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जिग्नेश की ''युवा हुंकार रैली'' में पहुंचे प्रशांत भूषण, केंद्र सरकार पर साधा निशाना

जिग्नेश मेवाणी की ''युवा हुंकार रैली'' के लिए पार्लियामेंट स्ट्रीट में भारी सुरक्षा बल तैनात किया गया है। पार्लियामेंट स्ट्रीट और आस-पास के एरिया में धारा 144 लागू है।

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दिल्ली के संसद मार्ग पर जिग्नेश मेवाणी के नेतृत्व में 'युवा हुंकार रैली' चल रही है। इस रैली को देश के प्रसिद्ध अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने भी सबोधित किया। इसके अलावा रैली को जेएनयू के छात्र उमर खालिद, जेएनयू से लापता छात्र नजीब की बहन, प्रदीप नरवाल, रिचा सिंह, शहला रशीद ने भी संबोधित किया।

रैली को संबोधित करते हुए इन सभी लोगों ने भाजपा, केंद्र सरकार और नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा। इन लोगों ने भीम आर्मी के प्रमुखी चंद्रशेखर रावण के खिलाफ यूपी सरकार द्वारा की गई कार्ऱवाई की भी अलोचना की। साथ ही चंद्रशेखर रावण की रिहाई की मांग भी की।

इससे पहले 'युवा हुंकार रैली' के लिए जिग्नेश मेवाणी संसद मार्ग पहुंच गए हैं। हालांकि दिल्ली पुलिस ने उनकी रैली पर रोक लगा रखी थी, लेकिन पुलिस ने अभी तक उन्हें गिरफ्तार नहीं किया है।

जिग्नेश मेवाणाी के साथ असम के किसान नेता अखिल गोगोई और जेएनयू की पूर्व छात्र नेता शहला रशीद भी मंच स्थित है। कहा जा रहा है जिग्नेश मेवाणी की तबियत खराब है।

रैली से पहले जिग्नेश का कहना है कि हम लोग लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से रैली करने जा रहे है, लेकिन सरकार हमें टारगेट कर रही है, एक चुने हुए प्रतिनिधि को बोलने से रोका जा रहा है।

'युवा हुंकार रैली' के लिए पार्लियामेंट स्ट्रीट और जंतर-मंतर में भारी सुरक्षा बल तैनात किया गया है। पार्लियामेंट स्ट्रीट और आस-पास के एरिया में धारा 144 लागू है।

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इसके अलावा पार्लियामेंट स्ट्रीट के आस-पास के एरिया में कई पोस्टर और बैनर लगे हैं, जिनमें जिग्नेश मेवाणी को भगोड़ा बताया गताया है। इसके अलावा बैनरों में जिग्नेश को नक्सलियों से साठ-गांठ करने वाला, भड़काऊ भाषण देने वाला, जातीय हिंसा करवाने वाला बताया गया है।

बैनर में जिग्नेश को लेकर ये भी कहा गया है कि सब कुछ करेंगे लेकिन डिबेट नहीं करेंगे। इसके साथ ही बैनर पर #bhagodaMevani भी लिखा हुआ है।

सरकार के खिलाफ संगठन

जिग्नेश मेवाणी और उनके समर्थक रैली करने पर अड़ गए हैं। मोदी सरकार के खिलाफ बुलाई गई इस रैली से पहले ही परमिशन को लेकर रैली आयोजित कर रहे संगठन और पुलिस आमने-सामने आ गए हैं।

इस संबंध में नई दिल्ली के डीसीपी की तरफ से सोमवार देर रात एक ट्वीट किया गया। ट्वीट में लिखा गया कि एनजीटी के आदेशों को मद्देनजर रखते हुए अभी तक पार्लियामेंट स्ट्रीट पर प्रस्तावित प्रदर्शन को दिल्ली पुलिस की तरफ से इजाजत नहीं दी गई है।

‘युवा हुंकार रैली' की योजना तैयार की गयी थी जिसे मेवाणी और असम के किसान नेता अखिल गोगोई को संबोधित करना है।

डीसीपी ने किया ट्वीट

डीसीपी के ट्वीट में ये भी बताया गया कि प्रदर्शन के आयोजकों को किसी दूसरी जगह जाने की सलाह दी गई है, जिसे वो मानने को राजी नहीं हैं।

एनजीटी ने लगाई रोक

एनजीटी ने पिछले साल पांच अक्तूबर को अधिकारियों को जंतर मंतर रोड पर धरना, प्रदर्शन, लोगों के जमा होने, भाषण देने और लाउडस्पीकरों के इस्तेमाल संबंधी गतिविधियां तत्काल रोकने का आदेश दिया था।

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