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केजरीवाल की बढ़ी मुश्किले, सलाहकार जैन बने सरकारी गवाह, मारपीट मामले में खोले राज

संजय सिंह ने कहा कि जब पुलिस का मामला फेल हो गया तो वीके जैन को उठाकर उनपर दवाब बनाया गया ताकि दोनों विधायकों की पुलिस रिमांड मिल सके।

केजरीवाल की बढ़ी मुश्किले, सलाहकार जैन बने सरकारी गवाह, मारपीट मामले में खोले राज

दिल्ली सरकार के मुख्य सचिव अंशु प्रकाश से मारपीट के मामले में सीएम अरविंद केजरीवाल के सलाहकार वीके जैन ने कहा है कि मेरे सामने मारपीट हुई थी। जिस वक्त अंशु प्रकाश के साथ मारपीट हो रही थी, सीएम केजरीवाल खुद मौजूद थे। उन्होंने कहा कि हाथापाई की जगह डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया भी मौजूद थे।

आप नेता संजय सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि वीके जैन का कल बयान आता है कि कोई मारपीट नहीं हुई आज वहीं वीके जैन कह रहे हैं कि मेरे सामने मारपीट हुई है।

संजय सिंह ने कहा कि जब पुलिस का मामला फेल हो गया तो वीके जैन को उठाकर उनपर दवाब बनाया गया ताकि दोनों विधायकों की पुलिस रिमांड मिल सके।

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इस मामले में गुरुवार को दिल्ली की अदालत ने अाप के विधायक प्रकाश जारवाल और अमानतुल्‍लाह खान को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेज दिया है। अदालत ने साथ ही उनकी जमानत याचिकाओं पर शुक्रवार तक के लिए आदेश सुरक्षित रख लिया।

दोनों विधायकों को एक दिन की न्यायिक हिरासत की अवधि पूरी होने पर मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट शेफाली बरनाला टंडन के सामने पेश किया गया, जिन्होंने उनकी जमानत याचिकाओं पर सुनवाई की।

अदालत ने बुधवार को उन्हें पूछताछ के लिए पुलिस हिरासत में भेजने की मांग ठुकरा दी थी और जमानत याचिका पर सुनवाई गुरुवार के लिये निर्धारित की थी क्योंकि अभियोजन पक्ष उसके सामने कुछ दस्तावेज रखना चाहता था। अदालत ने मुख्य सचिव से कथित हाथापाई को ‘बेहद संवेदनशील’ मामला बताया था।

मजिस्ट्रेट ने विधायकों को हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ का दिल्ली पुलिस का अनुरोध ठुकरा दिया था और कहा था कि विधायक जांच में सहयोग के लिए तैयार हैं। उनके पास से मामले से जुड़ी कोई चीज बरामद नहीं की जानी है जो पुलिस हिरासत का मूल उद्देश्य होता है।

आप नेताओं का आरोप

आप के दो बड़े नेता संजय सिंह और आशुतोष ने एक प्रेस कॉन्‍फ्रेंस में आरोप लगाया कि 'मुख्‍य सचिव अंशु प्रकाश की मेडिकल रिपोर्ट को साजिशन आनन-फानन में बनाया गया।

दोनों नेताओं ने सवाल उठाते हुए कहा, उन पर न तो कोई हमला हुआ, न ही किसी ने मारपीट की ही नहीं, तो ये एमएलसी कहां से बनीं? हो सकता है वो बाथरूम में गिर गए हों। पार्टी ने इस पूरे मुद्दे पर एलजी अनिल बैजल पर भी सवाल उठाए।

एलजी भाजपा के एजेंट

गुरुवार दोपहर को प्रेस कॉन्‍फ्रेंस को संबोधित करते हुए आप नेता आशुतोष ने कहा कि केवल मुख्य सचिव के बयान पर हमारे विधायकों को गिरफ्तार कर लिया गया।

आशीष खेतान और उनके साथियों से मारपीट करने वालों की अभी तक पहचान नहीं की गई और न ही इस मामले में अभी तक किसी कार्रवाई को अंजाम दिया गया है। उन्‍होंने कहा, एलजी भाजपा के एजेंट के तौर पर काम कर रहे हैं। उनका समर्पण संविधान के प्रति नहीं है। उन्‍हें पद पर बने रहने का हक नहीं।

चोटें कहां से आईं, जांच हो

संजय सिंह ने कहा कि बैठक में सिर्फ राशन के मुद्दे पर बहस हुई थी। बहस होने के बाद मुख्‍य सचिव बैठक से चले गए थे, लेकिन उसके बाद उसे मारपीट की घटना के रूप में दिखाया गया।

आनन फानन में इसे बड़ा अपराध बनाने के लिए एमएलसी कराई गई, जिसमें इस घटना को 12 बजे के बाद की दिखाया गया है, लेकिन यह सच नहीं है। उन्‍होंने कहा कि उनके शरीर पर चोटें कहां से आई, इसकी जांच होनी चाहिए।

पांच मिनट का मौन

कथित हमले से नाराज आईएएस और दानिक्स अधिकारियों समेत दिल्ली सरकार के अधिकारियों ने सरकार की राजनीतिक कार्यपालिका द्वारा ‘विश्वास तोड़ने' पर अपनी खिन्नता प्रकट करने के लिए पांच मिनट का मौन रखा।

आईएएस, दिल्ली,अंडमान एवं निकोबार द्वीप सिविल सेवा (दानिक्स) एवं दिल्ली प्रशासन अधीनस्थ सेवा (दास) के एसोसिएशनों ने तय किया है कि सभी कार्यदिवसों पर भोजनावकाश के दौरान करीब डेढ़ बजे अपने कार्यालयों के बाहर पांच मिनट का मौन रखेंगे।

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