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दिल्ली: रेस्त्रां ने गरीब बच्चों को खाना खिलाने से किया मना

मनीष सिसौदिया ने डीएम को मामले की जांच कर 24 घंटे में रिपोर्ट सौंपने को कहा है।

दिल्ली:  रेस्त्रां ने गरीब बच्चों को खाना खिलाने से किया मना
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नई दिल्ली. दिल्ली के कनॉट प्लेस में एक रेस्त्रां में खाना खाने गए आर्थिक रूप से कमज़ोर बच्चों को एंट्री नहीं दी गई। आरोप है कि शनिवार की रात को शिवसागर नाम के एक रेस्त्रां ने यह कहते हुए बच्चों को एंट्री नहीं दी कि अगर इन बच्चों को खाना खाने देंगे तो उनके दूसरे ग्राहक यहां नहीं आएंगे। इन बच्चों को रेस्त्रां ले जाने वाली महिला सोनाली शेट्टी का कहना है कि पुलिस को फोन कर इस मामले की शिकायत की गई है लेकिन बावजूद अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। साथ ही रेस्त्रां मालिक पर धमकी देने का आरोप भी लगाया गया है।
शेट्टी कहती हैं 'बहुत सालों पहले गांधीजी को किसी ने बाहर निकाला यह कहकर कि कुत्ते और भारतीयों का आना मना है। सौ साल बाद अमीर भारतीय का आना ठीक है लेकिन कुत्ते और गरीब भारतीय का आना अभी भी मना है।' शेट्टी बताती हैं कि 'मेरे पति का जन्मदिन था तो हम बाहर जो बच्चे पंखा और फूल बेचते हैं, उन्हें लेकर रेस्त्रां में गए तो यह कहते हुए हमें मना कर दिया गया कि बच्चों के कपड़े और चेहरा गंदा है।'
दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसौदिया ने डीएम को मामले की जांच कर 24 घंटे में रिपोर्ट सौंपने को कहा है। मनीष ने ट्वीट करके कहा कि 'यह बहुत ही अमानवीय है और अगर रेस्त्रां ने इस तरह काम किया है तो हम रेस्त्रां को इस तरह काम नहीं करने देंगे, उसका लाइसेंस भी रद्द करेंगे और साथ ही उचित कार्यवाही भी करेंगे।
जनसत्ता की खबर के मुताबिक, शिव सागर रेस्तरां ने महिला के आरोपों को नकारते हुए कहा कि उन्होंने बच्चों को प्रवेश की अनुमति दी थी लेकिन बाद में सर्व करने से मना कर दिया। उनका कहना है कि बच्चे रेस्तरां में तोड़-फोड़ कर रहे थे साथ ही दूसरे ग्राहकों को तंग भी कर रहे थे। रेस्तरां की कर्मचारी रोमा मल्होत्रा ने कहा, “एक रेस्तरां के तौर पर हमें यह अधिकार है कि हम ऐसे किसी को सर्विस देने से मना कर सकते हैं जिससे हमारे दूसरे ग्रहाकों को दिक्कत हो रही है।” सोनाली ने कहा है कि वो रविवार को शाम चार बजे और गरीब बच्चों को साथ लेकर रेस्तरां के सामने धरने पर बैठेंगी।
इस मामले में रेस्त्रां की पीआर अधिकारी रोमा मोहापात्रा कहती हैं 'यह फैसला लेने का हक़ तो हमारा ही है न कि अगर किसी बात से हमारे मेहमानों को असुविधा हो रही है तो हम उन्हें जाने के लिए कहेंगे और हमने वही किया। हमें नहीं लगता कि हमने कुछ गलत किया है।'
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