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दिल्ली बजट की उद्योग संगठनों ने सराहना की, पर्यावरण संगठनों ने बताया महत्वाकांक्षी

उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने इसे सरकारों का पहला हरित बजट बताते हुए कहा कि यह प्रदूषण को कम करनेमें काफी प्रभावी होगा।

दिल्ली बजट की उद्योग संगठनों ने सराहना की, पर्यावरण संगठनों ने बताया महत्वाकांक्षी

दिल्ली सरकार के आज पेश बजट की औद्योगिक संगठनों ने सराहना की। बजट में पर्यावरण पर ज्यादा ध्यान दिए जाने को लेकर उन्होंने इसे दिल्ली को बेहतर रहने योग्य बनाने में मदद करने वाला करार दिया। वहीं पर्यावरण संगठनों ने इसे महत्वाकांक्षी बताते हुए इसके ठीक सेक्रियान्वयन की बात कही। आम आदमी पार्टी के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार ने आज वर्ष 2018-19 के लिये 53,000 करोड़ रुपये का बजट पेश किया।

उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने इसे सरकारों का पहला हरित बजट बताते हुए कहा कि यह प्रदूषण को कम करनेमें काफी प्रभावी होगा। उद्योग मंडल एसोचैम नेअपनी प्रतिक्रिया में बजट पर दिल्ली सरकर को बधाई दी। एसोचैम के महासचिव डी. एस. रावत ने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य ढांचे पर ध्यान देने के साथही सरकार ने इस बजट में दिल्ली के वायु प्रदूषण पर विशेष ध्यान दिया है।

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यह दिल्ली को रहने योग्य बेहतर स्थान बनाने की आधारशिला रखेगा और दिल्ली वासियों को अधिक हरित, साफ और सुरक्षित पर्यावरण मुहैया कराएगा। इसी तरह भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) की दिल्ली इकाई ने भी सरकार के इस हरित बजट का स्वागत करते हुए राज्य सरकार को बधाई दी है। सीआईआई दिल्ली के चेयरमैन निखिल साहनी ने कहा कि उन्हें पर्यावरण बेहतरी के लिए सरकार के 26 सूत्रीय कार्यक्रम पर पूरा विश्वास है।

यह लघु और दीर्घावधि में दिल्ली वासियों का जीवन बेहतर ही करेगा। हालांकि, पर्यावरण संगठन ग्रीनपीस इंडिया के वरिष्ठ प्रचारक सुनील दहिया ने बजट को‘ मिलाजुला बताया। उन्होंने कहा कि सरकार ने 3000 नयी बसों से सार्वजनिक परिवहन को सुधारने की बात की है, दोपहिया वाहनों की संख्या कम करने के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों की बात कही गई है।

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यह सभी वायु प्रदूषण पर ज्यादा ध्यान देने वाले कदम लगते हैं। लेकिन इनका ठीक से अनुपालन किया जाना बेहद आवश्यक है। वहीं क्लाइमेट एंड एनर्जी ग्रीनपीस इंडिया की प्रचारक पुजारिणी सेन ने बजट को नवीकरणीय ऊर्जा के पक्ष में कमजोर बताया।

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