Top
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh
Breaking

सावधान: राजधानी दिल्ली में 8.5 तीव्रता के भूकंप का खतरा, स्टडी में हुआ खुलासा

राजधानी दिल्ली की सिर्फ 10 प्रतिशत इमारते हीं भूकंप को झेल सकती हैं। वैज्ञानिकों ने आगाह किया था कि हिमालय क्षेत्र में निकट भविष्य में उच्च-क्षमता वाले भूकंप की आशंका है जिसे ताजा स्टडी से बल मिल गया है। इस स्टडी में कहा गया है कि क्षेत्र में ''बहुत अधिक खिंचाव'' की स्थिति से 8.5 या उससे अधिक तीव्रता का भूकंप आ सकता है।

सावधान: राजधानी दिल्ली में 8.5 तीव्रता के भूकंप का खतरा, स्टडी में हुआ खुलासा

वैज्ञानिकों ने आगाह किया था कि हिमालय क्षेत्र में निकट भविष्य में उच्च-क्षमता वाले भूकंप की आशंका है जिसे ताजा स्टडी से बल मिल गया है। इस स्टडी में कहा गया है कि क्षेत्र में 'बहुत अधिक खिंचाव' की स्थिति से 8.5 या उससे अधिक तीव्रता का भूकंप आ सकता है। अध्ययन के अनुसार दिल्ली की सिर्फ 10 प्रतिशत इमारते हीं भूकंप को झेल सकती हैं।

दिल्ली के लिए यह खतरे वाली बात है क्योंकि भूकंप के लिहाज से यह काफी संवेदनशील है।

प्रभावित होने वाले क्षेत्र चिन्हित

भूकंप से प्रभावित होने वाले क्षेत्रों में पूर्वी दिल्ली के घनी आबादी वाले रिहायशी इलाके शामिल हैं। अन्य खतरे वाले इलाकों में लुटियंस की दिल्ली, सरिता विहार, पश्चिम विहार, वजीराबाद, करोल बाग और जनकपुरी है। सुरक्षित स्थानों में जेएनयू, एम्स, छतरपुर, नारायणा और वसंत कुंज है जो संभवतः भूकंप झेल सकते हैं।

क्या कहा गया है अध्ययन में

बेंगलुरु स्थित जवाहर लाल नेहरू सेंटर फॉर ऐडवांस्ड साइंटिफिक रिसर्च के सिस्मोलॉजिस्ट और अध्ययन का नेतृत्व करने वाले सी.पी.राजेंद्रन ने कहा कि 1315 और 1440 के बीच आए भयानक भूकंप के बाद मध्य हिमालय का क्षेत्र भूकंप के लिए लिहाज से शांत रहा है, लेकिन भूगर्भिक क्षेत्र में काफी खिंचाव/तनाव की स्थिति पैदा हो गई है।

सिर्फ 20 प्रतिशत बिल्डिंग ही सुरक्षित

विशेषज्ञों का कहना है कि अगर इस तीव्रता का भूकंप आया तो शहर की करीब 20 प्रतिशत बिल्डिंग ही बच पाएंगी। हालांकि 2008 दिल्ली और 2015 में नेपाल में आए भूकंप के बाद दिल्ली सचिवालय, दिल्ली पुलिस और पीडब्ल्यूडी मुख्यालयों, लडलॉ कैसल स्कूल, विकास भवन, गुरु तेग बहादुर अस्पताल और डिविजनल कमिशनल के दफ्तर को मजबूत किया गया।

इसलिए संवेदनशील है दिल्ली

भूकंप के लिहाज से शहर इसलिए संवेदनशील है क्योंकि यह तीन फॉल्ट लाइनों- पर बसा हुआ है। ये फॉल्ट लाइन सोहना, मथुरा और दिल्ली-मुरादाबाद हैं। सबसे ज्यादा संवेदनशील गुड़गांव है जिसके आसपास सात फॉल्ट लाइन मौजूद है। जीआरआईएचएच काउंसिल के संस्थापक मानित रस्तोगी ने कहा, '2001 गुजरात भकंप के बाद दिल्ली को जोन तीन से जोन चार में शिफ्ट कर दिया गया। हालांकि, सारी इमारतें इसके पहले डिजाइन और बनाई गई थीं।

Next Story
Top