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जेएनयू: उमर खालिद समेत 14 विद्यार्थी निलंबित, कन्हैया पर 10 हजार का जुर्माना

अनिर्बान भट्टाचार्य अगले पांच साल तक जेएनयू में किसी तरह का कोर्स भी नहीं कर सकेंगे।

जेएनयू: उमर खालिद समेत 14 विद्यार्थी निलंबित, कन्हैया पर 10 हजार का जुर्माना
नई दिल्ली. जेएनयू की जांच कमेटी ने देश विरोधी नारे लगाने के आरोपी स्टूडेंट्स पर कार्रवाई की है। कमेटी ने उमर खालिद पर एक सेमेस्टर का निलंबित कर 20 हजार रुपए का फाइन किया है। वहीं स्टूडेंट्स यूनियन प्रेसिडेंट कन्हैया कुमार पर भी 10 हजार का फाइन किया गया है। कई दूसरे स्टूडेंट्स पर भी एक्शन लिया गया है। जेएनयू विवाद के बाद एक हाई लेवल कमेटी बनाई गई थी। कमेटी ने इन लोगों सहित कुल 14 स्टूडेंट्स पर स्ट्रिक्ट एक्शन लिया है।
अन्य स्टूडेंट्स पर भी कार्रवाई
एनबीटी की खबर के मुताबिक, मुजीब गट्टो पर दो सेमेस्टर का सस्पेंशन लगाया गया है। गट्टो पर 20 हजार रुपए फाइन भी किया गया है। एक अन्य आरोपी स्टूडेंट आशुतोष की जेएनयू हॉस्टल में इंट्री पर एक साल का बैन लगा दिया गया है। साथ ही आशुतोष पर 20 हजार रुपए का फाइन भी किया गया है। स्टूडेंट्स यूनियन प्रेसिडेंट कन्हैया और सौरभ शर्मा पर 10-10 हजार का फाइन लगा है। अनिर्बान भट्टाचार्य को 15 जुलाई तक के लिए सस्पेंड किया गया है। 23 जुलाई के बाद वो अगले पांच साल जेएनयू के किसी कोर्स में एडमिशन नहीं ले सकेगा। इन लोगों के अलावा रामा नागा, अनंथ कुमार, स्वेता राज, रुबिना और चिंटू कुमारी पर 20-20 हजार का फाइन किया गया है। इसके साथ ही दो अन्य लोगों बनोज्योत्सना लहरी और द्रोपदी घोष को कैपंस से पांच साल के लिए बाहर कर दिया गया है।
ये है मामला
उल्लेखनीय है कि जेएनयू परिसर में भारत विरोधी नारे लगाने के लिए वह कश्मीरी युवकों को लाया था। सात फरवरी को ऐसे दस युवक जेएनयू में प्रवेश हुए थे। इसके दो दिन बाद ही उक्त कार्यक्रम हुआ था और पाकिस्तान जिंदाबाद, भारत तेरे टुकड़ें होंगे हजार जैसे नारे लगे थे। जेएनयू अध्यक्ष कन्हैया कुमार ने देशद्रोह के नारे नहीं लगा थे। दिल्ली पुलिस की स्पेशल ब्रांच ने अपनी चार पेज की रिपोर्ट केंद्रीय गृह मंत्रालय को सौंपी थी, जिसमें कहा गया है कि जेएनयू छात्र संघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार ने देशविरोधी नारे नहीं लगाए। रिपोर्ट के मुताबिक, कन्हैया मौके पर जरूर मौजूद था, लेकिन न तो वह आयोजकों में शामिल था, ना ही उसने नारेबाजी की थी। इस बीच, नारे लगाने वालों में शामिल जेएनयू के ही उमर खालिद को लेकर पता चला है कि संसद हमले के दोषी आतंकी अफजल गुरु के समर्थन में कार्यक्रम का आयोजन उसी ने किया था। वह कई महीनों से इसकी प्लानिंग कर रहा था।
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