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#Eid-ul-Fitr दिल्ली स्थित जामा मस्जिद में ईद की नमाज अदा करने के लिए भारी संख्या में पहुंचे लोग

आज ईद उल फितर के दिन के दिल्ली स्थित जामा मस्जिद में ईद की नमाज अदा करने के लिए भारी संख्या में लोग आने लगे हैं। कल यानी शुक्रवार के दिन चांद के दीदार के बाद आज देशभर में ईद उल फितर का त्योहार बड़ी धूम-धाम से मनाया जा रहा है।

#Eid-ul-Fitr दिल्ली स्थित जामा मस्जिद में ईद की नमाज अदा करने के लिए भारी संख्या में पहुंचे लोग

कल चांद के दीदार के बाद देशभर में आज ईद का त्योहार मनाया जा रहा है। देशभर के मुस्लमान आज अलग-अलग जगहों पर ईद की नमाज अदा करने के लिए मस्जिदों में पहुंच रहे है।

कुछ ऐसा ही नजारा दिल्ली की प्रसिद्ध जामा मस्जिद का है जहां मुस्लिम समुदाय के लोग आज ईद के दिन नमाज पढ़न के लिए इकट्ठा हो रहे हैं। ईद उल फितर का त्योहार रमजान के पवित्र महीने के खत्म होने के बाद आज देशभर में ईद बड़ी ही धूम-धाम के साथ मनाई जा रही है।

हालांकि कल भी देश के कुछ हिस्सों में ईद का त्योहार मनाया गया था। लेकिन दिल्ली के जामा मस्जिद के शाही ईमाम ने देश के कई हिस्सों में गुरुवार को चांद नहीं दिखने की वजह से ऐलान किया शुक्रवार को ईद नहीं मनाई जाएगी। लेकिन कल चांद का दीदार होने के बाद आज देशभर में ईद उल फितर का त्योहार मनाया जा रहा है।

आखिर क्यों जरूरी है ईद का चांद

आपको बता दे कि इस्लामी कैलेंडर के मुताबिक रमजान का पवित्र महीना पूरा होने के बाद ईद मनाई जाती है। गौरतलब है कि ईद और चांद का गहरा रिश्ता है इसलिए चांद देखे बिना ईद नहीं मनाई जाती।

दरअसल ईद हमेशा से ही रमजान के 30वें रोजे के बाद ही दिखता है। जिसे देखकर ही ईद का त्योहार मनाया जाता है। इस्लामिक हिजरी कैलेण्डर के मुताबिक साल में दो बार ईद का त्योहार मनाया जाता है।

एक ईद ईद-उल-फितर के तौर पर मनाई जाती है जिसे लोग मीठी ईद के नाम से भी जानते हैं। वहीं दूसरी तरफ एक अन्य ईद जिसे ईद-उल- जुहा जिसे बकरीद भी कहा जाता है।

चांद से नाता होने के कारण कई बार देश और विदेशों में ईद का त्योहार अलग-अलग दिन मनाया जाता है। जहां चांद पहले देखा जाता है वहां ईद पहले मन जाती है।

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