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दिल्ली के लोग दिवाली पर चला सकेंगे सिर्फ अनार और फुलझड़ी, बिना धमाकों के मनानी होगी दिवाली

दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट द्वारा पारंपरिक पटाखे बैन कर दिए गए थे। जिसके बाद केवल ग्रीन पटाखे चलाए जा सकते हैं। लेकिन दिल्ली में ग्रीन पटाखों में केवल अनार और फुलझड़ी बाजार में उपलब्ध हैं।

दिल्लीवासी इस दिवाली चला सकेंगे केवल अनार और फुलझड़ी, बिना धमाकों के मनानी होगी दिवालीसांकेतिक चित्र

दिल्लीवासियों को इस वर्ष दिवाली बिना धमाकों के मनानी पड़ेगी। इस साल दिवाली के पटाखों में दिल्ली के लोगों को केवल अनार और फुलझड़ी ही मिल पाएगी। क्योंकि केवल यह दो प्रकार के ग्रीन पटाखे (Green Crackers) ही दिल्ली (Delhi) के बाजारों में इस साल उपलब्ध हो पाएंगे। बता दें पिछले वर्ष सुप्रीम कोर्ट ने प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए परंपरागत पटाखों पर प्रतिबंध लगा दिया था। केवल ग्रीन पटाखे चलाए जाने की अनुमति दी थी। जिस वहज से दिवाली पर होने वाले प्रदूषण में लगभग 30 प्रतिशत कमी आई थी।

इस वर्ष केवल फ्लावरपॉट और स्पार्कलर नाम से दो पटाखे ही दिल्ली के बाजारों में आए हैं। इस बारे में चांदनी चौक के एक पटाखा व्यापारी विशाल जैन का कहना है कि इनमें से ज्यादातर एनसीआर, राजस्थान और मध्य प्रदेश के पटाखा निर्माताओं से खरीदे हुए पटाखे हैं। सबसे ज्यादा परेशानी की बात यह है कि देश भर में केवल 30 निर्माताओं के पास ग्रीन पटाखे बनाए जाने का लाइसेंस है। जिस वजह से इस साल मार्केट में पटाखो की सप्लाई बहुत कम है। उनका कहना है कि पटाखों की सप्लाई पहले से ही कम है और दिवाली में भी कम समय बचा है। इसलिए हमारी कोशिश रहेगी कि शिवकाशी से पटाखे मंगवाकर ग्राहकों की मांग को पूरा किया जाए।

दिल्ली पुलिस आयुक्त अमूल्य पटनायक ने दिल्ली में पटाखों की बिक्री को लेकर 15 जिलों के डीसीपी के साथ बैठक की थी। जिसमें उनसे ग्रीन पटाखों की केवल लाइसेंसी विक्रेताओं की बिक्री सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाने के आदेश दिए हैं। साथ ही उन्हें लोगों द्वारा पटाखे फोड़ने के संबंध में जारी दिशा-निर्देशों का पालने करने के लिए के लिए प्रोत्साहित करने के लिए भी कहा गया है। जानकारी के मुताबिक राजधानी दिल्ली में कुल 97 दुकानदारों ने ग्रीन पटाखे बेचने के लिए अस्थायी लाइसेंस का आवेदन किया था। जिसमें से कुल 11 दुकानदारों को पिछले हफ्ते तक लाइसेंस जारी किया गया क्योंकि बाकी दुकानदारों के पास फायर सर्टिफिकेट नहीं था।

साउथ वेस्ट दिल्ली के डीसीपी वीरेंद्र आर्या का कहना है कि हमने अपने स्टाफ से पारंपरिक और साथ ही हरे पटाखों की अवैध बिक्री की जांच करने को कहा है। ग्रीन पटाखे वाले सभी बॉक्स में एक विशिष्ट होलोग्राम होता है। हमने अपने स्टाफ से कहा है कि कि पटाखे के बॉक्स पर होलोग्राम होता है। इस होलोग्राम के जरिए वह पता लगाएं कि क्या वे ग्रीन पटाखे है या प्रतिबंधित पटाखे हैं।

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