को इस आधार पर फीस दी जानी चाहिए कि उसकी मार्केट वैल्यू क्या है। अगर किसी की पिछली फिल्म उस एक्ट्रेस की वजह से कामयाब हुई है लेकिन फिल्म मेल डोमिनेटेड हो, तब भी एक्ट्रेस को अधिक मेहनताना मिलना चाहिए क्योंकि वो फिल्म फीमेल आर्टिस्ट की वजह से से चली है।
आलिया मानती हैं कि आज प्रोड्यूसर्स और ट्रेड वाले सभी यह बात अच्छी तरह से जानते हैं कि किसकी वजह से फिल्म हिट हो रही है और कौन कितना प्रतिशत आॅडियंस ला रहा है। जैसे कि फिल्म नीरजा। नीरजा पूरी तरह से सोनम कपूर की वजह से चली है तो उनका ज़्यादा फीस पर हक है। आलिया आगे कहती हैं कि "मेरे पापा की फिल्म अर्थ. पूरी तरह से शबाना आजमी की वजह से कामयाब हुई थी। तो उनको इस फिल्म में सबसे अधिक फीस पाने का हक है।
आलिया यह भी कहती हैं कि वो जब किसी फिल्म को हां कहती हैं तो यही बात ध्यान में रखती हैं कि कितना स्क्रीन स्पेस शेयर कर रही हैं, उनका रोल क्या है? जैसे कपूर एंड सन्स में उनका स्क्रीन स्पेस कम था लेकिन वह किरदार अहम था। उसने जो भी बोला। उस कहानी में उसकी अहमियत थी। तो वो अपने किरदार और फीस के हक को इस आधार पर तय करना चाहेंगी।
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