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AIIMS में मेडिकल स्टोर चलाने के नाम पर 18 लाख की ठगी, आरोपी गिरफ्तार

एम्स में मेडिकल दुकान संचालित कराने का ठेका दिलाने के नाम पर 18 लाख की ठगी करने का मामला सामने आया है।

AIIMS में मेडिकल स्टोर चलाने के नाम पर 18 लाख की ठगी, आरोपी गिरफ्तार

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में मेडिकल दुकान संचालित कराने का ठेका दिलाने के नाम पर 18 लाख की ठगी करने का मामला सामने आया है। आरोपी ने एक वर्ष के भीतर चार किस्तों में रकम लेने के बाद भी दुकान का ठेका नहीं दिलाया, तब प्रार्थी ने मामले की शिकायत पुलिस से की। इसके बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ ठगी का मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है।

सिविल लाइंंस टीआई के मुताबिक़ प्रार्थी आशीष शर्मा ऑटोमोबाइल के कारोबारी हैं, वे पहले दवा का कारोबार भी कर चुके हैं। आरोपी मुकेश गोस्वामी से उनकी बहुत पुरानी पहचान और दोस्ती है। आरोपी मुकेश इस बात को अच्छी तरह से जानता था कि आशीष पहले दवा का कारोबार कर चुुका है और यदि उसे एम्स में दवा दुकान खुलवाने का ठेका दिलाने की बात की जाए, तो वह आसानी से उसके जाल में फंस जाएगा।
इसी रणनीति के तहत आरोपी ने मार्च 2016 में आशीष से कहा कि उसकी स्वास्थ्य मंत्री और अधिकारियों के साथ एम्स के डॉक्टर्स से अच्छी पहचान है। अभी एम्स में दवा दुकान खोलने के लिए ठेका देने की प्रक्रिया चल रही है। यदि वह चाहे तो दवा दुकान का ठेका उसे दिला सकता है। इसके बाद आशीष ने सोचने का समय मांगा और उसके जाल में फंस गया। उसने आरोपी को मार्च 2016 से मार्च 2017 तक चार किस्तों में 18 लाख रुपये दे दिए।
इसके बाद वह दवा दुकान खोलने के लिए आदेश का इंतज़ार करने लगा, लेकिन दो माह बीतने के बाद भी जब उसे आदेश नहीं मिला, तो उसने अपने स्तर पर एम्स प्रबंधन से पतासाजी की। उसे पता चला कि दवा दुकान खोलने के लिए उसके नाम से किसी प्रकार की कागजी कार्रवाई नहीं चल रही।
तब उसने आरोपी से अपनी रकम वापस मांगी, तो आरोपी ने उसे बंद बैंक खाते के दो चेक थमा दिए जो कि बाउंस हो गया। इसके पर आशीष ने मामले की शिकायत पुलिस से की थी।

अधिकारियों मंत्रियों के नाम पर ठगी

आरोपी जबसे आशीष से मिला था, वह अपनी पहचान बड़े अधिकारियो और मंत्रियों के साथ होने की बात कहता था। वह अक्सर अपने मोबाइल में अधिकारियों और नेता मंत्रियों के साथ वाली तस्वीर भी दिखाता था। इसके कारण आशीष उसे बहुत प्रभावशाली समझता था।

चार किस्तों में लिए 18 लाख

आरोपी ने आशीष से मार्च 2016 से मार्च 2017 तक चार किस्तों में रकम ली थी। आशीष ने उसे मार्च 2016 में 5 लाख, दिसंबर 2016 में 5 लाख, जनवरी 2017 में 5 लाख और मार्च 2017 में 3 लाख रुपए नकद सर्किट हाउस में अपने मित्र अभिषेक डडसेना के समक्ष दिए थे। पैसा लेने के बाद आरोपी ने एक दो दिन में मेडिकल स्टोर्स संचालन का आदेश मिल जाएगा कहकर जून 2017 तक घुमाता रहा। आदेश नहीं दिला पाया, तो आशीष ने रकम वापस करने दबाव बनाया। तब उसने 10 लाख और 8 लाख के दो चेक 12 जून 2017 को आशीष को दिए। यह चेक बंद खाते का था, जो बाद में बाउंस हो गया।

भाजपा नेता से भी इसी प्रकार हुई थी ठगी

पिछले वर्ष इसी प्रकार से ठगी का मामला सिविल लाइंस थाने में दर्ज हुआ था। भाजपा नेता नलिनेश ठोकने से आरोपी नवजीत सिंह टुटेजा और उसके साथियों ने आरंग के रिम्स अस्पताल में दवा दुकान संचालित करने का ठेका दिलाने के नाम पर 61 लाख रुपये ठग लिए थे। जब भाजपा नेता को दवा दुकान का ठेका नहीं मिला, तो फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ था। इस मामले के सभी आरोपी अब भी फरार हैं।
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