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दिल्लीः संसदीय समिति ने वायु प्रदूषण के लिए राज्य सरकारों को ठहराया जिम्मेदार

दिल्ली एनसीआर क्षेत्र में वायु प्रदूषण की समस्या बढ़ने के पीछे संबद्ध राज्य सरकारों की शिथिलता को जिम्मेदार ठहराते हुये आज एक संसदीय समिति ने कहा कि इससे केन्द्र सरकार के प्रयास प्रतिकूल रूप से प्रभावित हुए।

दिल्लीः संसदीय समिति ने वायु  प्रदूषण के लिए राज्य सरकारों को ठहराया जिम्मेदार

दिल्ली एनसीआर क्षेत्र में वायु प्रदूषण की समस्या बढ़ने के पीछे संबद्ध राज्य सरकारों की शिथिलता को जिम्मेदार ठहराते हुये एक संसदीय समिति ने कहा कि इससे केन्द्र सरकार के प्रयास प्रतिकूल रूप से प्रभावित हुए।

पर्यावरण और वन मंत्रालय से संबंधित स्थायी समिति की ‘‘दिल्ली एनसीआर क्षेत्र में वायु प्रदूषण' विषय पर आज पेश रिपोर्ट में यह बात कही गयी है। कांग्रेस के आनंद शर्मा की अध्यक्षता वाली समिति ने हालांकि पिछली सर्दियों में दिल्ली की हवा के अत्यधिक दूषित होने के बाद इस समस्या से निपटने के लिये मंत्रालय के स्तर पर की जा रही नयी पहल की सराहना की है।
समिति ने मंत्रालय द्वारा इस दिशा में किये गये उपायों के कारण हवा की गुणवत्ता में सुधार को देखते हुये दीर्घावधिक और तात्कालिक उपायों को संबंधित राज्य सरकारों के समन्वय से अक्षरश: लागू करने की अपेक्षा व्यक्त की।
रिपोर्ट के अनुसार ‘‘समिति का मानना है कि दिल्ली एनसीआर क्षेत्र में वायु प्रदूषण के स्तर को देखते हुये आपात एवं दीर्घकालिक व्यापक कार्ययोजना को एक साथ लागू करने की जरूरत है।'
समिति ने इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिये मंत्रालय को मजबूत निगरानी प्रणाली विकसित करने की सिफारिश की है। दिल्ली में हवा की गुणवत्ता को खराब करने में पराली जलाने के बारे में समिति ने कहा कि पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश सरकारों द्वारा साल 2003, 2013 और 2015 में पराली जलाने पर प्रतिबंध लगाने सहित विभिन्न उपायों के बावजूद क्षेत्र में वायु प्रदूषण की स्थिति में अपेक्षित सुधार के बजाय यह और अधिक खराब हुयी।
समिति ने दीपावली के बाद पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में धान की पुआल जलाने की घटनाओं में वृद्धि को इसकी प्रमुख वजह बताया। पराली जलाने में राज्य सरकारों की विफलता पर गहरी आपत्ति जताते हुये समिति ने कहा कि राज्य सरकारों ने इस दिशा में अपेक्षित कार्रवाई बहुत देर से की।
समिति ने कहा ‘‘राज्य सरकारों द्वारा सांविधिक प्रतिबंध के कमजोर प्रवर्तन के साथ साथ इस मामले की संवेदनशीलता और गंभीरता के प्रति शिथिलता ने दिल्ली एनसीआर में वायु प्रदूषण के समाधान के लिये किये जा रहे प्रयासों को प्रतिकूल रूप से प्रभावित किया है।'
इसके आधार पर समिति ने पर्यावरण मंत्रालय को पंजाब, हरियाणा एवं उत्तर प्रदेश सरकार पर कार्ययोजना को अक्षरश: लागू करने का दबाव डालने और इसके प्रवर्तन में कृषि मंत्रालय को भी साथ लेने की सिफारिश की है।
समिति ने कहा कि इन राज्यों में पराली और ठोस कचरे के निपटान के अवैज्ञानिक तरीकों से भी दिल्ली एनसीआर में वायु प्रदूषण की समस्या बढ़ी है। इसके लिये समिति ने वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाते हुये किसानों एवं जनसामान्य को इस दिशा में संवेदनशील और जागरुक बनाने की सिफारिश की है।
समिति ने वाहन जनित प्रदूषण के बढ़ते स्तर पर चिंता व्यक्त करते हुये सिफारिश की कि भारत सरकार को दिल्ली पुलिस द्वारा प्रस्तुत इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) प्रस्ताव पर विचार कर पर्याप्त धन उपलब्ध कराना चाहिये जिससे प्रौद्योगिकी आधारित यातायात समाधान मुहैया कराकर वाहन जनित प्रदूषण को कम किया जा सके।
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