Top
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

UGC के बाहर धरना दे रहे छात्रों से दिल्ली पुलिस ने की अभद्रता

नॉन नेट एम फिल- पीएचडी स्टूडेंट्स की स्कॉलरशिप्स बंद किये जाने के बाद से शुरू हुए इस आंदोलन को करीब 42 दिन हो गए हैं।

UGC के बाहर धरना दे रहे छात्रों से दिल्ली पुलिस ने की अभद्रता
नई दिल्ली. विश्वविद्यालय अनुदान आयोग(UGC) के दफ्तर के बाहर धरना दे छात्रों के साथ मंगलवार रात दिल्ली पुलिस ने बदसलूकी की। छात्रों ने इस घटना का एक वीडियो भी फेसबुक पर पोस्ट किया है। छात्रों का आरोप है कि धरना स्थल अपर मौजूद लड़कियों से भी पुलिस के जवानों ने बदसलूकी की। पुलिस से जब कार्रवाई के लिए लिखित आदेश की कॉपी मांगी गई तो उन्होंने वह दिखाने से इनकार कर दिया। बता दें कि नॉन नेट एम फिल- पीएचडी स्टूडेंट्स की स्कॉलरशिप्स बंद किये जाने के बाद से शुरू हुए इस आंदोलन को करीब 42 दिन हो गए हैं।
इस मामले में जेएनयू के ही छात्र सुयश सुप्रभ ने अपनी फेसबुक वॉल पर लिखा है......
आपके देश में शोध इसी तरह सड़क पर गिरा हुआ है। पुलिस की लाठियों से घिरा हुआ। आज सुबह इसी शोध को यूजीसी मुख्यालय के सामने सड़कों पर घसीटा गया। सोई हुई लड़कियों के कंबल हटाए गए और ऐसा करते समय पुलिस ने वीडियोग्राफ़ी भी की। यह निजता के अधिकार का घिनौना उल्लंघन है। पुलिस ने मोबाइल, लैपटॉप आदि को भी नुकसान पहुँचाने की कोशिश की। नींद से इस तरीके से जगाने के बाद अस्तव्यस्त कपड़ों में पुरुष पुलिसकर्मियों की उद्दंडता का सामना कर रही आंदोलनकारियों को हमारा नैतिक समर्थन मिलेगा या नहीं? देश की राजधानी में लड़कियों को सड़क पर घसीटते हुए धरनास्थल से हटाया जाता है और कहीं कोई हंगामा नहीं होता। पाँच बार लाठीचार्ज का सामना करने के बाद भी जो लड़कियाँ धटनास्थल पर जमी हुई हैं उनकी हिम्मत से पैदा हुई नैतिकता से देश चलता है न कि शब्दों की जुगाली करने वाली राष्ट्रवादी देशभक्ति से। Aparajitha Raja, Anubhuti Agnes Bara और दूसरी साथियों को चोट लगी है। साथी Birendra Kumar भी घायल हुए हैं। ऐसे समय में आप सबके सहयोग की ज़रूरत है। अधिक से अधिक संख्या में धरनास्थल पर पहुँचिए। जो वहाँ नहीं जा सकते हैं वे इस संदेश को फैलाने में सहयोग करें। कुछ कीजिए वरना किसानों की आत्महत्या वाला देश आने वाले समय में विद्यार्थियों की आत्महत्या वाला देश भी बन जाएगा।
खबरों की अपडेट पाने के लिए लाइक करें हमारे इस फेसबुक पेज को फेसबुक हरिभूमि, हमें फॉलो करें ट्विटर और पिंटरेस्‍ट पर-
Next Story
Top