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Odd Even: दिल्ली सरकार पहले दो बार लागू कर चुकी है, इतने वाहन चालकों पर लगाया था जुर्माना

दिल्ली सरकार (Delhi Goverment) की तरफ से दो बार ऑड-ईवन लागू किया गया है। पिछले साल 1 से 15 जनवरी के बीच एवं 15 से 30 अप्रैल के बीच ऑड-ईवन (Odd Even) को दिल्ली में 15 दिनों के लिए लागू किया गया था। इस दौरान नियम का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की गई थी

दिल्ली सरकार पहले दो बार लागू कर चुकी है, इतने वाहन चालकों पर लगाया था जुर्मानाOdd-Even have been implemented twice in Delhi, these were the results

दिल्ली में पिछले साल 1 से 15 जनवरी के बीच एवं 15 से 30 अप्रैल के बीच ऑड-ईवन को दिल्ली में 15 दिनों के लिए लागू किया गया था। जिसमें सुबह के 8 बजे से रात के 8 बजे तक एक दिन केवल ऑड नंबर और अगले दिन केवल ईवन नंबर की गाड़ियां को चलाने की इजाजत थी। नियम का उल्लंघन करने वाले लोगों का जुर्माना देने का भी प्रावधान था। रविवार को यह नियम लागू नहीं किया जाता था।

15 दिन में दस हजार के चालान

सरकार की तरफ से पिछली बार ऑड-ईवन के दौरान बड़ी संख्या में चालान काटे गए। प्रथम चरण में लागू की गई ऑड-ईवन योजना के दौरान नियम उल्लंघन कर पर 10,058 वाहन चालकों को जुर्माना भरना पड़ा था। जबकि दूसरे चरण में 8,988 वाहन चालकों ने नियम उल्लंघन किया था। जिसके बाद उनके ऊपर जुर्माने की कार्रवाई की गई थी।

सारे वाहनों पर लागू नहीं किया गया था ऑड-ईवन

वीआईपी वाहन, राजनेताओं, सुप्रीम कोर्ट के जज, सुरक्षा बलों के वाहन एवं 12 वर्ष की उम्र से कम के बच्चों के साथ महिला कार चालक को भी इस नियम से बाहर रखा गया था।प्रथम चरण में लागू की गई ऑड-ईवन योजना के दौरान 10,058 वाहन चालकों को जुर्माना भरना पड़ा था। दूसरे चरण में यह संख्या घटकर 8,988 हो गई थी।

लेकिन प्रथम चरण में ऑड ईवन योजना के बाद सीपीसीबी के द्वारा जारी की गई एक रिपोर्ट में बताया गया था कि एनजीटी ने कहा है कि प्रत्यक्ष तौर पर ऐसे कोई भी आंकड़े मौजूद नहीं हैं जो प्रदूषण के स्तर में भारी गिरावट दर्शाते हों। पीएम 10 एवं पीएम 2.5 के स्तर में बदलाव मौसम एवं हवाओं के कारण हुआ है।

सर्वे में लोगों ने की थी फिर से लगाने की मांग

प्रथम चरण की ऑड-ईवन योजना के बाद दिल्ली सरकार द्वारा किए गए एक सर्वें में 81 प्रतिशत लोगों चाहते थे कि इसे फिर से लागू किया जाए एवं 60 प्रतिशत ने इसे योजना को स्थायी कर देने का भी सुझाव दिया था। दुसरे चरण की योजना के बाद ट्रांसपोर्ट मंत्री गोपाल राय ने कहा था कि 99.6 प्रतिशत लोगों ने इस नियम का पालन किया एवं मेट्रो से यात्रा करने वालों की संख्या में 2.5 से 3 प्रतिशत तक बढ़ गई।

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