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दिल्ली में प्रदूषण खतरनाक स्तर पर, सरकारी निकायों ने लोगों के लिए जारी किया परामर्श

दिल्ली में प्रदूषण के खतरनाक स्तर के मद्देनजर सरकारी निकायों ने लोगों को बचाव के उपायों के लिए परामर्श जारी किये हैं जिनमें खिड़कियां बंद रखना, मास्क पहनना, ज्यादा पैदल नहीं चलना और निजी वाहनों का कम से कम इस्तेमाल करना शामिल हैं।

दिल्ली में प्रदूषण खतरनाक स्तर पर, सरकारी निकायों ने लोगों के लिए जारी किया परामर्श

दिल्ली में प्रदूषण के खतरनाक स्तर के मद्देनजर सरकारी निकायों ने लोगों को बचाव के उपायों के लिए परामर्श जारी किये हैं जिनमें खिड़कियां बंद रखना, मास्क पहनना, ज्यादा पैदल नहीं चलना और निजी वाहनों का कम से कम इस्तेमाल करना शामिल हैं।

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में वायु गुणवत्ता लगातार आज चौथे दिन भी 'बहुत खराब' के स्तर पर बना हुआ है। इस कारण केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड तथा सिस्टम ऑफ एयर क्वालिटी फोरकास्टिंग ऐंड रिसर्च को अलग अलग परामर्श जारी किए।

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शनिवार को केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से मिले आंकड़ों के अनुसार राष्ट्रीय राजधानी के निकट गाजियाबाद में प्रदूषण स्तर खतरनाक रिकार्ड किया गया जबकि गुड़गांव, फरीदाबाद, नोएडा और ग्रेटर नोएडा में 'बहुत खराब' प्रदूषण रिकार्ड किया गया है।

दिल्ली में शनिवार को आठ इलाकों में वायु गुणवत्ता गंभीर रिकार्ड की गई। इनमें आनंद विहार, द्वारका सेक्टर आठ, नरेला, पंजाबी बाग, बवाना, मुंडका, विवेक विहार तथा रोहिणी शामिल है।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) की अगुवाई वाले कार्यबल ने जहरीली हवा से संपर्क कम करने के मद्देनजर लोगों से बाहर जाने से बचने तथा निजी वाहनों के कम इस्तेमाल की सलाह लोगों को दी है।

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जानकारी के अनुसार, हवा की गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए जिन अन्य कदमों की सिफारिश की है उनमें कोयला और बायोमास आधारित उद्योगों को चार नवंबर से दस नवंबर तक बंद करना तथा एक नवंबर से दस नवंबर तक वाहनो का प्रदूषण जांच करना और ट्रैफिक नियंत्रित करना शामिल है।

कार्यबल ने यह भी सलाह दी है कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्रों में निर्बाध रूप से विद्युत की आपूर्ति की जाए ताकि वहां लोगों को इसके लिए डीजल जेनरेटर का इस्तेमाल नहीं करना पड़े।

एक रिपोर्ट के अनुसार पंजाब और हरियाणा में खेतों में पराली जलाया जाना शनिवार को दिल्ली में 32 फीसदी प्रदूषण का कारण बना है।

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