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स्वाति मालीवाल ने पूछा, जीबी रोड के वेश्यालयों के मालिक कौन?

वेश्यालयों के वास्तविक मालिकों का पता लगाने के लिए स्वाति मालीवाल ने की बैठक

स्वाति मालीवाल ने पूछा, जीबी रोड के वेश्यालयों के मालिक कौन?

नई दिल्ली. दिल्ली महिला आयोग (डीसीडब्ल्यू) की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने शनिवार को पुलिस, सरकार और नगर निकाय के अधिकारियों के साथ बैठक की और उनसे कहा कि जीबी रोड पर वेश्यालयों के वास्तविक मालिकों की पहचान की जाए, जो कानून लागू करने वाली एजेंसियों से बच रहे हैं। डीसीडब्ल्यू के एक अधिकारी ने कहा कि मालीवाल के संज्ञान में लाया गया कि दिल्ली पुलिस को वेश्यालय के सही मालिकों का पता लगाने में कठिनाई आ रही है।

अधिकारी ने कहा कि, कानून के मुताबिक अगर किसी नाबालिग को वेश्यालय से बचाया जाता है तो इसे बंद कर दिया जाना चाहिए और मालिकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करनी चाहिए। बहरहाल जीबी रोड के मामले में मालिकों का पता नहीं है। उन्होंने कहा कि, इसलिए उन लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाती है जिनकी पहचान 'प्रबंधक' के तौर पर होती है जिनमें अधिकतर यौनकर्मी हैं और वेश्यालयों में लंबे समय से रह रही हैं।
संदेह है कि वेश्यालय के असली मालिक बड़े पैमाने पर मानव तस्करी करते हैं व्यवस्था से बचे रहते हैं। कमला मार्केट के नवनियुक्त एसएचओ राकेश कुमार ने डीजेबी, उत्तर दिल्ली नगर निगम, बीएसईएस यमुना पावर लिमिटेड और सब रजिस्ट्रार को पत्र लिखकर इन वेश्यालयों के असली मालिकों का पता लगाने को कहा है। मध्य जिला के रजिस्ट्रार कार्यालय ने एसएचओ को सूचित किया है कि जब तक संपत्ति के लेन-देन का ब्यौरा मुहैया नहीं कराया जाता है वे मालिकों के नाम का पता नहीं लगा पाएंगे।
अधिकारी ने कहा कि बीएसईएस ने एसएचओ को सूचित किया कि बिजली कनेक्शन के मालिकों का रिकॉर्ड मौजूद नहीं है और पुराने हैं जो उनके कार्यालय में कहीं पड़े हुए हैं। डीसीडब्ल्यू अध्यक्ष ने अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (मध्य), सब डिविजनल मजिस्ट्रेट 'एसडीएम', दिल्ली जल बोर्ड, बीएसईएस, एमसीडी, दिल्ली पुलिस और एनजीओ प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर मुद्दे पर चर्चा की।
रैली के माध्यम से छात्राओं ने दिया संदेश
समाज में प्रति जागरूकता लाने के लिए अंतर्राष्ट्रीय मासिक धर्म स्वच्छता दिवस के अवसर पर शनिवार को स्कूली छात्राओं ने रैली निकाली। सच्ची सहेली नामक संस्था के सहयोग से आयोजित हुए इस रैली को महिला एवं बाल विकास मंत्री संदीप कुमार ने राजीव चौक मेट्रो स्टेशन से हरी झंडी दिखा कर रवाना किया। रैली के बाद इस विषय पर एनडीएमसी कन्वेंशन सेंटर में संगोष्ठी का आयोजन भी किया गया। संगोष्ठी को संबोधित करते हुए दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने कहा कि इस विषय पर छात्राओं को खुलकर बात करनी चाहिए।
अपने अनुभव को साझा करते हुए उन्होंने कहा कि इस विषय पर वह स्वतंत्र रूप से और बिना किसी हिचकिचाहट के बात करती रही है। जल मंत्री कपिल मिर्शा ने कहा कि इस विषय पर समाज में छोटे स्तर पर चर्चा होनी चाहिए। हमें बच्चों पर सामाजिक दबाव नहीं देना चाहिए। हमें बच्चों के साथ खड़े होकर उन्हें जागरूक कर उनकी मदद करनी चाहिए। मासिक धर्म चक्र से जुड़े मामले को वर्जित करने के लिए नहीं कहना चाहिए। इस मौके पर दिल्ली मेडिकल काउंसिल की अध्यक्ष डॉ अरुण गुप्ता ने कहा कि भारत में इस विषय को लेकर अंधविश्वास और गलत धारणा है कि इससे आसपास के लोग प्रभावित होते हैं।
आंकड़ों को देखे तो भारत में करीब 23 फीसदी लड़कियां इसी कारण से स्कूल छोड़ने के लिए मजबूर होती है। मासिक धर्म प्रक्रिया के दौरान 12 से 18 वर्ष की छात्राएं ज्यादा प्रभावित होती हैं। अध्ययन बताते हैं कि स्कूल में छात्राओं की अनुपस्थिति का बड़ा कारण रहा है। हमें इसकी परवाह किए बिना समाज के इस बंधन को दूर करना होगा। इस मौके पर आए अधिकतर डॉक्टरों ने कहा कि छात्राओं को इस मुद्दे पर एक जुट होकर संघर्ष करना होगा। उन्होंने नारा दिया कि तू बोलेगी, मुंह खोलेगी तभी जमाना बदलेगा। कार्यक्रम के दौरान दिल्ली विधानसभा की उपाध्यक्ष बंदना कुमारी, विधायक अलका लांबा सहित अन्य गणमान्य लोगों ने अपने विचार रखे।
खास बातें
-अंतर्राष्ट्रीय मासिक धर्म स्वच्छता दिवस पर रैली का आयोजन
-रैली में तू बोलेगी, मुंह खोलेगी तभी जमाना बदलेगा का दिया संदेश
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