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सीलिंग: डीडीए ने किया मास्टर प्लान में फेरबदल, व्यापारियों को मिलेगी बड़ी राहत-जानें पूरा मामला

सीलिंग से परेशान लोगों को जल्द राहत मिलने वाली है, क्योंकि केंद्र के हस्तक्षेप से डीडीए ने मास्टर प्लान 2021 में आवश्यक संशोधन कर दिया है।

सीलिंग: डीडीए ने किया मास्टर प्लान में फेरबदल, व्यापारियों को मिलेगी बड़ी राहत-जानें पूरा मामला

सीलिंग से परेशान लोगों को जल्द राहत मिलने वाली है, क्योंकि केंद्र के हस्तक्षेप से डीडीए ने मास्टर प्लान 2021 में आवश्यक संशोधन कर दिया है। लेकिन अभी इस लागू करने में कुछ दिन और लगेगें। उपराज्यपाल व डीडीए अध्यक्ष अनिल बैजल ने शुक्रवार को बोर्ड की बैठक बुलाई।

बैठक में सीलिंग रोकने के लिए तीन महत्वपूर्ण प्रस्ताव पास किए जिनमें एफ.ए.आर. बढ़ाकर 350 करना, कनवर्ज़न चार्ज का जुर्माना 10 गुणा से घटाकर 2 गुणा करना और 12 मीटर की सड़कों पर कृषि गोदामों को नियमित करना शामिल है।

उपराज्यपाल ने केंद्र सरकार की अधिसूचना के तहत दिल्ली विकास (मुख्य योजना एवं क्षेत्रीय विकास योजना) नियम, 1959 में संशोधन किया है। आज किए संशोधन को लेकर सरकारी, अर्ध सरकारी निकायों तथा जनसमुदायों से तीन दिन के भीतर भीतर डीडीए को आपत्तियां जमा करवाने को कहा है।

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इसके बाद 7 तारीख को फिर बैठक होगी जिसमें अंतिम निर्णय लागू दिया जाएगा। जानकारी अनुसार सीलिंग वाले क्षेत्रों के दुकानदारों और ट्रेडर्स एसोसिएशनें मांग कर रही थी कि वर्ष 1962 से पहले तथा बाद के विकसित मिश्रित दुकान एवं आवासीय योजना क्षेत्रों को मास्टर प्लान में एक समान छूट मिले।

आज के उक्त फैसले से उनकी यह मांग पूरी हो जाएगी और सीलिंग की तलवार हटेगी। संशोधन के तहत ऐसी मार्केंट को जहां तक संभव हो पार्किंग आदि की व्यवस्था खुद करनी होगी, असंभव होने पर सार्वजनिक पार्किंग का प्रावधान तलाशा जाएगा।

सभी व्यावसायिक स्ट्रीट्स, क्षेत्रों में, बिना किसी भेदभाव के बेसमेंट में चल रही व्यावसायिक गतिविधियों को तय राशि भुगतान के बाद चलाने की अनुमित मिलेगी। ऐसी मिश्रित क्षेत्रों में गैर रूप से चल रही गतिविधियों पर पहले कन्वर्जन जार्च के 10 गुणा जुर्माने की जगह अब केवल 2 गुणा जुर्माना भरने का प्रावधान किया है।

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डीडीए मास्टर प्लान 2021 के संशोधन के रूप में अध्याय 6 में थोक व्यापार (होलसेल ट्रैड) में नए पैरा 6.4 के रूप में जोड़ेगा। सनद रहे कि गत एक माह से अधिक से दिल्ली में कोर्ट की मॉनिटरिंग कमेटी सीलिंग अभियान चला रही है।

अब तक सैंकड़ो दुकानों, गोदामों, बैंको, शिक्षा संस्थानों आदि पर सील लगाई जाने से हा हाकार मचा हुआ है। दिल्ली सरकार, निगमों, कांग्रेस व भाजपा एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप करने में लगे है। व्यापारियों ने 48 व 72 घंटे का बंद बुला रखा है, जबकि एक दिन के लिए पहले भी दिल्ली बंद कर चुके है।

अंत में केंद्रीय शहरी विकास मंत्री हरदीप सिंह पुरी के हस्तक्षेप के बाद डीडीए ने मास्टर प्लान 2021 में संशोधन किया है।

एलजी आवास पर आप का प्रदर्शन

सीलिंग के खिलाफ शुक्रवार को आम आदमी पार्टी (आप) के नेताओं, विधायकों और पार्षदों ने एलजी आवास के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में शामिल हुए पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता दिलीप पांडे ने कहा कि जो फैसले एलजी आवास पर हुई डीडीए की बैठक में लिए गए हैं।

वो सीलिंग रोकने के लिए और व्यापारियों के नजरिए से पर्याप्त नहीं हैं। आप की मांग है कि ऐसे ठोस फैसले लिए जाएं जिनसे सीलिंग तुरंत रुके और व्यापारियों की परेशानी का स्थायी समाधान हो सके। डीडीए की बैठक में एफएआर को बढ़ाने का फैसला लिया गया है।

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लेकिन उसमें कैटेगरी के हिसाब से शर्त लगा दी गई हैं। पांडे ने कहा कि कोई भी फैसला सशर्त ना होकर एकदम सीधा और सपाट होना चाहिए ताकि व्यापारियों को की दिक्कतें पूरी तरह से खत्म हो जाएं। इस प्रदर्शन में पार्टी के विधायक राखी बिड़लान, करतार सिंह तंवर, नितिन त्यागी व अन्य कई विधायक और पार्षद शामिल हुए।

डीडीए का ऐतिहासिक कदम मील का पत्थर

विपक्ष के नेता तथा दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) के सदस्य विजेंद्र गुप्ता ने शुक्रवार को सीलिंग से त्रस्त व्यापारियों को जल्द से जल्द राहत दिलवाने के लिए केंद्र सरकार के मार्गदर्शन में डीडीए द्वारा उठाए गए ऐतिहासिक कदमों को मील का पत्थर बताया।

उन्होंने कहा कि भाजपा और केंद्र सरकार दोनों ही व्यापारियों के हितों के प्रति कटिबद्ध है। उन्हें जल्द से जल्द राहत दिलाने का हर संभव प्रयास किया जा रहा है।

351 सड़कों पर दिल्ली सरकार का रवैया अड़ियल

दिल्ली विधानसभा में विपक्ष के नेता विजेंद्र गुप्ता ने 351 सड़कों के नोटिफिकेशन को लेकर दिल्ली सरकार के अड़ियल रवैये की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि नियमानुसार निगम द्वारा प्रेषित पारित प्रस्ताव को 90 दिनों के भीतर ही अधिसूचित कर दिया जाना चाहिए था।

परन्तु अज्ञात कारणों से ऐसा नहीं किया गया और मामले को 10 साल तक लटकाया गया। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी (आप) और दिल्ली सरकार 351 सड़कों के नोटिफिकेशन को लेकर राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने आश्चर्य व्यक्त किया कि दिल्ली सरकार ने इस मामले को दस साल क्यों लटकाए रखा।

तीनों दिल्ली नगर निगमों के आयक्तों ने सभी सड़कों की सर्वे रिपोर्ट की पुष्टि और हाउस में पारित प्रस्ताव दिल्ली सरकार को भेज दिए थे। सीलिंग पर शीला ने पीएम को पत्र लिखा, चिंता जताई।

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