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बदमाशों का गढ़ बना पंजाबी बाग, पुलिसकर्मी थाने की सजावट में रहते हैं मग्न

दिल्ली पुलिस का बेस्ट थाना पंजाबी बाग है। इस थाने को नंबर वन बताने के पीछे दिल्ली पुलिस की तरफ से तमाम तर्क दिये जाते हैं। पर क्या सच में ये थाना सबसे बेहतरीन है?

बदमाशों का गढ़ बना पंजाबी बाग, पुलिसकर्मी थाने की सजावट में रहते हैं मग्न

दिल्ली पुलिस का बेस्ट थाना पंजाबी बाग है। इस थाने को नंबर वन बताने के पीछे दिल्ली पुलिस की तरफ से तमाम तर्क दिये जाते हैं। पर क्या सच में ये थाना सबसे बेहतरीन है? ये एक ऐसा सवाल है जिसका जवाब पंजाबी बाग थाने की सजी-धजी इमारत को देखकर नहीं दिया जा सकता है। कोई भी थाना तभी बेस्ट कहलाने के लायक होता है जब उसके एरिया में क्राइम कंट्रोल अव्वल दर्जे का हो। अगर इस नजरिये से पंजाबी बाग थाने का आंकलन करें तो नंबर वन का टैग बेमानी साबित होता है।

पंजाबी बाग के रानी बाग अंडरपास और रिंग रोड अंडरपास के आसपास अंधेरा होते ही गुंडों का बेखौफ राज कायम हो जाता है। रिंग रोड पर स्थित ट्रांसपोर्ट सेन्टर के आसपास से शाम 6-7 बजे के बाद गुजरना किसी भी वारदात को बुलावा देने जैसा है। रिंग रोड के साथ लगते रानी बाग की तरफ और पंजाबी बाग ट्रांसपोर्ट सेन्टर की तरफ घुप अंधेरा रहता है।
रानी बाग अंडर पास की तरफ से रिंग रोड पर चढ़ने के लिये भी एक और अंडरपास से राहगीरों, दोपहिया और अन्य वाहन चालकों से गुजरना पड़ता है। इस अंडरपास के आसपास स्मैकियों, शराबियों और गुंडा तत्वों का जमवाड़ा लगा रहता है। आये दिन यहां चाकू और तमंचे दिखाकर लोगों से छीना झपटी होती है। पूरा इलाका अंधेरे में डूबा रहता है लिहाजा वारदात के शिकार हो चुके या फिर इस बारे में जानने वाले लोगों ने सूरज ढलने के बाद इधर से गुजरना ही छोड़ दिया है।
पंजाबी बाग ट्रांसपोर्ट सेन्टर में भी अपराधियों का बोलबाला है। रात हुई नहीं कि लुटरे यहां सक्रिय हो जाते हैं। चोरी तो यहां आम बात है। स्ट्रीट लाईट या तो हैं नहीं या ज्यादातर खराब पड़ी हुई हैं। इसी का फायदा चोर-लुटेरे उठा रहे हैं। चाकू दिखाने पर भयभीत लोग अपनी जेब खाली कर जान बचाने में ही भलाई समझते हैं। पुलिस इन वारदातों से अंजान नहीं है। सबकुछ पुलिस को पता है।
लेकिन रात के समय पुलिस गश्त बस खानापूर्ति के लिये होती है। असामाजिक तत्वों को पहचानते हुए भी पुलिसकर्मी आंख फेर कर निकल लेते हैं। रानीबाग अंडरपास की तरफ से ट्रांसपोर्ट सेन्टर की तरफ आने के लिये जो अंडरपास है वहां पुलिस पिकेट बनाये जाने की सख्त जरूरत हैं।

हफ्तेभर में तीन लोग बन चुके हैं बदमाशों का शिकार

पंजाबी बाग थानाक्षेत्र के ट्रांसपोर्ट सेंटर के आसपास रिंग रोड और अंडरपास एरिया में लुटेरे और झपटमार दिन ढलते ही सक्रिय हो जाते हैं। इस एरिया में बदमाशों के हौसले कितने बुलंद है इसका अंदाजा हाल की तीन घटनाओं से सहज ही लगाया जा सकता है। एक सप्ताह के भीतर बदमाश एक महिला समेत तीन लोगों को निशाना बनाया।
26 जुलाई को पश्चिम विहार की रहने वाली गुंचा धीर शाम करीब सवा आठ बजे अपनी दोस्त से मिलने रोड नंबर-33, पंजाबी बाग एक्सटेंशन मिलने पहुंची थी। वह पहुंचकर दोस्त को फोन मिला ही रही थी कि काले रंग की मोटर साइकिल पर सवार दो बदमाश उनका महंगा मोबाइल छीन ले गये। 29 जुलाई को शकूरपुर में रहने वाले चांदराम सुबह अपनी ड्यूटी पर एयरपोर्ट जा रहे थे।
उन्होंने ब्रिटानिया चौक से कॉल सेंटर की गाड़ी में लिफ्ट ली और पंजाबी बाग गोल चक्कर पर उतरे। वह बस पकड़ने के लिये रिंगरोड से रूट नंबर 85 के बस स्टैंड की तरफ जा रहे थे। इसी दौरान दो बदमाशों ने उनके हाथ से बैग छीन लिया और फरार हो गये। बैग में उनका पर्स जिसमें 1500 रुपये, मोबाइल फोन व अन्य कागजात थे।
तीसरी घटना भी रविवार 29 जुलाई की रात करीब साढ़े नौ बजे अपने दफ्तर से घर जा रहे हरिभूमि अखबार के चीफ रिपोर्टर दयाराम से चाकू की नोंक पर बाइकर्स दो बदमाशों ने मोबाइल छीनने का असफल प्रयास किया। छीना झपटी के दौरान मोबाइल सड़क पर गिर गया। शोरशराबा होने पर बदमाश भाग गये। ये तीनों ही घटनाएं पंजाबी बाग थानाक्षेत्र में बदमाशों ने अंजाम दी।

एसीपी बोले

एरिया में बढ़ती आपराधिक घटनाओं पर पंजाबी बाग सब डिवीजन के एसीपी रमन कुमार लांबा से बात की गई तो उन्होंने एरिया में बढ़ते क्राइम को स्वीकार किया और पेट्रोलिंग बढ़ाने की बात कही।
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