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आज इंदिरा गांधी की 102वीं जयंती है, जानिए उनके जीवन से जुड़ी खास बातें

देश की पहली महिला प्रधानमंत्री का जन्म 19 नवंबर 1917 को हुआ। इंदिरा गांधी का नाम भारत की ऐसी महिला नेताओं में शामिल है जिन्हें टक्कर देना कोई आसान काम नहीं था।

Today is the 102nd birth anniversary of Indira Gandhi, know some special things related to her life
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भारत की पहली महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी (फाइल)

देश की पहली महिला प्रधानमंत्री का जन्म 19 नवंबर 1917 को हुआ । इंदिरा गांधी का नाम भारत की ऐसी महिला नेताओं में शामिल है जिन्हें टक्कर देना कोई आसान काम नहीं था। इंदिरा गांधी ने अपने कार्यकाल में देश से जुड़े कई बड़े राजनीतिक बदलाव किए जिनकी चर्चा आज भी कई राजनीति पार्टियां करती रहती हैं। उनका जन्म इलाहाबाद में हुआ था। उनका बचपन का नाम प्रियदर्शिनी था।

वह प्रभावी व्यक्तित्व वाली मृदुभाषी महिला थीं और अपने कड़े से कड़े फैसलों को पूरी निर्भयता से लागू करने का हुनर जानती थीं। उन्होंने जून 1984 में अमृतसर में सिखों के पवित्र स्थल स्वर्ण मंदिर से आतंकवादियों को बाहर निकालने के लिए सैन्य कार्रवाई को अंजाम दिया था।

अपने दम पर बनाया वर्चस्व

इंदिरा गांधी के राजनीतिक जीवन की सबसे बड़ी खासियत ये थी कि उन्होंने जीवन में जो कुछ हासिल किया वो सिर्फ और सिर्फ अपने दम पर और लड़कर किया। यह सही है कि पंडित नेहरू के जीवनकाल में ही इंदिरा गांधी राजनीति में पूरी तरह सक्रिय हो चुकी थी। वे कांग्रेस के अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाल चुकी थीं। इसके बावजूद नेहरू ये नहीं मानते थे कि 'इंदु' उनकी उत्तराधिकारी बनने के लिए तैयार हैं।

दूसरी तरफ पंडित नेहरू की मृत्यु के बाद लालबहादुर शास्त्री देश के प्रधानमंत्री बने। यही वो दौर था जब इंदिरा गांधी राजनीति से अलग होने के बारे में गंभीरता से विचार कर रही थी। इस बात का जिक्र उन्होंने अपनी करीबी दोस्त पुपुल जयकर से कई बार किया था। लेकिन हालात ऐसे बने की उन्हें राजनीति में रहना पड़ा।

इंदिरा के चारों और घूमती थी राजनीति

वर्ष 1975 में आपातकाल लागू करने का फैसला करने से पहले भारतीय राजनीति एक ध्रुवीय सी हो गई थी जिसमें चारों तरफ इंदिरा ही इंदिरा नजर आती थीं। इंदिरा की ऐतिहासिक कामयाबियों के चलते उस समय देश में 'इंदिरा इज इंडिया, इंडिया इज इंदिरा' का नारा जोर-शोर से गूंजने लगा। 31 अक्टूबर, 1984 को उनकी सुरक्षा में तैनात दो सुरक्षाकर्मियों सतवंत सिंह और बेअंत सिंह ने उन्हें गोली मार दी। दिल्ली के एम्स ले जाते समय उनका निधन हो गया।

फिरोज गांधी से की इंदिरा ने शादी

इंदिरा गांधी ने साल 1942 में फिरोज गांधी के साथ विवाह किया। उनसे उनके दो पुत्र हुए, जिनका नाम राजीव गांधी और संजय गांधी रखा गया। इंदिरा फिरोज को इलाहाबाद से ही जानती थीं। ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में पढ़ाई करते समय इंदिरा गांधी की मुलाकात फिरोज गांधी से होती रहती थी। फिरोज उस समय लंदन स्कूल ऑफ इकॉनॉमिक्स में पढ़ाई कर रहे थे। इंदिरा-फिरोज जैसे ही अपनी पढ़ाई पूरी करके इंडिया वापस आए तो परिवार ने दोनों की शादी करवा दी।

आइए जानते हैं इंदिरा गांधी के जीवन से जुड़ी अनकही बातें -

* भारत के संविधान के मूल स्वरूप का संशोधन जितना इंदिरा गांधी के राज में हुआ, उतना किसी और ने कभी संविधान में इतना ज्यादा संशोधन नहीं किया।

* इंदिरा गांधी और फिरोज गांधी की शादी 16 मार्च 1942 को आनंद भवन, इलाहाबाद, में हुई।

* फिरोज और इंदिरा जब लंदन में थे और उन्हें भारतीय भोजन खाना होता था तो उनके लिए नारायण हक्सर खाना पकाया करते थे।

* शायद ही लोगों को पता होगा कि राजनीति के अपने शुरुआती सफर के दौरान इंदिरा गांधी को सार्वजनिक मंचों से बोलने में हिचकिचाहट महसूस होती थी। अपने एक इंटरव्यू के दौरान जीवन भर इंदिरा गांधी के डॉक्टर रहे डॉक्टर माथुर बताते हैं कि 1969 में जब उनको बजट पेश करना था तो वो इतना डर गई थीं कि उनकी आवाज ही नहीं निकल रही थी।

* मिंक कोट और रेशम की साड़ी वाले अपने लुक में इंदिरा गांधी ने अपनी पूरब और पश्चिम के व्यक्तिगत पसंद को मिलाकर रख दिया था। एक तरफ जहां वो वोग मैगजिन में छपी अच्छी फोटो की तारीफ करती थीं तो वहीं दूसरी तरफ तड़क-भड़क वाले फोटो को नापसंद भी करती थीं।

* इंदिरा गांधी को खत लिखना बेहद पसंद था। गिफ्ट के साथ एक नोट लिखना या फिर अपने दोस्तों को लंबी-लंबी चिट्ठियां लिखना ये उनके पसंदीदा शौक थे।

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