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निर्भया गैंगरेप मामला: सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा, हाईकोर्ट ने सुनाई थी मौत की सजा

दिल्ली हाईकोर्ट ने चारों दोषियों की मौत की सजा को बरकरार रखा था।

निर्भया गैंगरेप मामला: सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा, हाईकोर्ट ने सुनाई थी मौत की सजा
नई दिल्ली. निर्भया गैंगरेप मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला रिजर्व रख लिया है। इस केस में लोअर कोर्ट ने चार दोषियों मौत की सजा सुनाई थी। इसके बाद इस केस में दिल्ली हाईकोर्ट ने भी लोअर कोर्ट के फैसले को बरकरार रखा था।
सोमवार को कोर्ट में इस मामले की सुनवाई जस्टिस दीपक मिश्रा की अगुवाई वाली तीन जजों की बैंच ने की। कोर्ट ने दोनों पक्षों से अपने जवाब एक हफ्ते में कोर्ट को सौंपने को कहा हैं।
कोर्ट में बहस के दौरान दिल्ली पुलिस के वकील सिद्धार्थ लूथरा ने पीडिता के साथ की गई बर्बरता का हवाला देते हुए चारो आरोपियों को फांसी की सजा देने की मांग की हैं।
हालांकि सीनियर एडवोकेट राजू रामचंद्रन ने सम्भावना जताई हैं कि फांसी के बजाए उम्र कैद भी एक विकल्प हो सकता है। दोषियों के वकील एपी. सिंह और एमएल. शर्मा ने कहा कि कोर्ट को दोषियों को सजा सुनाते समय उनकी पारिवारिक पृष्ठभूमि और उनके युवा होने का भी ध्यान रखाना चाहिए।
इस मामले में कुल छह आरोपी थे। इनमे से एक राम सिंह नमक व्यक्ति ने जेल में आत्महत्या कर ली थी और एक दोषी नाबालिग था। इसलिए उसे बाल सुधार गृह भेज दिया था। लेकिन अब उसकी सजा पूरी हो चुकी है।
बता दें कि 6 दोषियों ने मिलकर 16 दिसंबर की रात को एक 23 वर्षीय पैरामेडिकल छात्र के साथ बस में गैंगरेप किया गया था। रेप और बर्बरता के बाद छात्र की सिंगापूर के ईगल हॉस्पिटल में इलाज के दौरान मौत हो गई थी। घटना के वक्त पीडिता के साथ उसका एक दोस्त भी था। उसके साथ भी दोषियों ने काफी मारपीट की थी।
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