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रिटायर्ड कर्मियों को नहीं मिल रही मेडिकल कैशलेस कार्ड की सुविधा, 5 महीने से झेल रहे परेशानी

उत्तरी दिल्ली नगर निगम के सेवानिवृत कर्मियों को पैनल बद्ध अस्पताल व क्लीनिकों में बीमारी आदि के उपचार के लिए अपना हक नहीं मिल रहा है। जिसके चलते वे काफी परेशान हैं।

रिटायर्ड कर्मियों को नहीं मिल रही मेडिकल कैशलेस कार्ड की सुविधा, 5 महीने से झेल रहे परेशानी

उत्तरी दिल्ली नगर निगम के सेवानिवृत कर्मियों को पैनल बद्ध अस्पताल व क्लीनिकों में बीमारी आदि के उपचार के लिए अपना हक नहीं मिल रहा है। जिसके चलते वे काफी परेशान हैं। रिटायर्ड इम्पलाईज एंड सिनीयर सिटीजंस वेल्फेयर एसोसिएशन का कहना है कि उत्तरी निगम प्रशासन को बार-बार चेताया गया है लेकिन उनकी मेडिकल कैशलेस कार्ड संबंधी शिकायत का समाधान नहीं किया जा रहा है। सेवानिवृत्त कर्मी इस कदर परेशान हो गये हैं कि अब वे उपराज्यपाल अनिल बैजल के पास जाने का मन मना चुके हैं।

एसोसिएशन के महासचिव मन मोहन भारद्वाज का कहना है कि पैनल बद्ध अस्पताल व क्लीनिकों में बीमारी आदि के उपचार के लिए पिछले करीब पांच माह से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उपचार से पहले ही उनसे नकद पैसों की मांग की जाती है और कैशलैस कार्ड को स्वीकार नहीं किया जाता है। उत्तरी निगम प्रशासन सिर्फ आश्वासन दे रहा है। बताया कि आरटीआई से जवाब मांगने पर भी घुमाफिरा कर उत्तर दिये जाते हैं।

उन्होंने निगम प्रशासन की मनमानी कार्यशैली को लेकर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि जब भी कोई निगम का कर्मचारी सेवानिवृत होता है तो उसकी पैंशन व बकाया पूर्ण रूप से अदा नहीं किया जाता है और मांगने पर उसके चक्कर कटाये जाते हैं। जबकि बड़े अधिकारियों को सप्ताह भर भीतर पूर्ण भुगतान कर दिया जाता है।

महासचिव भारद्वाज ने बताया कि सोचा भी नहीं था कि निगम को अपनी सेवाऐं देने के बाद उन्हें ऐसे दिन भी देखने पड़ेंगे। उन्होंने बताया कि उत्तरी निगम के सेवानिवृत कर्मियों से कैशलैस चिकित्सा सुविधा के नाम पर 35 हजार से 78 हजार रूपये जमा कराये जाते हैं लेकिन उनको सुविधा नहीं दी जा रही है और अस्पतालों में उपचार देने से पहले ही नकद पैसों की मांग की जाती है। इन दिनों बीमारी की हालत में सेवानिवृत कर्मियों को चक्कर काटने पर मजबूर किया जाता है।

किया जाएगा समाधान

उत्तरी निगम की स्थायी समिति के अध्यक्ष जय प्रकाश का कहना है कि उनके संज्ञान में ऐसी कोई शिकायत नहीं हैं, यदि ऐसा है तो जांच कराई जाएगी और उनकी समस्या का समाधान कराया जाएगा। निगम से सेवानिवृत कर्मियों को किसी प्रकार की दिक्कतें नहीं होने दी जाएगी।

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