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प्रदूषण से सर्दियों में सांस लेना हो जाएगा दुश्वार: सीएसई

सर्वोच्च न्यायालय ने भी अपने एक फैसले में सर्दियां आने से पहले ही केंद्र, दिल्ली सरकार और एमसीडी को प्रदूषण की स्थिति सुधारने को कहा है।

प्रदूषण से सर्दियों में सांस लेना हो जाएगा दुश्वार: सीएसई

नई दिल्ली. सुबह और शाम के मौसम में ठंडक के अहसास ने सर्दियों के आगमन का संकेत तो दे दिया है लेकिन सर्दियों के मौसम में वायु -प्रदूषण के खतरनाक स्तर तक बढ़ने की वजह से दिल्लीवालों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। यह कहना है विज्ञान एवं पर्यावरण केंद्र (सीएसई) का। इस बाबत सीएसई ने दिल्ली में वायु-प्रदूषण के स्तर में जबरदस्त इजाफा करने वाले कारक यानि ट्रकों के आवागमन पर मंगलवार को एक शोध जारी किया।

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इसके बारे में बताते हुए सीएसई की महानिदेशक और पर्यावरणविद सुनीता नारायण ने कहा कि राजधानी में जिस तरह से ट्रकों की रोजाना आवाजाही है उससे वायु-प्रदूषण के स्तर में सर्दियों में काफी इजाफा हो सकता है। प्रदूषण में इजाफा करने वाले प्रति पॉर्टिक्युलेट मैटर्स (पीएम) में 62 फीसदी भूमिका यातायात क्षेत्र की और 68 फीसदी भागीदारी नाइट्रोजनडाइऑक्साइड गैस की होती है। जिन बॉर्डर प्वाइंटस का सीएसई ने जिक्र किया उनमें कुंडली, टीकरी, राजोकरी, गाजीपुर, कालिंदी कुंज, बदरपुर बॉर्डर, शाहदरा मेन व ओल्ड बॉर्डर प्वाइंट शामिल हैं। केंद्रीय सड़क यातायात एवं नेशनल हाइवे मंत्रालय ने इसका मसौदा अधिसूचित किया है। सीएसई ने इसे जल्द लागू करने को कहा है।

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गौरतलब है कि सर्वोच्च न्यायालय ने भी अपने एक फैसले में सर्दियां आने से पहले ही केंद्र, दिल्ली सरकार और एमसीडी को प्रदूषण की स्थिति सुधारने को कहा है। बृहस्पतिवार को कोर्ट में इस मामले में फिर से सुनवाई होनी है। सीएसई का कहना है कि एनएचएआई की तरह ही एमसीडी को भी हल्के और भारी वाहनों से राजधानी में प्रवेश और वापसी का शुल्क वसूलना चाहिए।

नीचे की स्लाइड्स में पढ़िए, प्रदूषण रोकने के कदमों का नहीं हुआ अनुपालन-
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