Top
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

देशभर में मोहर्रम का त्योहार आज, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

दिल्ली में मोहर्रम के जुलूस को लेकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जा चुके हैं।

देशभर में मोहर्रम का त्योहार आज, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
नई दिल्ली. देश में हर साल मुस्लिम धर्मावलंबियों द्वारा मोहर्रम का पर्व इस बार 24 अक्टॅूबर को मनाया जा रहा है। जिसके तहत मोहर्रम की दसवीं को यानी शनिवार को मन्नत के रूप में मनाए जाने वाले ताजिया को दर्शनार्थ और सड़कों पर जुलूस निकाला जाता है। दिल्ली में मोहर्रम के जुलूस को लेकर सुरतक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए है। ऐसा बताया जाता है कि मोहर्रम का पर्व पैगंबर के नवासे के शहादत दिवस पर मनाया जाता है। इमाम हुसैन अल्लाह के रसूल (मैसेंजर) पैगंबर मोहम्मद के नाती थे। यह हिजरी संवत का प्रथम महीना है। मुहर्रम एक महीना है, जिसमें शिया मुस्लिम दस दिन इमाम हुसैन का शोक मनाते हैं।
अब हम आपकों बताते है कि आखिर मुहर्रम का त्योहार क्यों मनाया जाता है। तो इसके लिए इसके इतिहास में जाना होगा। इस्लाम की तारीख में पूरी दुनिया के मुसलमानों का प्रमुख नेता यानी खलीफा चुनने का रिवाज रहा है। ऐसे में पैगंबर मोहम्मद के बाद चार खलीफा चुने गए। लोग आपस में तय करके किसी योग्य व्यक्ति को प्रशासन, सुरक्षा इत्यादि के लिए खलीफा चुनते थे। जिन लोगों ने हजरत अली को अपना इमाम (धर्मगुरु) और खलीफा चुना, वे शियाने अली यानी शिया कहलाते हैं। शिया यानी हजरत अली के समर्थक। इसके विपरीत सुन्नी वे लोग हैं, जो चारों खलीफाओं के चुनाव को सही मानते हैं।
तो वही दूसरी तरफ मोहम्मद साहब की वफात के लगभग 50 वर्ष बाद इस्लामी दुनिया में घोर अत्याचार का समय आया। मक्का से दूर सीरिया के गवर्नर यजीद ने खुद को खलीफा घोषित कर दिया। यजीद की कार्यपद्धति बादशाहों जैसी थी। तब इस्लाम इसका आदी नहीं था। इस्लाम में बादशाहत की कल्पना नहीं है। जमीन-आसमान का एक ही 'बादशाह' अल्लाह माना जाता है। मक्का में बैठे पैगंबर मोहम्मद के नाती इमाम हुसैन ने यजीद को खलीफा मानने से इनकार कर दिया।
गौरतलब है कि ताजिए के नीचे से गुजरना और उसका दर्शन लोगों के लिए धार्मिक मान्यता अनुसार काफी शुभ माना जाता है, जिसके चलते मोहर्रम पर ताजिए के दर्शन करने बड़ी संख्या में मुस्लिम धर्मावलंबियों के अलावा हिन्दु धर्मावलंबी भी पहुंचते हैं।
नीचे की स्लाइड्स में पढ़िए, खबर से जुड़ी अन्य जानकारियां -
खबरों की अपडेट पाने के लिए लाइक करें हमारे इस फेसबुक पेज को फेसबुक हरिभूमि, हमें फॉलो करें ट्विटर और पिंटरेस्‍ट पर-
Next Story
Top