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अदनान सामी ने दिया सोनू निगम का साथ कहा, इन लोगों ने खुद को गुरुर से बांधा हुआ है

सोनू निगम के सपोर्ट में उतरे सिंगर अदनान सामी।सोनू निगम ने अपने वीडियो में टी- सीरीज के मालिक भूषण कुमार पर भी निशाना साधा है और उन्हें म्यूजिक की इंडस्ट्री का माफिया बताया है।

अदनान सामी ने दिया सोनू निगम का साथ कहा, इन लोगों ने खुद को गुरुर से बांधा हुआ है
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सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद बॉलीवुड में अचानक एक भूचाल सा आ गया है। जहां एक तरफ नेपोटिस्म को लेकर जबरदस्त जंग छिड़ी हुई है। बॉलीवुड के कुछ सेलिब्रिटीज बड़े बड़े निर्माता निर्देशकों पर नेपोटिस्म को बढ़ावा देने का आरोप लगा रहे है। वहीं म्यूजिक इंडस्ट्री में भी यही सब देखने को मिल रहा है। सोनू निगम ने भी इसी कड़ी में अपने आपको शामिल कर लिया है।

जी हां सोनू निगम ने इंस्टाग्राम पर अपने वीडियो शेयर करते हुए बताया है कि सिर्फ फिल्मों में ही नहीं म्यूजिक इंडस्ट्री में भी काफी नेपोटिस्म चलता है। यहां पर नए टैलंट्स की कोई वैल्यू नहीं होती है। उन्हें अच्छे से ट्रीट नहीं किया जाता है। उनसे गाने छिन लिए जाते है। सोनू निगम ने अपने वीडियो में टी- सीरीज के मालिक भूषण कुमार पर भी निशाना साधा है और उन्हें म्यूजिक की इंडस्ट्री का माफिया बताया है। उन्होंने अपनी वीडियो में भूषण कुमार को लेकर काफी कुछ कहा है। अब इस मामले में सोनू निगम के सपोर्ट में उतर आये है सिंगर अदनान सामी।

अदनान ने भी सोनू को सपोर्ट करते हुए इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट शेयर किया है। अदनान ने पोस्ट में लिखा "नए टैलेंट का शोषण किया जा रहा है और क्रिएटिविटी को कंट्रोल किया जा रहा है। भारतीय फिल्म और म्यूजिक इंडस्ट्री को वाकई बहुत जोर से झंकझोरने की जरूरत है। खास तौर पर संगीत के संदर्भ में नए सिंगर्स, पूर्व सिंगर्स, म्यूजिक कंपोजर्स और म्यूजिक प्रोड्यूसर्स जिन्हें उनके चरम तक शोषित किया जा रहा है।"

उन्होंने कहा "आज्ञा का पालन करते जाओ नहीं तो आपको बाहर कर दिया जाएगा। रचनात्मकता को उनके द्वारा क्यों नियंत्रित क्यों किया जा रहा है जिन्हें क्रिएटिविटी के बारे में कोई आइडिया ही नहीं है और वो भगवान बनने की कोशिश कर रहे हैं। ईश्वर की कृपा से हमारे पास 130 करोड़ भारतीय हैं। क्या हमारे पास देने के लिए सिर्फ रीमिक्स और रीमेक ही हैं?"

अदनान ने लिखा "ईश्वर के लिए ये सब बंद करो और उन्हें सांस लेने का मौका दो जो वाकई में टैलेंटेड हैं और पुराने खिलाड़ी हैं। म्यूजिकली और सिनेमैटिकली उन्हें रचनात्मक सुकून दो। फिल्मों और संगीत के माफियाओं तुमने खुद को अपने गुरूर से बांध रखा है और खुद को स्वघोषित भगवान बना रखा है। क्या तुमने इतिहास से कुछ भी नहीं सीखा कि कला और रचनात्मकता के पर्यावरण को कभी नियंत्रित नहीं करना चाहिए। बहुत हो गया आगे बढ़ो। बदलाव आ गया है और अब ये आपके दरवाजों को खटखटा रहा है। आप तैयार हों या न हों ये आ रहा है। पीछे हट जाओ।"

यहां देखें पोस्ट:


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