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लोकसभा चुनाव 2019 : दिल्ली-6 व्यापारी वर्ग नोटबंदी से प्रभावित, निवासी बुनियादी ढांचे की कमी से परेशान

लोकसभा चुनाव 2019 (Lok Sabha Elections 2019) के छठे चरण (Sixth Phase Voting) में दिल्ली की 7 लोकसभा सीटों पर एक साथ 12 मई को वोटिंग होगी। हिंदी फिल्मों में 'दिल्ली-6' (Delhi-6) के नाम से मशहूर चांदनी चौक में सब कुछ चमक-दमक से भरा नहीं है।

लोकसभा चुनाव 2019 : दिल्ली-6 व्यापारी वर्ग नोटबंदी से प्रभावित, निवासी बुनियादी ढांचे की कमी से परेशान

लोकसभा चुनाव 2019 (Lok Sabha Elections 2019) के छठे चरण (Sixth Phase Voting) में दिल्ली की 7 लोकसभा सीटों पर एक साथ 12 मई को वोटिंग होगी। हिंदी फिल्मों में 'दिल्ली-6' (Delhi-6) के नाम से मशहूर चांदनी चौक में सब कुछ चमक-दमक से भरा नहीं है। इस संसदीय क्षेत्र के निवासियों एवं व्यापारिक समुदाय के लोगों को बुनियादी ढांचे की कमी और अटकी हुई विभिन्न परियोजनाओं जैसे कई मुद्दों का सामना करना पड़ रहा है। चांदनी चौक (Chandni Chowk) के व्यापारी अब भी नोटबंदी और जीएसटी (GST) लागू होने के बाद के प्रभाव से जूझ रहे हैं वहीं पुरानी दिल्ली के निवासी मूलभूत सुविधाओं की कमी की शिकायत कर रहे हैं। इस क्षेत्र में कुल 15,62,268 मतदाता हैं।

इस संसदीय सीट के तहत दस विधानसभा क्षेत्र- आदर्श नगर, शालीमार बाग, शकूर बस्ती, त्रिनगर, वज़ीरपुर, मॉडल टाउन, सदर बाज़ार, चांदनी चौक, मटिया महल और बल्लीमारान के आते हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल, केंद्रीय मंत्री विजय गोयल जैसे नेता इस लोकसभा सीट का प्रतिनिधित्व करते रहे हैं। यह क्षेत्र वाणिज्यिक, आवासीय, कॉलोनियों, बहुमंजिले फ्लैटों और पुरानी दिल्ली की विरासत का एक आदर्श मिश्रण है। इस क्षेत्र में आने वाले बाजार- चांदनी चौक, सदर बाज़ार - देश भर में दुकानदारों के लिए पसंदीदा स्थान हैं।

क्षेत्र के व्यापारियों का कहना है कि वे 2016 में नोटबंदी (Demonatisation) से काफी प्रभावित हुए और जीएसटी (GST) को समझना मुश्किल हो गया। कई सीलिंग से भी प्रभावित थे। चांदनी चौक में नमो ट्रेडर्स के मालिक नीरज जैन ने कहा कि हम जैसे व्यापारी इसका खामियाजा भुगत रहे हैं। जीएसटी एक स्वागतयोग्य कदम था, लेकिन एकरूपता में कमी निराशाजनक है। कूचा महाजनी में जीडी ज्वेलर्स के एक प्रतिनिधि ने कहा कि वह कभी न पूरी होने वाली विकास परियोजना से परेशान है जो पूरा होने की प्रतीक्षा कर रही है।

उन्होंने कहा कि कई सड़कें अवरुद्ध हैं और थोक ग्राहक यहां नहीं आना चाहते। उन्होंने कहा कि पार्किंग बुनियादी ढांचे को ध्वस्त कर दिया गया है और ग्राहक अन्य क्षेत्रों में जाना पसंद करते हैं। उन्होंने कहा कि पिछले साल दिसंबर से कारोबार में 60 प्रतिशत की गिरावट देखी गई है।

दिल्ली बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष योगेश सिंघल ने कहा कि नोटबंदी और जीएसटी सरकार द्वारा उठाए गए अच्छे कदम थे लेकिन इन्हें बेहतर तरीके से लागू किए जाने की जरूरत थी। एक अन्य व्यापारी और चांदनी चौक के ही निवासी आशीष नाहर ने कहा कि छोटे व्यापारियों को अपने जीएसटी रिटर्न दाखिल करने के लिए 5,000 रुपये चार्टर्ड एकाउंटेंट को देने पड़े। क्षेत्र में महिलाओं की सुरक्षा भी एक मुद्दा है।

इस बार यहां भाजपा, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच तिकोना संघर्ष हो रहा है। भाजपा के मौजूदा सांसद हर्षवर्धन के सामने कांग्रेस के जे पी अग्रवाल हैं, जिन्होंने 1984, 1989 और 1996 में इस सीट का प्रतिनिधित्व किया था। आप के पंकज गुप्ता पहली बार चुनावी समर में हैं।

अग्रवाल ने कहा कि वह सभी मुद्दों पर लड़ रहे हैं चाहे यह सीलिंग हो या जीएसटी या विमुद्रीकरण। उन्होंने कहा कि सरकार ने व्यापारियों की मदद के लिए कुछ भी नहीं किया था जो नोटबंदी और जीएसटी से परेशान थे। हर्षवर्धन ने आप सरकार पर शाहजहांनाबाद पुनर्विकास परियोजना सहित कई विकास परियोजनाओं में सहयोग नहीं करने का आरोप लगाया।

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