Top
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

बलात्कार के झूठे आरोप में फंसे पुरूषों को बचाने के लिए बने कानून: कोर्ट

दिल्ली की एक अदालत ने कहा है कि रेप के झूठे आरोपों का सामना कर रहे पुरुषों की सुरक्षा और उनकी प्रतिष्ठा के लिए भी कानून बनाया जाए।

बलात्कार के झूठे आरोप में फंसे पुरूषों को बचाने के लिए बने कानून: कोर्ट

दिल्ली की एक अदालत ने कहा है कि रेप के झूठे आरोपों का सामना कर रहे पुरुषों की सुरक्षा और उनकी प्रतिष्ठा के लिए भी कानून बनाया जाए। आज के समय में हर कोई केवल महिलाओं की गरिमा बचाने के लिए ही लड़ रहा है। लेकिन झूठे केस में फंसे उन पुरिषों की गरिमा और आत्म सम्मान का क्या।

इसे भी पढ़ें- नहीं जानते तो जान लीजिए भारतीय कानून में इन मौकों पर मर्डर करने पर नहीं होगी सजा

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश निवेदिता अनिल शर्मा ने रेप केस के एक आरोपी को बरी करते हुए कहा कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए जो कानून बने हैं, उनमें से कुछ का दुरूपयोग हो रहा है।

कोई भी झूठे केस में फंसे किसी पुरूष के सम्मान और गरिमा की बात नहीं करता। साथ ही अदालत ने उस व्यक्ति को बरी कर दिया जिस पर 18 सितंबर 1997 को रेप का आरोप लगा था। गंवाहों और सबूतों के आधार पर आरोपी पर रेप इल्जाम न साबित होने के चलते कोर्ट ने फैसला सुनाया। इस केस में पीड़िता ने आरोप लगाया था कि वह जब घर में अकेली थी तो आरोपी उसके घर आया और अकेले देख उसके साथ दुष्कर्म किया।

इसे भी पढ़ें- इन देशों के हैं अजब-गजब कानून, 'लड़कियों की चप्पल से आवाज आना है अपराध'

अदालत का कहना है कि झूठे केस में न सिर्फ आरोपी सम्मान और गरिमा को बहाल करना बल्कि अपमान के नुकसान की भरपाई करना मुश्किल हो सकता है। इसलिए अगर वह चाहे तो अपने इस नुकसान के लिए वह मामला दर्ज करा सकता है।

Next Story
Top