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पहली बार 26 जनवरी की परेड में हिस्सा लेगा ''तेजस'', कांपेंगे दुश्मन

यह पहला ऐसा मौका होगा जब तेजस परेड के फ्लाई पास्ट का हिस्सा बनेगा।

पहली बार 26 जनवरी की परेड में हिस्सा लेगा
नई दिल्ली. देश के पहले स्वदेशी हल्के लड़ाकू विमान (एलसीए) तेजस की 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस परेड में होने वाली उड़ान से सीमा पार बैठे दुश्मन थरथर कांपेंगे। यह पहला ऐसा मौका होगा जब तेजस परेड के फ्लाई पास्ट का हिस्सा बनेगा। रक्षा क्षेत्र के पीएसयू हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) द्वारा विमान को बनाया गया है।
बीते वर्ष इसे उड़ान संबंधी शुरूआती मंजूरी मिली है, जिसे आइओसी कहते हैं। जल्द ही अंतिम मंजूरी यानि एफओसी भी मिल जाएगी। एफओसी के साथ ही विमान शत-प्रतिशत मारक क्षमता हासिल कर लेगा। परेड में वायुसेना के दस्ते में तीन खास बिंदु देखने को मिलेंगे। इसमें पहले हिस्से में अलग-अलग विमानों का फ्लाई पास्ट होगा, दूसरे हिस्से में वायुसेना की झांकी और तीसरे हिस्से में बल के जवानों का पैदल दस्ता राजपथ पर लेफ्ट-राइट कदमताल (मार्च) करता हुआ नजर आएगा।
फ्लाई पास्ट में होंगे 30 विमान
यहां इस बाबत आयोजित संवाददाता सम्मेलन में वायुसेना के अधिकारी ग्रुप कैप्टन विक्रम पाठक ने कहा कि फ्लाई पास्ट में कुल करीब 30 विमान शामिल होंगे। इसमें 10 हेलिकॉप्टर, 4 परिवहन विमान और 19 लड़ाकू विमान शामिल होंगे। फ्लाई पास्ट की शुरूआत वायुसेना के 4 मी-17 हेलिकॉप्टरों के साथ होगी। यह अपने साथ राष्ट्रीय ध्वज और तीनों सेनाओं के ध्वज लेकर राजपथ के आसमान में प्रवेश करेंगे। इसके बाद थलसेना के तीन धु्रव हेलिकाप्टर उड़ान भरते हुए नजर आएंगे। फ्लाई पास्ट के दूसरे हिस्से में वायुसेना के मी-35 हेलिकॉप्टर परेड स्थल की ओर बढ़ेंगे। इसके बाद 4 परिवहन विमान (तीन सी-130जे सुपरहरक्यूर्लिस विमान, एक सी-17 विमान) और 16 लड़ाकू विमान (तीन तेजस, पांच जेगुआर, पांच मिग-29, तीन सुखोई-30एमकेआई) राजपथ के आसमान को अपनी मारक ध्वनि और अनोखे करतबों से गूंजायमान कर देंगे। वायुसेना के दस्ते में डीआरडीओ का एडब्ल्यूसी विमान भी शामिल होगा।
झांकी में डिजीटल इंडिया की झलक
विंग कमांडर संजीव वर्मा ने कहा कि वायुसेना की झांकी की थीम ‘एयर डॉमीनेंस थ्रु नेट सेंट्रिक आॅपरेशंस’ है। यह केंद्र के डिजीटल इंडिया अभियान से प्रेरित है, जिसमें आपात स्थिति के दौरान वायुसेना के तमाम विमानों के अ•िायान आसमान में सेटेलाइट और ग्राउंड पर मौजूद कम्युनिकेशन केंद्र के अधिकारियों द्वारा नियंत्रित करते हुए दिखाया जाएगा। इसकी खास बात यह है कि इसमें विमानों को बिना ग्राउंड पर ब्रीफिंग लिए हुए ही हवा में एक-दूसरे को डेटा और चित्रों का आदान-प्रदान करने की जानकारी दी जाएगी। यह प्रक्रिया युद्ध जैसी आपात स्थिति में विमानों को हवा में ही मिशन के काम आएगी। झांकी में एक झलक बल के बेड़े में जल्द ही युद्धक भूमिका में शामिल होने वाली तीन महिला अधिकारियों की भी होगी।
पैदल दस्ते, बैंड के आकर्षण
एयर कोमोडोर कंवल वली ने कहा कि बल का पैदल दस्ता कुल 148 लोगों का होगा। इसमें 144 एयर वॉरियर और 4 अधिकारी शामिल होंगे। इन्हें परेड में मार्च करने के लिए विशेष रूप से चयन किया गया है। ये सभी 12 पंक्तियों और 12 कॉलम में कदमताल करेंगे। दस्ते की अगुवाई स्क्वॉड्रन लीडर अरल सिंह शेखों करेंगे। उन्हें तीन महिला अधिकारी सहायता देंगी। इसमें तृप्ति चतुर्वेदी, एस.एस.मैत्री, दश्या नाथ शामिल हैं। वायुसेना के बैंड दस्ते में कुल 75 संगीतकार होंगे। इसकी अगुवाई जूनियर वारंट अधिकारी अशोक कुमार करेंगे।
सबसे पहले यह दस्ता सेनाआें के सुप्रीम कमांडर यानि राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को नेशनल सैल्युट करेगा और फिर अपनी मनमोहक धुनों से राजपथ की फिजाओं में मधुरता की मिठास घोलता हुआ नजर आएगा। पैदल दस्ता राजपथ से लालकिले तक 14 किलोमीटर तक के मार्ग पर मार्च करेगा। बैंड 26 से 31 जनवरी को लालकिले में होने वाले भारतपर्व कार्यक्रम में भी भाग लेगा। यहां ये मार्शल म्युजिक से लेकर बॉलीवुड की धुनें और राष्ट्रभक्ति के गीत दशकों को सुनाएंगे। इसके अलावा केंद्र के ‘नो आॅफ योर फोर्सेज’ कार्यक्रम के तहत कर्नाट प्लेस के सेंट्रल पार्क में भी बैंड की परफारमेंस होगी।
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