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दिल्ली : रोजाना नौ से दस महिलाओं का हो रहा है अपरहण, पिछले वर्ष के मुकाबले बढ़े अपराध

दिल्ली में महिलाओं के प्रति अपराध वर्ष 2018 में 15 नवंबर तक यह आंकड़े 3067 थे, जबकि 2019 में इसी अवधि के दौरान यह बढ़कर 3104 हो गए हैं। औसतन हर दिन नौ से 10 महिलाओं का अपहरण होता हैं।

दिल्ली : रोजाना नौ से दस महिलाओं का हो रहा है अपरहण, पिछले वर्ष के मुकाबले बढ़े अपराध

दिल्ली में महिलाओं की सुरक्षा के लिए बड़े दावे करने वाली पुलिस कहीं न कहीं फेल हो रही हैं। ऐसा हम नहीं खुद दिल्ली पुलिस के आंकड़े बोल रहे हैं। पिछले वर्ष के मुकाबले इस वर्ष महिलाओं के अपहरण के मामलों में इजाफा देखने को मिला है। वर्ष 2018 में 15 नवंबर तक यह आंकड़े 3067 थे, जबकि 2019 में इसी अवधि के दौरान यह बढ़कर 3104 हो गए हैं। औसतन हर दिन नौ से 10 महिलाओं का अपहरण होता हैं।

ऐसा नहीं है कि महिला की सुरक्षा को लेकर राजधानी में कोई ठोस कदम नहीं उठाये जाते। महिला सुरक्षा उपराज्यपाल अनिल बैजल से लेकर दिल्ली पुलिस कमिश्नर अमूल्य पटनायक की प्राथमिकता सूची में है। बावजूद इसके महिलाओं के अपहरण के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। राजधानी में केवल महिलाओं के खिलाफ अपहरण के मामलों के आकड़ों में इजाफा देखने को मिला है। इसके अलावा दुष्कर्म, पति द्वारा प्रताडि़त और दहेज लेने-देने के मामलों की भी संख्या पिछले वर्ष के मुकाबले इस वर्ष बढ़ी है।

दिल्ली पुलिस ने महिलाओं की सुरक्षा के लिए एप लॉन्च व कई स्कीम चालू की हुई हैं। इसमें हिम्मत प्लस एप, तत्पर एप व शशक्ति, युवा, निर्भीक व पुलिस अंकल स्कीम शामिल है पुलिस अधिकारी नें बताया कि वर्ष 2015 में हिम्मत ऐप को 68 हजार 318 लोगों ने डाउनलोड किया था। इसके बाद से ऐप की डाउनलोडर की संख्या कम होती गई। वर्ष 2016 में यह 17 हजार 764 और वर्ष 2017 में 13 हजार हो गए।

हिम्मत एप जब महिलाओं के बीच अपना क्रेज नहीं बना सकी। इसके बाद दिल्ली पुलिस कमिश्नर अमूल्य पटानयक ने इस एप को दुबारा लॉन्च किया। इसका नाम अब हिम्मत प्लस एप है। इन एप व स्कीम के अलावा भी दिल्ली पुलिस महिलाओं की सुरक्षा के लिए कई कदम उठाती है। बावजूद इसके महिलाओं के खिलाफ हो रहे अपराध कम नहीं हो रहे है।

रोजाना इतनी महिलाओं के साथ हो रहे हैं अपराध

दिल्ली पुलिस आकड़ों से पता चलता है रोजाना दिल्ली में छह महिलाओं के साथ दुष्कर्म होता है। प्रतिदिन आठ महिला छेडछाड़ का शिकार होती है। वहीं, रोजाना महिलाओं के खिलाफ अपहरण और पति द्वारा प्रताडि़त के मामले थाने में नौ से 10 दर्ज होते है। दहेज लेन-देन का मामला 20 दिन में एक बार दर्ज होता है।

दुष्कर्म (15 नवंबर तक) 2018- 1,927 और 2019- 1947

छेडछाड़ (15 नवंबर तक) 2018- 2,956 और 2019- 2, 616

अपहरण (15 नवंबर तक) 2018- 3,067 और 2019- 3, 104

पति द्वारा प्रताडि़त (15 नवंबर तक) 2018- 2,716 और 2019- 3,187

दहेज निषेध (15 नवंबर तक) 2018- 14 और 2019- 16

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