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CAG रिपोर्ट ने खोली केजरीवाल सरकार की पोल, सीएम बोले- दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा

दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने विधानसभा में नियंत्रक एवं लेखा महापरीक्षक की रिपोर्ट पेश की। सीएजी ने अपनी रिपोर्ट में दिल्ली सरकार के कई विभागों में चल रही अनियमितताओं को ऊजागर किया है। सीएम केजरीवाल ने सीएजी की रिपोर्ट के जवाब में कहा है कि अगर किसी मंत्री या दिल्ली सरकार के किसी अधिकारी से किसी भी तरह की गड़बड़ी हुई है तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

CAG रिपोर्ट ने खोली केजरीवाल सरकार की पोल, सीएम बोले- दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा
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मंगलवार को दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने विधानसभा में नियंत्रक एवं लेखा महापरीक्षक यानि (CAG) की रिपोर्ट पेश की। सीएजी ने अपनी रिपोर्ट में दिल्ली सरकार के कई विभागों में चल रही अनियमितताओं को ऊजागर किया है।सीएजी की रिपोर्ट में दिल्ली सरकार और उसके अन्तर्गत आने वाले बहुत से विभागों के कामकाज और उसकी कार्यशैली को लेकर आपत्ती जाहिर की है।
वहीं उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने सीएजी की रिपोर्ट के जवाब में कहा है कि अगर किसी मंत्री या दिल्ली सरकार के किसी अधिकारी से किसी भी तरह की गड़बड़ी हुई है तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सीएजी रिपोर्ट के दावों को लेकर सीएम अरविंद केजरीवाल ने गर्वनर पर हमला किया है।
आपको बता दे कि सीएम केजरीवाल ने सीएजी की रिपोर्ट का एक हिस्सा सोशल मीडिया पर पोस्ट किया है और लिखा है कि डोर स्टेप राशन डिलीवरी की फाइल को नामंजूर कर लेफ्टिनेंट गर्वनर ने राशन माफियाओं को बचाने की कोशिश की है। केजरीवाल ने आगे लिखा है कि पूरा का पूरा राशन सिस्टम माफियाओं के कब्जे में है और जिन्हें राजनीतिक सरंक्षण मिला हुआ है।
सीएजी रिपोर्ट के सामने आने के बाद राजनीति भी तेज होने लगी है। दिल्ली बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी ने सीएम केजरीवाल पर हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि सीएजी की रिपोर्ट में साबित हो गया है कि केजरीवाल सरकार जनता की भलाई कोई चिंता नहीं है। मनोज तिवारी ने दिल्ली की शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर कहा कि दिल्ली सरकार के दावें केवल झूठे वादे है।

दिल्ली सरकार के कामकाज पर सीएजी रिपोर्ट

2,682 डीटीसी बसों का बीमा नहीं होने से टाटा मोटर्स को करोड़ों का फायदा।
SDMC ने नाले के निर्माण और सुंदरीकरण पर 30.92 करोड़ खर्च किए जाने पर सवाल उठाए।
नौरोजी नगर और पुष्प विहार में पर्यावरण के मानदंडों की अनुपालना किए बिना नालों को ढकने के कारण 40.58 करोड़ का खर्च।
खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के अधीन लाभार्थियों के पंजीकरण में कमी।
तीन मेडिकल कॉलेजों (टिबिया कॉलेज, बीआर सुर होम्योपैथी कॉलेज, चौधरी ब्रह्म प्रकाश चरक संस्थान) में 37 से 52% डॉक्टर, फार्मासिस्ट और नर्स कैडर में कमी।
दिल्ली में 68 रक्त कोषों में से 32 केंद्र बिना लाइसेंस के ही चल रहे हैं।
2 अक्टूबर 2014 से भारत सरकार की ओर से शुरू किए गए स्वच्छ भारत मिशन से ढाई साल तक एक भी शौचालय नहीं बना. जबकि इसके लिए 40.31 करोड़ की रकम आवंटित की गई, लेकिन इस्तेमाल नहीं किया गया।
जल बोर्ड की ओर से खरीदे गए 3.18 करोड़ के उपकरणों का कोई उपयोग नहीं हो सका।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बावजूद मयूर विहार में दिल्ली हाट बनाने में 39.66 लाख रुपये का खर्च बेकार हुआ।
द्वारका-8 डिपो के विकास में निगरानी रखने में डीटीसी विफल रहा जिससे 50.72 लाख रुपये बिजली बिल आया।

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