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नोएडा छात्रा आत्महत्या मामला: एचआरडी ने मांगी रिपोर्ट, सीबीआई जांच पर अड़े अभिभावक

मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने नोएडा के एह्लकॉन पब्लिक स्कूल से नौंवी कक्षा की एक छात्रा द्वारा कथित आत्महत्या के मामले में रिपोर्ट मांगी है। अभिभावकों ने मामले की सीबीआई जांच की मांग की, साथ ही शिक्षकों और प्राचार्य को गिरफ्तार करने की भी मांग की।

नोएडा छात्रा आत्महत्या मामला: एचआरडी ने मांगी रिपोर्ट, सीबीआई जांच पर अड़े अभिभावक

मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने नोएडा के एह्लकॉन पब्लिक स्कूल से नौंवी कक्षा की एक छात्रा द्वारा कथित आत्महत्या के मामले में रिपोर्ट मांगी है। छात्रा के माता- पिता ने स्कूल के दो शिक्षकों पर उसका यौन उत्पीड़न करने का आरोप लगाया है। पूर्वी दिल्ली के मयूर विहार इलाके में स्कूल के बाहर 15 वर्षीय छात्रा के अभिभावक समेत अन्य छात्रों के अभिभावकों ने प्रदर्शन किया।

उन्होंने मामले की सीबीआई जांच की मांग की, साथ ही शिक्षकों और प्राचार्य को गिरफ्तार करने की भी मांग की। प्रदर्शन करने वाले अभिभावकों ने मयूर विहार की मुख्य सड़क को अवरुद्ध किया जिससे यातायात प्रभावित हुआ। मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि हमने जानकारी मांगी है। रिपोर्ट आने के बाद ही दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

मंगलवार को नौंवी कक्षा की छात्रा ने अपने नोएडा स्थित आवास पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। उसके परिवार ने आरोप लगाया कि उसे दो शिक्षकों ने प्रताड़ित किया और जानबूझकर कम अंक दिए। शिक्षकों में से एक महिला है। हालांकि स्कूल ने आरोपों से इनकार किया। उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कल शिक्षा निदेशालय को मामले की जांच के आदेश दिए थे।

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नोएडा पुलिस ने स्कूल के प्राचार्य और दो शिक्षकों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि छात्रा परीक्षा में फेल हो गई थी। उसके परिवार ने दावा किया कि शिक्षकों ने उसे जानबूझकर खराब अंक दिए हैं। परिवार को वह घर पर फांसी के फंदे से लटकी मिली थी। वे उसे कैलाश अस्पताल ले गए जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया।

कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। स्कूल के प्राचार्य धर्मेंद्र गोयल ने कहा कि यह एक दुर्भाग्यूपर्ण घटना है। स्कूल सीबीएसई की प्रमोशन पॉलिसी का पालन करता आ रहा है। मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि वह फेल नहीं हुई थी। दोबारा परीक्षा होनी थी। हम जांच एजेंसियों के साथ सहयोग करेंगे। हमारे स्कूल में ऐसा (उत्पीड़न) कभी नहीं हुआ।

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